जानलेवा बीमारी टीवी का नया इलाज खाेजा गया

३० दिसम्बर

 

जानलेवा बीमारी टीबी (तपेदिक) का और प्रभावी तरीके से इलाज संभव हो सकेगा। वैज्ञानिकों ने टीबी संक्रमण के खिलाफ नए उपचार की तलाश में एक नया तत्व खोज निकाला है। यह इस रोग के कारक यानी बैक्टीरियम (जीवाणु) की झिल्ली को बनने से रोकता है। जर्मनी की म्यूनिख टेक्निकल यूनिवर्सिटी और अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि यह तत्व कम सांद्रता में भी प्रभावी पाया गया है। जबकि एंटीबायोटिक के साथ यह 100 गुना तक ज्यादा प्रभावी हो सकता है।  टीबी संक्रमण के उपचार में सबसे बड़ी चुनौती एंटीबायोटिक को लेकर बढ़ती प्रतिरोधी क्षमता है। टीबी के रोगाणु मायकोबैक्टीरियम की बाहरी झिल्ली में लिपिड की दोहरी परत होती है जो बाहरी अवरोध के तौर पर काम करती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बीटा लैक्टोन ईजे120 इस क्षमता को रोक सकता है और यह प्रभावी तरीके से उन्हें खत्म भी कर सकता है। शोधकर्ता स्टीफन ए सिबेर ने कहा कि सामान्य एंटीबायोटिक वैनकामयसिन और ईजे120 एक साथ बेहतर काम कर सकता है।

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