जनकपुर मे मातृभाषा दिवस, ‘मैथिली के विकास पर जोड

DSC00189कैलास दास,जनकपुर, फागुन ९ । अन्तर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस विभिन्न कार्यक्रम के साथ आुज जनकपुर में मनाया गया ।
भूमिजा मानव अधिकार संघ एवं मैथिली साहित्य सभा मञ्च व्दारा आयोजित में सभा में वक्ताओं ने मैथिली भाषा के प्रति सरकार पर बिलकुल ही उदासिन होने का आरोप लगाया है । वक्ताओं ने कहा जब तक स्थानीय भाषा का विकास नही होगा तब तक स्थानीय क्षेत्र का भी विकास सम्भव नही है ।  समारोह शुक्रवार को जनकपुर चौक पर आयोजित किया गया था ।

कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेन्द्र प्रसाद विमल ने कहा कि मैथिली मातृ भाषा है और इसका विकास से यहाँ प्रत्येक क्षेत्र का विकास सम्भव है । इसके लिए सरकार पर दवाव सृजना करना पडेगा उन्होने कहा ।DSC00188

साहित्यकार नवोनारायण ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ अन्तराष्ट्रिय मातृभाषा दिवस में अमरचन्द्र अनिल, दिगम्बर झा, विजय दत्त मणि, रामअशिष यादव, रमेश रञ्जन झा, श्यामसुन्दर शशि, रोशन जनकपुरी सहित कइ वक्ताओं ने अपना अपना विचार रखा था ।

भुमिजा मानवअधिकार संघ के अध्यक्ष विजय दत्त द्वारा सञ्चालित मातृभाषा दिवस कार्यक्रम में कवियीत्री पुनम झा, मनोरमा कर्ण, विजय दत्त मणि प्रकाश झा, प्रकाश झा सहित कवियों ने मैथिली भाषा में कविता पाठ करके अधिकार की सुनिश्चिता दर्शाया है ।

DSC00185अन्तराष्ट्रीय दिवस के अवसर में जनचेतना अभियान नामक रङ्गमञ्च मैथिली नाटक मञ्चन भी किया गया है । नाटक में मिथुन प्रसाद, विकास, सपना, कर्ण सागर, विवेक अधिकारी, आलोक अधिकारी ने अभिनय किया है । नाटक का लेखन निर्देशन एवं प्रस्तुति सुनिल यादव (दमोदर) ने किया था । कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन मैथिली साहित्यकार सभा के अध्यक्ष प्रेम विदेह ललन ने किया था ।

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