जनकपुर में मधेशी मोर्चा का उद्घोष : अब आन्दोलन नही युद्ध होगा

janak1कैलास दास

जनकपुर, साउन १० । संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा का विरोध सभा जनकपुर में रविवार सम्पन्न हुआ है ।तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के धनुषा अध्यक्ष परमेश्वर साह की अध्यक्षता में हुआ ‘मधेश विरोधी मसौदा २०७२ विरुद्ध’ “विरोध सभा” के प्रमुख अतिथि महन्थ ठाकुर ने कहा प्रमुख चार दल द्वारा लाया गया अधूरा एवं अपूर्ण प्रारम्भिक मसौदा को मधेशी जनता कदापि स्वीकार नही करेगी । यह मसौदा सीमित व्यक्ति वा समुदाय के लिए मात्र तैयार किया गया है । मन्त्री, प्रधानमन्त्री एवं राष्ट्रपति बनने का इसमे चाल है जिसे मधेशी जनता मर सकता है परन्तु स्वीकार नही करेगा । २०६२÷०६३ का अन्तरिम संविधान विपरित कानून का उल्लंघन कर यह मसौदा लाया गया है ।

उन्होने यह भी कहा कि शक्तिशाली दल कहलाने वाला एमाओवादी, एमाले, काँग्रेस, फोरम लोकतान्त्रिक को मधेशी जनता ने मधेश में ‘राय संकलन’ क्रम में विरोध का स्वर देखकर मधेशी जनता की शक्ति दिख गयी होगी । अधिकार के लड़ाई के लिए कदापि पीछे न हटने के लिए उन्होंने सभी से आग्रह भी किया ।

संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने मोर्चा ने मसौदा फाड़ने का तर्क देते हुए कहा कि मधेशी जनता का ताकत का अन्दाज खस शासको को अभी तक नहीं पता चला है । विगत के आन्दोलन को अगर वह स्मरण करते तो मधेशी के प्रति विभेद नही होता । अगर पुनः मस्यौदा मधेशी, दलित, जनजाति, अल्पसंख्यक, मुस्लिम सहित के हित में नही आया तो मधेशी जनता मसौदा ही नही संविधान भी जारी करेगा उन्होंने कहा ।

सद्भावना पार्टी का अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने काँग्रेस—एमाले तो जन्मजात बेइमान है । तीसरा बेइमान एमाओवादी भी निकला जिन्होने मधेशी के साथ गद्दारी किया है । उन्होने कहा कि हम कुछ माँग नही रहे है विगत मे हुए समझौता के संविधान अनुसार संविधान आबे यही धारणा है । लेकिन चार दल ने १६ बुँदे सहमित के आधार पर लाए मसौदा देश से मधेश अलग करने की साजिस है । अगर पुनः मसौदा में सुधार नही हुआ तो संविधान सभा से राजिनामा देकर काठमाण्डू से रिस्ता तोड़ने की प्रतिबद्धता समेत जतायी । उन्होने सभी का अधिकार सुनिश्चित जैसा संविधान बने और देश में विकास हो यही मोर्चा की चाहना है । इस मसौदा से संविधान नही बनने का उन्होंने दावा भी किया ।

उसी प्रकार तराई मधेश सद्भावना के अध्यक्ष महेन्द्र राय यादव ने चार दलों द्वारा कथित मसौदा मधेश विरोधी है । यह मसौदा पहाड़ और मधेश का भूभाग बांटने की साजिश है । अगर साहस है तो मधेश के जिला में प्रारम्भिक मसौदा पर राय संकलन प्रहरी के घेराबन्दी में क्यों जनता के बीच होनी चाहिए । प्रहरी के घेरा बन्दी में राय संकलन कार्यक्रम रखकर जनता के उपर जिस प्रकार से लाठी प्रहार किया है इससे स्पष्ट होता है कि अब मधेश में आन्दोलन और संघर्ष नही युद्ध होगा । मधेश अब प्रदेश की लड़ाई नहीं देश की लड़ाई लड़ेगा ।

कार्यक्रम में संघीय समाज फोरम नेपाल की ओर से बनी सभासद् उर्मिला साह, धनुषा जिल्ला अध्यक्ष शेषनारायण यादव, सद्भावना के संजय सिंह सहित के वक्तागण ने अपने विचार रखे ।

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