जनकपुर खानेपानी संस्थान के कर्मचारी द्वारा बिना रकम काम नहीं करने का आरोप

कैलाश दास,जनकपुर, ३ जून |

नेपाल सरकार के स्वामित्व के अन्तर्गत खाने पानी संस्थान जनकपुर के लिए उपभोक्ताओं ने यह आरोप लगाया है कि उन लोगों से सेवा शुल्क के अलावा कई गुना ज्यादा शुल्क लिया जा रहा है ।

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उपभोक्ताओं के द्वारा ५६ सौ रसीद देने के बावजूद कुछ कथित कर्मचारियों द्वारा २५ से ३० हजार रुपये लेने का खुलासा किया गया है ।
लगभग एक महीने से खाने पानी का पाइप जोड़ने के लिए परेशान हुए व्यक्ति का काम तब हो जाता है जब वह रसीद में लिखे रकम से ज्यादा देने के लिए तैयार रहता है । कर्मचारी गड्ढ़ा खोदने के लिए भी ४००० रुपये ले रहे हैं । कार्यालय के कर्मचारी इस बात पर मोल भाव भी करते हैं । यह उपभोक्ताओं की शिकायत है ।
जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय शाह ने स्वयं कर्मचारियों के अभाव की शिकायत की है । वहाँ के कर्मचारी महेन्द्र महतो व स्टोर कीपर चौधरी ने पैसे के मामले में मोलभाव के पश्चात भी पाइप नहीं जोड़ा परन्तु प्रमुख जिल्ला अधिकारी दिलीप चापा गाई से शिकायत करने से यह काम तुरंत हो गया । शाह जी का कहना है कि बैंक से ऋण लेने के लिए इतने कागजातों की जरुरत नही होती जितने कि खाने पानी के पाइप लगवाने के लिए मागें जाते हैं पर पैसे देने पर यह काम तुरंत हो जाता है । खाने पानी की संस्था को वह भ्रष्टाचार का अखाड़ा बता रहे हैं ।
संस्थान के प्रमुख सुरेश कुमार का कहना है कि उन्हें कुछ भी जानकारी नही है व कर्मचारी न होने से काम में देरी हो रही है ।
पीने का पानी काले मटमैले रंग का व दूषित होने के कारण स्वास्थ्य में प्रत्यक्ष असर कारक हो सकता है ।
जनकपुर उप महानगरपालिका वडा नं ६ के मो. हैदर खान ने दूषि पानी की वजह से अपने घर में हैण्डपाइप ही लगवा लिया है । पानी के इस तरह की व्यवस्था से उपभोक्ता बहुत चिन्तित व परेशान हैं ।

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