डेकेन्द्र मुद्दा को लेकर पत्रकार संगठन में विभाजन की स्थिति ।

काठमांडू । स्व पत्रकार डेकेन्द्रराज थापा सम्बन्धी मुद्दा को लेकर पत्रकार संगठन में विभाजन की स्थिति दिख रहा है । नेपाल पत्रकार महासंघ लगायत कुछ संघ–संगठन की सक्रियता में दो हफ्तो से जारी पत्रकारों का आन्दोलन के प्रति स्वयं पत्रकार महासंघ के महासचिव ओम शर्मा भी असन्तुष्ट दिखरहें हैं । सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोग का गठन, कृष्ण सेन का हत्यारा पर कारवाइ, बेपत्ता सम्बन्धी अध्यादेश जारी लगायत कुछ मांग रखते हुए क्रान्तिकारी पत्रकार संघ द्वारा मंगलबार काठमांडू में आयोजित विरोध न्याली में महासचिव शर्मा ने प्रश्न किया कि ‘महासंघ द्वारा जारी आन्दोलन में सिर्फ पत्रकार डेकेन्द्रराज थापा का विषय को ही क्यों प्राथमिकता दिया जा रहा है । इस में कृष्ण सेन लगायत कुछ पत्रकार का मुद्दा ने प्रथामिकता नहीं पाया है ।’ महासचिव शर्मा का कहना था कि अगर महासंघ ने सबों का भावना को नहीं समेटा गया तो वे महासंघ से वापस हो सकते हैं ।
इसी तरह अखिल नेपाल सञ्चार छापाखाना तथा प्रकाशन मजदुर संघ के अध्यक्ष जनक शर्मा ने कुछ एनजीओ तथा आइएनजीओ निकट व्यक्ति के द्वारा पत्रकार के मुद्दा पर राजनीतिकरण करने का दावा किया । कार्यक्रम में पत्रकार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश आचार्य, क्रान्तिकारी पत्रकार संघ के अध्यक्ष गोविन्द वर्तमान, राजनीतिक विश्लेषक नरेन्द्रजंग पिटर लगायत ने भी सभी पत्रकार को भौतिक सुरक्षा तथा आत्मसम्मान पर जोड देते हुए कहा कि राज्य तथा विद्रोही पक्ष से पीडित सभी पत्रकार को समान रुप में न्याय होना चाहिए, सिर्फ डेकेन्द्र थापा को ही नहीं ।
इसी तरह इधर सर्वोच्च अदालत ने पत्रकार डेकेन्द्रराज थापा हत्या के बारे में हो रहे अनुसन्धान आगे बढाने के लिए आदेश दिया है । प्रधानमन्त्री डा। बाबुराम भट्टराई के निर्देशन में महान्यायाधिवक्ता मुक्ति प्रधान ने थापा हत्या प्रकरण में हो रहे अनुसन्धान रोकने के लिए लिखित आग्रह किया था ।

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