डि.ए.भी. द्वारा ज्ञान और प्रौद्योगिकी के सतत विकास पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरु ( फोटो फीचर सहित )

काठमांडू, २४ मार्च । डि.ए.भी बिजेनेस स्कुल द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रिय शैक्षिक सम्मेलन शनिबार से शुरु हुआ है । व्यवस्थापन संकाय अध्ययनरत मास्टर लेभल के विद्यार्थी तथा शिक्षकों को लक्षित कर यह कार्यक्रम आयोजन किया गया है । जावलाखेल स्थित अपने ही स्कुल में आयोजित कार्यक्रम दो दिन (चैत्र १० और ११) तक जारी रहेगा । कार्यक्रम का उद्घाटन नेपाल राष्ट्र बैंक के गभर्नर डा. चिरञ्जिवी नेपाल ने किया है ।

Presidential Address By Anil Kedia on International conference Organized by DAV.

‘इन्टिग्रेटिङ नॉलेज एण्ड टेक्नोलॉजी फर सस्टेनबल डेभलपमेन्ट’ शीर्षक देकर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रमुख अतिथि डॉ. चिरिञ्जिवी नेपाल ने कहा है कि अर्थशास्त्र, टेक्नोलॉजी शिक्षा, समाज रुपान्तरण तथा विकास के लिए इसतरह का अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम होना जरुरी है । उनका यह भी मानना है कि अर्थतन्त्र को गतिशील बनाने के लिए दक्ष जनशक्ति की आवश्यकता है और वह जनशक्ति इसीतरह का कार्यक्रम और वर्कशप के द्वारा ही निर्माण हो सकता है ।
इसीतरह डीएभी स्कुल के डि.ए.भी द्वारा ज्ञान और प्रौद्योगिकी के सतत विकास पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरु तथा अध्यक्ष अनिल केडिया का भी कहना है कि अर्थशास्त्र, शिक्षा, उद्यमशीलता और व्यापार व्यवस्थापन की क्षेत्रों में सिर्जनात्मक विकास के लिए और दक्षता के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है । डीएभी स्कुल के निर्देशक डा. मनोजकुमार चौधरी ने भी कहा है कि सामाजिक–आर्थिक रुपन्तरण के लिए स्थानीय स्तरों से अन्तर्राष्ट्रिय स्तर तक की समस्या पहचान कर समस्या समधान के लिए कार्यक्रम एक ठोस दिशा तय कर सकती है । विशेषतः नेपाल का अर्थतन्त्र और शिक्षा की मजबूती के लिए सिर्जनात्मक, नवीनता, उद्यमशीलता और व्यापार व्यवस्थापन सम्बन्धी अभ्यास में योगदान के लिए यह कार्यक्रम आयोजित है ।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि डा. चिरञ्जीवी नेपाल, स्कुल के अध्यक्ष अनिल केडिया, निर्देशक डा. मनोजकुमार चौधरी, डा. पुस्करमान बज्राचार्य, डा. देवराज अधिकारी आदि वक्ताओं ने अपनी–अपनी धारणा व्यक्त की । कार्यक्रम में युरोप तथा दक्षिण एसियाली राष्ट्र से आए हुए प्रमुख अतिथि के साथ संबंधित विषयों में कार्यपत्र प्रस्तुत तथा विचार–विमर्श होने जा रहा है । सम्मेलन में भारत से आए प्रोफेसर डॉ. हिमेन्दु प्रसाद माथोर, फ्रान्स से आए प्रोफेसर डॉ. करिना जेनसेन, चीन से आए डॉ. याङ किजुन और नेपाल के अनिल चित्रकार का सम्बोधन विशेष है । वे लोग अपने–अपने देश के अनुभव सहित व्यापार व्यवसाय में कैसे सृजनात्मक प्रयोग और विकास किया जा सकता है, इसके बारे में कार्यक्रम में बोलने जा रहे हैं ।
कार्यक्रम में वक्ताओं की विचारों के साथ–साथ विद्यार्थियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होने जा रहा है ।
 
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