ठंड में बढ़ाव होने के बावजूद भी डेंगु के संक्रमण में कमी नहीं दिखी

विनोद विश्वकर्मा विमल, काठमांडू, 19 नवम्बर |

जिस रफ्तार से ठंड में भी डेंगु फैल रहा है, वह स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है । लगभग ७०० लोगों के फिलहाल इसकी चपेट में आने की खबर है । इनमें से ५५४ मामले चितवन से, ६० झापा से और बाकी काठमान्डू घाटी से सामने आए हैं ।

जिला जनस्वास्थ्य कार्यालय चितवन के भेक्टर कन्ट्रोल निरीक्षक राजकुमार के.सी के अनुसार चितवन में डेंगु सन् २०१० से ही संक्रमण के रूप में देखा गया है । चितवन में आ.व.२०६७÷०६८ में ५ लोगों की मौत और ७३९लोग प्रभावित हुए । आ.व.०६८÷०६९ में १ की मौत और ६८ लोग प्रभावित, आ.व.०६९÷में ५२, आ.व.२०६० में ३७१, आ.व.२०७१÷०७२में ११९ और आ.व.२०७२÷०७३ में ८५ लोग डेंगु से प्रभावित हुए । इसी प्रकार आ.व.२०७३÷०७४ में भाद्र से लेकर कार्तिक माह तक ५५४ लोग संक्रमित हुए हैं ।

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बहरहाल चितवन, झापा व काठमान्डू जिलों के स्वास्थ्यकर्मी के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है, क्योंकि वे अब तक इस पर काबू पाने में विफल रहे हैं । अमूमन यह बिमारी तराई जैसे अपेक्षाकृत गरम इलाकों में फैलती रही है, लेकिन अब इसका प्रकोप काठमान्डू जैसे ठन्डे क्षेत्रों में भी दिख रहा है । धनी आबादी, गंदी क्षेत्रों में रहने की मजबूरी और बड़ी संख्या में लोगों की ठंडे से गरम इलाकों में आवाजाही इसकी मूल वजह है । यह रोग एडिस एजिप्ट मच्छर के काटने से होता है । मच्छरजनित रोगों की गम्भीरता का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के एफिडेमियोलाजी एंड डिजीज कंट्रोल डिविजन ने झापा व चितवन जिलों में तीन मेडिकल टीमों को रवाना किया है । एक टीम पहले ही झापा में सक्रिय हो चुकी है, बीपी कोईराला इंस्टीच्यूट ऑफहेल्थ सर्विसेज के स्वास्थ्इकर्मी भी इस कार्य में जुटे हैं । एक अन्य टीम डेंगु से बुरी तरह प्रभावित चितवन जिले में काम कर रही है ।

इस रोग को काबू में करने के र्लि सघन और व्यापक अभियान की जरुरत है । तेज बुखार, सिरदर्द, आँखों में दर्द और लाल चकते इस रोग के खास लक्षण हैं । बहरहाल, ये मेडिकल टीम डेंगु के लार्वा की तलाश करने और उसे नष्ट करने के साथ साथ लोगों में जागरुकता फैलाने का काम भी करेगी । तमाम स्वास्थ्यकर्मियों, महिला सामुदायिक स्वास्थ्य सेविकाओं, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जनजागरण के अभियान से जोड़ा जा रहा है । अगर प्रभावित जिलों में डेंगु को काबू में करने के एहतियात कदम तत्काल नहीं उठाए नहीं उठाए गए, तो यह रोग महामारी की शक्ल ले सकता है । अनुमान है कि हजारों लोग डेंगु से प्रभावित हो सकते हैं और उनका वक्त पर ख्याल नहीं रखा गया, तो उनकी मौत भी हो सकती है । ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं को वब्त रहते सतर्क हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाय ।

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1 Comment on "ठंड में बढ़ाव होने के बावजूद भी डेंगु के संक्रमण में कमी नहीं दिखी"

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DrArun
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today also one patient diagnosed NS1Dengue in Bpkihs

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