जिले का बदनाम गा“व

विनय दीक्षित:विद्यार्थीयों का अपहरण, जिले में विर ोध पर््रदर्शन, विद्यार्थीयों की विभत्स हत्या, दो दर्जन अपराधी, घटना में हाइप्रोफाइल की मिलीभगत, और फिर अचानक चर्चा शुरु हर्ुइ इन्द्रपुर गाँव का। नेपालगन्ज नगरपालिका के पश्चिमी नाकें से जुडÞा हुआ यह गाँव एक बडÞी और दर्दनाक घटनाको लेकर चर्चे में आया। दो वर्षपहले स्कूली विद्यार्थी लीलाधर भट्ट और कपिल द्विवेदी का अपहरण तथा हत्या मामले में संलग्न इन्द्रपुर निवासी आदर्श उर्फमेराज र्साईं के कारण पूरा गाँव कलंकित हुआ।

लोग यह भी कहने से नहीं चूके कि इन्द्रपुर अपर ाधियों का गाँव है। वहाँ के लोग अभी तक इस बदनामी के दाग को साफ करने में प्रयासरत हैं। विद्यार्थीयों का अपहरण और हत्या मामले में सिर्फअपराधियों को ही सजा नहीं मिली, बल्कि वहाँ सामान्य पेशा और ब्यवसाय से जुडे लोगों को भी अपना पता बताने में हीन भावना नजर आने लगी। घटना म ंे मख्ु य आरापे ी आदशर् उर्फ मरे ाज सार्इकर्ं ा े बाकँ े जिला अदालत न े ७८ वषर् कदै की सजा सनु ार्इ ह,ै ले िकन फिर भी अभी दजर्न ा ंे लागे एसे े ह,ंै जिनकी घटना म ंे सलं ग्नता थी, पु िलस न े उन्ह े अपनी वान्टडे लिस्ट म ंे रखा ह ै ले िकन गिर फ्तारी के लिए अपेक्षित प्रयास होते नजर नहीं आ रह।े गावँ क े लागे ा ंे न े बताया कि हत्या मामल े ने इतना शर्मशार बना दिया है कि बाहर अगर कोई पता पूछे तो गांव का नाम बदलकर बताना पडतÞ ा ह।ै अपराध म ंे सलं ग्न सार्इर् ं ता े अपनी किए की सजा काट रहा ह ै ले िकन स्थानीय लागे ा ंे का े भी अपना पता छिपाना किसी सजा से कम नहीं है।

हिमालिनी ने पूरे दो साल बाद उस गाँव का जायजा लिया, और जानने की कोशिश की ह ै कि आपराधिक मामला ंे म ंे कितना अब्बल ह ै इन्दप्र रु । यहा ं सिर्फ अपराधिया ंे की तदाद ह ै या अच्छ े भल े लागे भी रहत े ह ंै – अगर ह ैं ता े उनकी दशा और दिशा क्या है – कैसा महसूस हअु ा उन्ह े क्राइम पा्र पे mाइल म ंे इन्दप्र रु का नाम समावेश होने से – शिक्षक पेशा में आवद्ध इन्द्रपुर-९ निवासी प्रताप सिंह ने कहा- अगर किसीको बताना पडÞे कि मैं कहाँ रहता हूँ तो मैं अपना पता नेपालगन्ज बताता हूँ। लिखित रूपमें देने के अलावा सभी स्थानों पर अपना पता बदलकर बताने की वजह है, इन्द्रपुर का बदनाम होना। स्थानीय स्तर में कोई अपराध होता है तो पुलिस का सबसे पहला निशाना बनता है इन्द्रपुर गाँव। अपराध के मामले अव्वल मानकर पुलिस पहले इन्द्रपुर में र्सच करती है, सबूत और अपराधी न मिलने पर ही उसका ध्यान दूसरी ओर जाता है। पुलिस के इस रवैया से लोग अक्रोशित भी हैं, स्थानीय लोगों ने कहा कि जितना पुलिस समझती है उतना बदनाम नहीं है इन्द्रपुर।

लोगों का शिकायत है कि अच्छी चीजों को देरसे चर्चा मिलती है। लम्बे समय से इन्द्रपुर शनिवार साप्ताहिक बाजार के कारण भी चर्चित है। रमवापुर बजार के कारण इन्द्रपुर सिर्फजिला में नहीं बल्कि सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र में भी चर्चित है। इन्द्रपुर गाविस के हर गाँव में सडक, विजली, संचार और शिक्षा की पर्याप्तता के कारण जिले का मोडेल गाबिस बनाने की योजना है, ऐसा गाबिस सचिव नन्दकिशोर मिश्र ने बताया। उन्होंने स्थानीय स्तर में नामी और चर्चित ब्यक्तित्व की उपस्थिति के कारण ग्रामिणों को पथ पर््रदर्शक की उपलब्धता भी आसान बताया। वकील, अर्थशास्त्री, पत्रकार, शिक्षक तथा खेती के अच्छे जानकारों के कारण गाँव में विविधता नजर आती है। सचिव मिश्रा ने बताया- गाविस एक परिवार की तरह है जिस के कारण कोई एक ब्यक्ति भी गलती करता है तो बदनामी पूरे परिवार की होती है। उन्होंने बताया कि पूरा गाविस धान और तरकारी उत्पादन में प्रसिद्ध है जिस के कारण बेरोजगारी समस्या अन्य जगह की तुलना में बहुत कम है। इन्द्रपुर को मोडेल गाबिस के रूप में विकास करने के लिए विभिन्न मापदण्ड का अध्ययन भी हो रहा है। गाबिस के लेखापाल दीपेन्द्र कुमार पाण्डे ने कहा- गाबिस मेर्ंर् इंटा उद्योग, प्लाइउड, प्लाष्टिक, र्राईस जैसी कम्पनियाँ स्थापित होने के कारण लोगों को पर्याप्त रोजगार और विकास का आधार मिला

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