तीन महीने डीन और विभागीय प्रमुख की नियुक्त से त्रि.वि.वि. में अस्तव्यस्तता

t-u
काठमाडौं ,१ मंसिर, । पिछले समय में  डीन नियुक्ति और विभागीय प्रमुख की नियुक्ति अल्पकाल के लिए करने की प्रवत्ति के कारण  त्रिभुवन विश्वविद्यालय में अस्तव्यस्तता बढती गई है ।
तीन महीनों के लिए डीन और विभागीय प्रमुख की नियुक्त करने की परिपाटी ने कार्यव्यवस्था को प्रभावित किया है । कई विभाग ऐसे हैं जहाँ दो दो तीन तीन वर्षों से विभागीय प्रमुख से तीन तीन महीने की अवधि दे कर काम लिया गया है और जिसे अब पूर्णकालिक किए बगैर हटाने की  और मनचाहे व्यक्ति की नियुक्ति की कोशिश की जा रही है  । भूगर्भशास्त्र केन्द्रीय विभाग के प्रमुख लालुप्रसाद पौडेल इस परिपाटी को ‘गर्भ निरोधक तीन महिने संगिनी सुई’ के साथ तुलना करते हुए  इस अवस्था को खत्म करने की मांग की है ।
‘विश्वविद्यालय के  शैक्षिक और गुणस्तरीयता कायम करने के लिए खोले गए हर एक  संकाय, विभाग, संस्थान तथा अनुसन्धान केन्द्र में उपकुलपति को अपने विवेक का प्रयोग कर के चार वर्षों के लिए नियुक्ति करना चाहिए । ’ भूगर्भशास्त्र केन्द्रीय विभाग के प्रमुख लालुप्रसाद पौडेल का कहना है जिनका कार्यकाल खत्म हो चुका है उन्हें व्यवस्थित करना चाहिए और जो तीन तीन महीने की चिट्ठी के साथ दो, तीन वर्षों से काम कर रहे हैं उन्हें पूर्णकालिक करना चाहिए । उन्हें बीच में कार्य से हटाना नैतिकता के विरुद्ध है । विश्वविद्यालय की यह परिपाटी विश्वविद्यालय की शाख को प्रभावित करती है जो निःसन्देह चिन्तनीय है ।
 नागरिक दैनिक में यह खबर छपी है |

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of
%d bloggers like this: