तीन दल किसी भी हालत में अविश्वास के प्रस्ताव पारित करने पर अमादा

विजेता चौधरी, काठमाण्डू, साउन ७
कांग्रेस–माओवादी तथा मधेसी मोर्चा के संयुक्त बैठक ने अब किसी भी हालत में अविश्वास के प्रस्ताव पारित करवाने का निर्णय लिया है । कांग्रेस ने कहा है– अब हमारी माग प्रधानमन्त्री का राजीनामा नहीं वरण किसी भी हालत में अविश्वास के प्रस्ताव पारित करबाना है ।

sansad meeting with morcha
सहमति के लिये कहते हुए कांग्रेस के नेता रामचन्द्र पौडेल द्वारा दिया गया ४ विकल्प तथा उसी के इर्दगिर्द सहमति खोजने का प्रयास करने की बात नेताओं द्वारा बताए जान के बाद भी आज सुबह शुक्रबार बैठी नेका, माओवादी तथा मोर्चा सहित के बैठक ने पौडेल के उक्त प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए अविस्वास के प्रस्ताव पारित करवाने का निर्णय लिया है ।
इस निर्णय के साथ ही संसद में पुनः तनाव उत्पन्न होने का संभावना दिख रही है । यद्यपि संसद बैठक दोपहर २ बजे पुनः बैठेगी ।
यद्यपि सरकार विरुद्ध अविश्वास के प्रस्ताव दर्ता करवाने वाले नेका ताथ माओवादी ने प्रस्ताव में सहयोग करने के लिए मधेसी मोर्चा के साथ विचारविमर्श कर रही है । प्रतिपक्षी दानो दलों ने व्यवस्थापिका संसद में उपस्थित होकर अविश्वास के प्रस्ताव के पक्ष में समर्थन जनाने के लिये मोर्चा से आग्रह भी किया है ।
बहरहाल कांंग्रेस नेता विमलेन्द्र निधि ने बताया अविश्वास के प्रस्ताव पारित करने तथा सरकार गठन में मोर्चा ने सहयोग करने की बात बताई है । निधि ने स्पष्ट किया– लेकिन नई बनने वाली सरकार मोर्चा द्वारा उठाए गए मागों के विषय में स्पष्ट होने चाहिये ये उनका अडान है ।
यद्यपि प्रतिपक्ष दलों के नेता अविश्वास के प्रस्ताव पारित होने का दाबा कर रहें हैं । कांग्रेस संसदीय दल के कार्यालय में बैठी बैठक में माओवादी केन्द्र के नेता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने अब अविश्वास के प्रस्ताव किसी भी हालत में पारित होने का दावा किया है ।
नेता श्रेष्ठ ने कांग्रेस–माओवादी बीच हुए ७ बुँदे सहमति का पहला बुँदा में ही मधेस का माग संवोधन करने के विषय में उल्लेख किया गया है इसी लिए सरकार में गठबन्धन सहभागी होकर आगे कैसे बढा जाए इस विषय में विमर्श किया गया बताया ।
बैठक में कांग्रेस सभापति शेरबहादुर देउवा, नेकपा माओवादी केन्द्र के अध्यक्ष पुष्पकमल दहाल, संघीय समाजवादी फोरम के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव लगायत के नेता सहभागी थें ।
बहरहाल गठबन्धन के नेताओं ने अपने बैठक बैठने के बाद ही आधिकारिक धारणा बाहर लाने का जबाब दिया है ।
कांग्रेस तथा माओवादी ने अविश्वास के प्रस्ताव को ही आगे बढाने का निर्णय लेने पर एमाले ने जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया तो प्रतिकार करने का चेतावनी दिया है ।

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