चुनाव प्रचार की घडी ! तू-तू मै-मैं की झडी

हमारे पडÞोसी देश भारत में हाल ही में सोलहवी लोकसभा के लिए चुनावी महापर्व सम्पन्न हुआ है । प्रचण्ड बहुमत से वीजेपी की विजय हर्ुइ है । नरेन्द्र मोदी देश के नए प्रधानमन्त्री बन चुके हैं । कांग्रेस बुरी तरह हारी है । आम आदमी पार्टर्ीीआप’ की झाडÞू ने अपनी ही पार्टर्ीीी पूरी तरह सफाई कर दी । हालांकि चुनाव के दरमियान आरोप-प्रत्यारोप की सियासत जोरों पर होती है, फिर भी एक बात बिल्कुल साफ है कि भारतीय लोकतान्त्रिक इतिहास में यह लोकसभा चुनाव शायद सबसे ज्यादा अभद्र भाषा के इस्तेमाल के लिए जाना जाएगा । सभी दलों के नेताओं ने निरंतर एक दूसरे के खिलाफ अभद्र शब्दों का जम कर इस्तेमाल किया । इस चुनावी महासमर में नेताओं के बोल बुरी तरह बिगडÞे । कांग्रेस के केन्द्रीय मन्त्रीगण भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पाए गए ।
भारत के वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी -नमो) सबसे ज्यादा निशाने पर रहे तो बदले में मोदी भी अपने विरोधियों के खिलाफ हमले करते निजीस्तर तक चले जाते थे । उन्होंने कांग्रेस के रक्षा मन्त्री ए के एंटनी और आम आदमी पार्टर्ीीे नेता अरविंद केजरी वाल को पाकिस्तान का एजेंट कहा । समाजवादी पार्टर्ीीे नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मन्त्री आजम खान ने मोदी को कुत्ते के बच्चे का भाई बताया तो तत्कालीन केन्द्रीय मन्त्री एवं कांग्रेस नेता बेनीप्रसाद वर्मा ने मोदी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सबसे बडÞा गुंडा करार दिया । उन्होंने राजनाथ सिंह को मोदी का गुलाम बताया ।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गान्धी ने मोदी की गुजरात सरकार पर आरोप लगाया कि वो किसानों की जमीन चुरा रही है । उन्होंने मोदी का नाम लिए बगैर कहा, वह नामी तानाशाह एडोल्फ हिटलर की तरह काम करते हैं । वैसे, मोदी राहुल को अक्सर शहजादा कहते रहे हैं और कहते हैं- जिससे अमेठी नहीं संभल पाया, वह देश क्या सम्भालेगा – उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गान्धी के खिलाफ इतालवी मरीन के मुद्दे को लेकर निशाना साधा । सोनिया गान्धी के दामाद, प्रियंका गांधी के पति रार्ँबर्ट वोड्रा के जमीनी सौदांे पर आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा था, ‘माँ-बेटे के पास एक हाईस्कूल पास जादूगर है, जिसने कुछ वर्षो में एक लाख से साढÞे तीन सौ करोडÞ की सम्पत्ति बना डाली ।’
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार इमरान मसूद ने मोदी को टुकडÞे-टुकडÞे करने वाला बयान देकर विवाद खडÞा किया । इस बयान को लेकर उन्हें जेल की हवा भी खानी पडÞी । उसी तरह तत्कालीन विदेश मन्त्री सलमान खर्ुर्शीद ने मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘हम तुम को -मोदी) लोगों की हत्या करने का आरोपी नहीं बता रहे हैं, हमारा आरोप है कि तुम नपुंसक हो ।’ तत्कालीन केन्द्रीय कृषि मन्त्री और राकापा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मोदी को मानासिक अस्पताल में उपचार कराने की जरूरत है । हद तो तब हो गई, जब शरद पवार जैसे भेटरन नेता ने अपने र्समर्थकों को कहा- एक बूथ में मतदान करने के बाद अंगूठे के निशान को मिटाकर दूसरे बूथ में जाकर मतदान करो । पवार की ऐसी बात सुन कर बेशरम ने भी शरम के मारे अपना मुंह छुपा लिया होगा ।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमन्त्री अजीत पवार पर आरोप है कि उन्होंने महाराष्ट्र के बारामती संसदीय क्षेत्र में अपनी चचेरी बहन एवं केन्द्रीय कृषिमन्त्री शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले का प्रचार करते हुए मतदाता को धमकाया कि यदि उन्होंने सुप्रिया के पक्ष में मतदान नहीं किया तो उनके यहाँ की पानी आपर्ूर्ति बंद कर दी जाएगी । आम आदमी पार्टर्ीीआप) के नेता और बेंगलूर मध्य से लोकसभा उम्मीदवार वी बालकृष्ण ने कहा है कि भाजपा एवं कांग्रेस दोनों भ्रष्ट हैं, तथा इनके शासन की शैली में बदलाव का कोई इरादा नहीं है ।
समाजवादी पार्टर्ीीे लोकसभा उम्मीदवार नाहिद हसन ने बहुजन समाज पार्टर्ीीबीएसपी) सुप्रिमो मायावती को बिना दूध देने वाली भैंस कह डÞाला । शामली में सभा को संबोधित करते हुए हसन ने मायावती पर निशाना साधते हुए कहा, ‘वो तो बिना दूध देने वाली भैंस हंै और सब को समझ लेना चाहिए कि बिना दूध देने वाली भैंस का क्या होता है ।’
कांग्रेस सरकार में रहे तत्कालीन केन्द्रीय नवअक्षय ऊर्जा मन्त्री डा. फारुक अब्दुल्ला ने कहा, ‘मोदी के प्रधानमन्त्री बनने पर देश में एक और विभाजन की आशंका दिखती है ।’ अमृतसर संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अरुण जेट्ली ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गान्धी ने प्रधानमन्त्री के पद को ‘बौना’ कर दिया है ।’ सोनिया ने पीएम पद की गरिमा गिर्राई है । इसी तरह केजरीवाल ने अमेठी में कहा था- ‘टूजी और कोलगेट से आया पैसा तो लेना मगर मुहर झाडू पर ही लगाना ।’
भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कहा था, ‘जो नरेन्द्र मोदी के खिलाफ हैं, उनका राजनीतिक मक्का मदीना पाकिस्तान में है । ऐसे लोग पाकिस्तान की ओर देख रहे हैं । ऐसे लोगों को चुनाव के बाद भारत में नहीं पाकिस्तान में जगह मिलेगी ।’ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, ‘भाजापा विकास नहीं, भ्रष्टाचारियों का माँडल है ।’ नरेन्द्र मोदी द्वारा ममता बनर्जी पर बोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाए जाने के बाद तृणमूल प्रमुख ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के हाथ खून से रंगे होतेे हैं, उन्हें देश के बारे में बात नहीं करनी चाहिए ।
विवादों में रहने और विवादित टिप्पणी करने वाले दिल्ली के पर्ूवमन्त्री और आम आदमी पार्टर्ीीे वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती एक अभद्र टिप्पणी पर वाराणसी में पीटे गए । उनकी पिर्टाई उस समय हर्ुइ, जब अस्सी घाट पर एक टीवी चैनल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में शीला दीक्षित को हराया है । यहाँ भी मोदी के मुँह पर झाडू चलेगा । इस टिप्पणी पर भाजपा र्समर्थक भडÞक उठे थे ।
संयुक्त प्रगतिशील गठबन्धन -संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गान्धी ने सासाराम के रेलवे मैदान में एक चुनावी सभा के दौरान विपक्षी पार्टर्ीीाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘जनता की आँखों में धूल झोंक रही है भाजपा ।’ पञ्जाब में मतदान से पाँच दिन पहले नरेन्द्र मोदी ने नाम लिए बगैर कहा, एक माँ ने पुत्रमोह में कांग्रेस एवं देश को बर्बाद कर दिया ।
महिलाओं को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में चुनाव अधिकारियों ने बडÞोदरा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मधुसूदन मिस्त्री पर कारवाई की थी । पत्रकारों से बातचीत के दौरान मिस्त्री ने भाजपा के नारे ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’, का जिक्र करते हुए पार्टर्ीीी सुषमा स्वराज से सवाल किया था कि क्या उन्होंने अपना मेडिकल चेकअप कराया है – भाजपा ने मिस्त्री के बयान को अश्लील व एक महिला की छवि को धूमिल करने वाला बताते हुए चुनाव आयोग में दी अपनी शिकायत में कांग्रेस नेता के खिलाफ कारवाही की मांग की थी ।
आम आदमी पार्टर्ीीेता शाजिया इल्मी ने मुसलमानों को धर्म निरपेक्षता छोडÞ कर साम्प्रदायिकता का दामन थाम लेने की सलाह दे डाली और खुद को भी उसी कतार में शामिल कर लिया, जिसकी वह निन्दा कर रही थीं । शाजिया ने यह बात किसी सभा में नहीं, बल्कि गुवाहाटी में मुस्लिम नेताओं के साथ एक बैठक में कही थी । जिसे वहाँ मौजूद किसी युवक ने मोबाइल में रिकार्ँड कर यू-ट्यूब पर अपलोड कर दिया । शाजिया इल्मी जैसी जिम्मेदार महिला से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती । इस तरह लोकसभा २०१४ के चुनाव प्रचार महारभात के दौरान नेताओं ने अपनी भाषाई शालीनता, शिष्टता, मर्यादा सब कुछ गंवा कर लोकतन्त्र का चीरहरण किया । खैर … । चुनाव की गहमागहमी में हर सियासतजदां को याद रखना चाहिए-
घाव तलवार के गहरे भी हों मिट जाते हैं
लफ्ज तो दिल में उतर जाते हैं, खंजर की तरह ।
किसी शायर ने शायद भारत की इसी बदहाल तस्वीर को देख कर ही लिखा होगा-
छेडिए इक जंग मिलजुल कर गरीबी के खिलाफ,
दोस्त मेरे ! मजहबी नगमात को मत छेडिÞए !!

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz