चेहरे के पीछे छिपी असलियत

एम.जे. गस्त

झलनाथ खनाल मंत्रिमंडल में अर्थ राज्यमंत्री बनाए गए डा. ल्हारक्याल लामा की नियुक्ति के समय सेही वो मीडिया की नजर में चढ गए । लामा की नियुक्ति के साथ ही पहले तो एमाले कार्यकर्ताओं ने उन्हे पहचानने तक से इंकार कर दिया । एमाले के पुराने-नए सभी कार्यकर्ताओ व नेताआं के लिए यह नाम बिलकुल नया था । लामा की राज्यमन्त्री के रुप में नियुक्ति के बाद उनके सभासद बनने की कहानी भी र्सार्वजनिक हो गई । और धीर-धीर मीडिया ने वो सारे  राज ढूँढ निकाले जिस वजह से लामा महज तीन वर्षो के राजनीतिक सफर में मंत्री तक बन गए ।
जिस तरह से लामा का मंत्री बनना आर्श्चर्यचकित कर रहा था उसी तरह उनका सभासद बनना भी कम आर्श्चर्यजनक नहीं था । बौद्ध होने के कारण उन्हें एमाले ने इसलिए सभासद बना दिया कि उन्होने एमाले फण्ड मे काफी पैसा जमा कर ाया था । एमाले  को टे  पर  सभासद बने  लामा ने  उसके  एक वर्षबाद ही पार्टर्ीीी औ पचारि क सदस् यता ग्रहण की थी । वै से  तो  सभासद बनने  के  बाद भी एमाले  के  कुछ ने ताओ ं ने  इसका कडÞा विर ो ध किया था । ले किन मंत्री बनने  के  साथ ही डा. लामा के  बार े  मे ं जो  असलियत सामने  आयी वह वाकई काफी चौ ंकने  वाली थी । मीडिया ने  लामा के  चे हर े  के  पीछे  छिपी असलियत को  जब एक एक कर  उजागर  कर ना शुरु किया तो  लो गो ं के  हो श उडÞ गए । मामला इतना बढÞ गया कि आखिर कार  प्रधानमंत्री को  उनसे  इस् तीफा ही ले ना पडÞा ।
डा. ल्हार क्याल लामा के  ऊपर  पाँच नामो ं पर  तीन दे शो ं की नागरि कता व पासपोर् ट र खने  का खुलासा हुआ । तिब्बती शर णार्थी के  रुप मे ं भार त प्रवे श कर ने  से  पहले  लामा का बचपन का नाम लाके ल शेर् पा था । ने पाली नागरि कता मे ं उनका नाम ल्हार क्याल लामा है  तो  ने पाली पासपोर् ट पर  उनका नाम मिष्टर  वाङचुक रि म्पो छे  है  । इसी तर ह भार तीय पासपोर् ट मे ं उनका नाम खे म्पो  छिमे  छिरि ंग औ र  तिब्बती शर णार्थी परि चय पत्र मे ं लामा छिमे  छिरि ंग नाम उल्ले ख है  । सिन्धुपालचो क से  २०५० माघ १८ गते  ली गई ने पाली नागरि कता मे ं ल्हार क्याल लामा नाम लिखा है  । इस नागरि कता प्रमाण पत्र पर  जिले  के  तत्का लीन प्रमुख जिला अधिकार ी ध्रुवर ाज वाग्ले  के  हस् ताक्षर  हुए ४८/६३७९८ नम्बर  के  नागरि कता मे ं लामा की जन्म मिति २०११ मंसिर  १३ गते  उल्ले ख है  । ०३४ साल के  आपसपास हे लम्बु मे ं किए गए नाबालक नाम दर्ता र े कार्ड मे ं उनका नाम लाके श शेर् पा है  । उस समय खुद को  १२ साल का दिखाकर  अपनी उम्र छिपाई थी ।
लामा ने  सन् २००० मे ं काठमांडू-६ बौ द्ध के  पते  पर  २९ जुलाई जन्ममिति दि खाकर  ने पाल के  विदे श मंत्रालय से  मिस् टर  वाङचुक रि म्पो छे  के  नाम पर  ११२१५८८ नम्बर  का पासपोर् ट लिया था । इसी तर ह लामा ने  भार त के  आसाम र ाज्य की र  ाजध ानी गुवाहाटी से  ‘ए’ २१२९८१२ नम्बर  का भार तीय पासपोर् ट १२ जुन १९९८ को  जार ी कर वाया था । जिसमे ं उनकी जन्ममि ति १ अक्टुबर  १९६५ दर्ज है  । लामा ने  तिब्बती नागरि क की है सियत से  १९६९ मे ं भार त के  मंसुर ी से  छिमे  छिरि ंग नाम से  शर णार्थी परि चय पत्र ले ने  का आर ो प भी है  । लामा के  खिलाफ फर्जी नागरि कता व पासपोर् ट र खने  सम्बंधी १० शिकायत गृह प्रशासन के  पास है  । ले किन अपने  प्रभाव से  लामा ने  उनपर  कभी कार्र वाही नहीं हो ने  दी । इतना ही नहीं उन सभी दस् तावे जो ं को  गृह मन्त्रालय से  ही गायब कर वा दिया जो  उनके  खिलाफ सबुत के  तौ र  पर  दिए गए थे  ।

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