तीन बुन्दें समझदारी पर तमरा अभियान की नाराजगी

जयप्रकाश गुप्ता, संयोजक, सावन १८ गते२०७३, तमरा अभियान का प्रेस विज्ञप्ति

jp gupta

मधेशी मोर्चा ने घोर अनैतिक, अतार्किक और जनता के प्रति कृतघ्न कार्य किया है । मोर्चा सत्ता में जाने के लिए नेपाली काँग्रेस और माओवादी केन्द्र के साथ समझदारी किया है । इस तीन बुन्दें समझदारी के विषय में चर्चा आवश्यक नहीं है । यह सत्ता समर्पण और मुद्दा विसर्जनवादी सोच, मधेशी मोर्चा में रहे सत्रालम्पट पार्टियों का घोर अनैतिक, अतार्किक और कृतघ्न कार्य हुआ है । तराई मधेश राष्ट्रीय अभियान इसे मधेशी के आत्मसम्मान समाप्त करने के लिए घोर अनैतिक कार्य मानता है । मोर्चा के इस कुकार्य की वजह से मधेश आन्दोलन में शहीद हुए और घायलों का अपमान समझता है । तमरा अभियान मधेशी मोर्चा के इस दुष्कार्य के प्रति अफसोस व्यक्त करता है । संविधान जलाना, संविधान के पुनर्लेखन की माँग करना और फिर उसी संविधान के अक्षरशः कार्यान्वय की प्रतिबद्धता के साथ प्रधानमंत्री के उम्मीदवार सुशील कोइृराला को वोट देना फिर प्र.मं ओली सरकार के विरुद्ध अविश्वास के प्रस्ताव में हस्ताक्षर कर के वोट देना, सर्वत्र की आलोचना को अनदेखा कर दूसरी सरकार के उम्मीदवार प्रचण्ड के लिखित प्रसताव का समर्थक बनना और उसके लिए मतदान करने का निर्णय करना इससे स्पष्ट होता है कि मधेशी मोर्चा आज के दिन में संसद भीतर का सत्ता पक्ष बना हुआ है । इतना होते हुए मोर्चा ने खुद को मधेशी जनता के लिए संघर्षरत बताया है यह अविश्वसनीय ही है । यह तो नंगा कर के कपडा लगाने जैसी बात है । मधेशी मोर्चा के और भी कुकृत्य और विभत्स अवसरवादी चरित्र अ ाना अभी बाकी है । मधेशी जनता को इसका मुल्याँकन करना ही होगा । इसका सही मुल्यांकन कर के ही मधेशी माँग को पूरा कराने की दिशा में बढा जा सकता है अन्यथा दासत्व हम खुद खोजेंगे और यही नियति होगी । तमरा अभियान मधेश के इन मोर्चा नामधारी गद्दारों को अब पहचान कर आगे की राह तय करने की अपील करता है ।

tmra

 

 

 

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