चीन लागुपदार्थ की तस्करी का नयाँ गन्तव्य स्थल ।

काठमाडू, ८ मंसिर । नेपाल और तिब्बत को जोडने वाली नाका अब केवल तिब्बती शरणार्थीयों के आवत जावत के लिये नही रहकर अवैध धन्दा करने के लिये लागु पदार्थ तस्करी का मार्ग हो गया है ।
चीन की ओर तस्करी करते समय लागुऔषधी चरस सहित दो समूहों के ६ अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद यह रहष्य खुला है। तस्करों व्दारा इस धन्दा के लिये विशेष रुप से नेपाल–तिब्बत जोड्नेवाली चार नाकाओं का प्रयोग मे लाया जारहा है । प्रहरी के अनुसार तस्करों ने इस धन्दा के लिये सबसे ज्यादा सिन्धुपाल्चोक के तातोपानी नाका का प्रयोग करता है । इसके बाद रसुवा के केरुङ नाका का प्रयोग किया जाता है। तस्करों का प्रयोग होनेवाला तीसरा नाका है– संखुवासभा के किमाथांका । चौथा नाका के रुप मे सुदूरपश्चिम के अछाम होकर दार्चुला से तिब्बत जोड्नेवाली तिंकर नाका है ।
लागुऔषध कानुन कार्यान्वयन इकाई के एसएसपी नवराज सिलवाल के अनुसार तातोपानी नाका से लागुऔषध तस्करी होने का पिछली दो घटनाओं से प्रमाणित होता है । एसएसपी सिलवाल ने कहा कि प्राप्त सूचना के अनुसार रसुवा, संखुवासभा और अछाम से दार्जुला होकर भी लागु पदार्थ की  तस्करी होती है लेकिन इन  नाकाओं को प्रयोग करनेवाले  लागुपदार्थ अभी तक कोई भी नही गिरफ्तार हुआ है लेकिन हम अनुसन्धान कर रहें हैं।’ केरुङ, तातोपनी और तिंकर नाका इससे पहले रक्तचन्दन तस्करी अवैध रूप मे काठ, यार्सागुम्बालगायत जडिबुटी भी तस्करी होने का ‘ट्रान्जिट’के रूप मे चर्चित था ।
एसएसपी सिलवाल के अनुसार अन्तर्राष्ट्रिय बजार मे लागुपदार्थ तस्करी करके प्राप्तहोने वाले मूल्य अब चीन तस्करी करके ही प्राप्त होने के कारण तस्कर इसओर आकर्षित हो रहा है । उन।होने कहा ‘तस्कर लोकल मार्केट मे पाँच हजार रुपियाँ मे चरस प्रशोधन करता है, और वही लागुपदार्थ नाका मे पहुँचाने पर १५ हजार रुपियाँ मे बेचता है, इस कारण भी वे लोग चीन की तर्फ लागुपदार्थ तस्करी के लिये उत्साहित दिखतें हैं।’
इकाइ के तथ्यांकअनुसार १७ कात्तिक को तातोपानी नाका होकर तिब्बत की राजधानी ल्हासा की ओर लेजाने के लिये तैयारी अवस्था मे एक हजार ८० किलो चरेस सहित तीन अभियुक्तओं को गिरफ्तार किया गया था । खासा से सिगात्से होकर ल्हासा ले जाने के क्रम मे इनलोगों को चाल्नाखेल–९ से गिरफ्तार किया गया था । गिरफ्तार किये गये  मे मकवानपुर सरिखेत पलासे–६ के ३० वर्षीय डिलबहादुर मागर, महोत्तरी के २६ वर्षीय उमेश चौधरी और महोत्तरी के ही ४२ वर्षीय राजनन्दन साह है । इनलोगों की गिरफ्तारी के एक हप्ता बाद ही  २३ कात्तिक को महादेवस्थान–१ किसिपिडी से ५० केजी चरेस के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था ।  गिरफ्तार किये गये  मे धादिङ महादेवस्थान–६ के ३५ वर्षीय बहादुरसिंह स्याङ्तान, धादिङ दार्खा–२ के ४२ वर्षीय सर्वणबहादुर तामाङ और वहीं के ४३ वर्षीय अमर गुरुङ हैं। प्रहरी के अनुसार वे लोग भी तातोपानी नाका होकर खासा से सिगात्से होते हुये ल्हासा की ओर चरस तस्करी करने के क्रम मे था ।
दोनो लागुपदार्थ की घटनाओं का विश्लेषण करते हुये एसएसपी सिलवाल कहतें हैं  कि, ‘चीन लागुपदार्थ की तस्करी की नयाँ गन्तव्य स्थल के रूप मे दिख रहा है, इस व्यापार मे देश के कुछ बडे व्यक्ति की भी संलग्नता दिखती है ।

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