जलेश्वर कारागार में पुस्तकालय, बन्दी को साहित्य व मनोरंजन पढना पसन्द

विजेता चौधरी, जलेश्वर, महोत्तरी, चैत्र  ९ |
कारागार को सुधारगृह मे परिणत करने का प्रयास को मूर्तरुप देने के लिए जलेश्वर कारागर के बन्दी अध्यपन कर सके इसके लिए वहाँ पुस्तकालय की स्थापना की गई है ।

jaleswor mahadev
जेलर देवीराम भट्टराई ने बताया– जिला विकास समिति महोत्तरी के सहयोग में कारागर के भितर स्थापित उक्त पुस्तकालय प्रती बन्दी–कैदियों की अप्रत्यासीत रुचि देखने को मील रही है । उन्होने बताया कि जेल के कैदीयों को अध्यन–अध्यापन के तरफ आर्कर्षित करना तथा कारागर को सकभर सुधारगृह मे परिणत करते हुए ले जाने के उद्देश्य के तहत ही मैने पुस्तकालय स्थापना का छोटा सा प्रयास किया है ।
धिरे धिरे व्यवस्थित हो रही उक्त कारागार लाइब्रेरी के अन्दर प्रत्येक साम को उत्साहित बन्दी–पाठकों की भीडभाड बढती जाती है । आइ सी आर सी नामक संस्था ने कुछ पुस्तक सहयोग स्वरुप प्रदान करने की बात बताते हुए जेलर भट्टराई ने कहा लाइब्रेरी में नेपाली व हिन्दी साहित्य के किताब, कहानी संग्रह, कविता संग्रह, उपन्यास, कानुन के कुछ पुस्तक, जीवनी, विज्ञान, शब्दकोष, मनोरंजनात्मक नारी पत्रीका व बाल पुस्तक के साथ ही प्राइमरी कक्षा के पुस्तक भी उपलब्ध है ।
जेलर भट्टराई से एक जिज्ञासा मे उन्होने कहा– बन्दीलोग प्रायः अपने जिम्मेबारी कार्य से निवृत हो के गपसप में विताने बाली खाली समय लाइब्रेरी में ही व्यतित कर रहें है । उन्होंने अध्ययन अध्यापन मे कैदियों को व्यस्त देख संतोष मिलने की बात भी जाहिर की ।
ज्यानकेश मुददा में कैद धनुषा जिला महेन्द्रनगर के रामनाथ यादव से किस प्रकार का पुस्तक पढने में आप की रुचि है पुछने पर उन्होने कहा – कविता संग्रह । यादव ने बताया खास हिन्दी व नेपाली कविता पढना अच्छा लगता है । अभी क्या पढ रहें है पुछने पर कैदी यादव ने कहा– नेपाली उपन्यास पढने का प्रयास कर रहा हूँ । इससे समय अच्छा कट जाता है ।
जेलर भट्टराई के नजर में भी बंदियों की खास रुझान कविता, कथा व मनोरंजनात्मक पत्रीका मे होने की बात बतायी । उन्होने कहा महिलाए भी पठन मे रुचि ले रही हैं ।अपना नाम न बताने के शर्त में एक महिला कैदी ने कहा मुझे नारी व सहेली जैसे पत्रीका देखना व पढना अच्छा लगता है ।
जलेश्वर कारागार भीतर २ सय ७५ बन्दी है । जिस में १७ महिला एवम् बाँकी पुरुष कैदी है । बन्दी मे अधिकांश साक्षर है कहते हुए भट्टराई बताते है कई बन्दी स्नातक व स्नातकोत्तर भी है जो लाइब्रेरी मे अधिक समय व्यतित करते है ।
जेलर भट्टराई ने पुस्तकालय मे और पुस्तक की व्यवस्था कर उसे वृहत व व्यवस्थित करने की अपनी महत्वकांक्षा होने की बात बताई ।

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