तिलाठी दशगजा क्षेत्र के विवाद साम्य, तीन बुँदे सहमति, तत्काल बाँध नहीं बनाने को भारत राजी

सप्तरी, साउन १४
सप्तरी के भारतीय समिावर्ती गाविस तिलाठी स्थित दशगजा क्षेत्र में बाँध निर्माण के विषय को लेकर हुए विवाद के बाद नेपाल व भारत बीच तीन बुँदे सहमति कायम हुई है । भारतीय पक्ष ने नेपाल के सीमा में रहें नदी में तत्काल बाँध नहीं बनाने की बात पर सहमति जताई है । भारत के कुनौली में नेपाल व भारत के सुरक्षा अधिकारी बीच के हुए उक्त सहमति के बाद विवाद थमा है ।

kunaouli
गृहप्रवक्ता यादवप्रसाद कोइइराला से प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल भारत दानों देशों के स्थानीय अधिकारियों के बीच बातचित हुई थी । जिस में तत्काल बाँध नहीं बनाने तथा बाद में दानों देश के बीच प्राविधिक टोली बनाकर अध्ययन कर कें ही कोई कार्य आगे बढाने के उपर दोनों पक्षों के बिच सहमति हुई है ।
तीन बुँदा सहमति में कहा गया है,
१. खााडा नदी का धार परिवर्तन के कारण विवाद हुवा है, नदी के धार को पुराने स्थान से ही बहने के लिए च्यानलाइज किया जाए ।
२. दशगजा में गुम हुए सीमा स्तम्भ के खोजी के लिए दोनों देश के केन्द्रीय स्तर में पहल करने ।
३. तत्काल के लिए जलउत्पन्न प्रकोप के प्रमुख तथा भारतीय पक्ष जलशंसाधन के प्रमख के स.युक्त टोली द्वारा अध्ययन कर पेश किया गया प्रतिवेदन के आधार पर निर्माण कार्य करने तथा तत्काल बााध कार्य रोकाजाए ।
नेपाल के तरफ से सप्तरी के प्रमुख जिला अधिकार िबलदेव गौतम के नेतुत्व में प्रहरी उपरिक्षक भीमप्रसाद ढकाल, सशस्त्र पुलिस सीमा सुरक्षा कार्यालय राजविराज के प्रहरी नायव निरीक्षक निरकृष्ण अधिकारी लगायत के सुरक्षा अधिकारी वार्ता में सरिक थें । वहीं भारतीय पक्ष से सुपौल के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बैद्यनाथ यादव लगायत शसस्त्र बटालीन प्रमुख की उपस्थिति थीं ।
मजिस्ट्रेट यादव ने दशगजा घटना को दुःखद बताते हुए दोषी के उपर कारवाही करने की प्रतिवद्धता व्यक्त की । उन्होंने नेपाल भारत बीच का सम्बन्ध सदियों का है तथा उक्त सम्बन्ध कायम रहेगी बताया । यादव ने दशगजा समस्या के ठोस समाधान के लिए भारत गम्भीर है बताया ।
यद्यपि सहमति के पश्चात दशगजा क्षेत्र की स्थिति सामान्य व सहज बनती दिख रही है ।

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