जनकपुर मे सुशिल कोइराला का बैलगाडी यात्रा ।

कैलास दास,जनकपुर । सोमवार सब को बहुत ही आश्चर्य लगा जब नेपाली काँग्रेस का सभापति सुशिल कोइराला बैलगाडी पर चढकर किसी कार्यक्रम मे सहभागी होने जा रहा थे। प्रजातन्त्र के बाद हमेसा वायुमार्ग और कीमति सवारी पर सफर करने वाले नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष इसबार गावँ मे प्रयोग होनेवाली सबारी बैलगाडी पर सबार होकरपना गन्त्व्य स्थल तक पहुंचे ।धनुषा जिला के हठीपुर हडवाला ग्राम मे शहीद कामेश्वर कुशेश्वर के स्मारक अनावरन कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि रहे नेकाँ सभापति कोइराला काठमाडू से प्लेन से जनकपुर पहुंचे लेकिन आगे का रास्ता आसान नही था ।जनकपुर से करीब १० किलोमिटर रहे हडवाडा के ग्रामीण क्षेत्र मे पानी और किचड से रासताअवरुद्ध था तथा उन्हे बैलगाडी पर चढकर गन्तव्य स्थल तक जाना पडा । कोइराला जी कितने ही बडे नेता क्यो न हो लेकिन बेलगाडी पर सबसे छोटे नजर आ रहे थे ।कहते है ‘रोपेगो बबुल तो आम कहाँ पाओगे’ अर्थात नेपाली काँग्रेस का सबसे अधिक पकड के रुप मे धनुषा जिला रहा है। लेकिन प्रजातन्त्र के वाद नेपाली काँग्रेस की सत्ता रहने बावजुद भी धनुषा जिला मे किसी प्रकार के विकास नही हो पाया है ।वैसे यह दृष्य देखकर ग्रामीण क्षेत्र की जनता आश्चर्य के साथ दु:ख भी प्रगट कररही थी कुछ यूं अन्दाज मे की ग्रामीण जीवन किस प्रकार जिया जाता है कोइराला जी आवश्य समझ गये होगें । लेकिन यही प्रश्न जब पत्रकार सम्मेलन मे कोइराला जी से पूछा गया तो उन्होंने बडी चतुरता पुर्वक कह डाला कि ‘इससे पहले भी हम कई बार बैलगाडी पर सवारी कर चुके है । इसमे आश्चर्य की कोर्इ बात नही है ।’ शायद कोइराला जी इस यात्रा को मनोरञ्जन मे रुप मे लिये होगें किन्तु धनुषावासी उन्हे जिला मे कितने विकास हुआ उसे अवगत करने की दृष्टी से पुछा था ।

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