तेल और शनि ग्रह के बीच क्या संबंध है ? शनिदेव को तेल क्यों चढ़ाया जाता है

मालिनी मिश्र, काठमांडू,  २४ अगस्त ।
शनि देव व शनि ग्रह का नाम सुनते ही लोगों में एक भय उत्पन्न हो जाता है । लेकिन ऐसा नहीं है, शनि देव न्याय के देवता हैं ,जो इंसान को उसके कर्म के हिसाब से फल देते हैं। शनि ग्रह से मुक्ति पाने के लिए लोग क्या क्या उपाय नहीं अपनाते हैं, जिसमें एक उपाय है तेल चढाना ।
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 तेल और शनि के बीच क्या संबंध है?   शनिदेव को तेल क्यों  चढ़ाया जाता है ? शनिदेव को तेल चढ़ाने के पीछे दो पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं।
 1, रावण अपने अहंकार में चूर था और उसने अपने बल से सभी ग्रहों को बंदी बना लिया था। शनिदेव को भी उसने बंदीग्रह में उलटा लटका दिया था। उसी समय हनुमानजी प्रभु राम के दूत बनकर लंका गए हुए थे। रावण ने अहंकार में आकर हनुमाजी की पूंछ में आग लगवा दी थी।
इसी बात से क्रोधित होकर हनुमानजी ने पूरी लंका जला दी थी लंका जल गई और सारे ग्रह आजाद हो गए लेकिन उल्टाक लटका होने के कारण शनि के शरीर में भयंकर पीड़ा हो रही थी और वह दर्द से कराह रहे थे हुनमान जी ने उनके शरीर पर तेल से मालिश की थी और शनि को दर्द से मुक्तर किया था। उसी समय शनि ने कहा था कि जो भी व्यरक्ति श्रद्धा भक्ति से मुझ पर तेल चढ़ाएगा उसे सारी समस्याकओं से मुक्ति मिलेगी। तभी से शनिदेव पर तेल चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई थी।
2,  दूसरी कथा के अनुसार एक बार शनि देव को अपने बल और पराक्रम पर घमंड हो गया था। जब शनि देव को भगवान हनुमान के बारे में पता चला तो वह भगवान हनुमान से युद्ध करने के लिए निकल पड़े। जब भगवान शनि हनुमान के पास पहुंचे तो देखा कि भगवान हनुमान एक शांत स्थान पर अपने स्वामी श्रीराम की भक्ति में लीन बैठे है।
शनिदेव ने उन्हें देखते ही युद्ध के लिए ललकारा। शनिदेव ने एक बात न मानी और युद्ध के लिए अड़ गए। इसके बाद भगवान हनुमान और शनिदेव के बीच घमासान युद्ध हुआ। युद्ध में शनिदेव भगवान हनुमान से बुरी तरह हारकर  गए, जिसके कारण उनके शरीर में पीड़ा होने लगी। इसके बाद भगवान ने शनिदेव को तेल लगाने के लिए दिया, जिससे उनका पूरा दर्द गायब हो गया। इसी कारण शनिदेव ने कहा कि जो मनुष्य मुझे सच्चे मन से तेल चढ़ाएगा। मैं उसकी सभी पीड़ा हर लूंगा और सभी मनोकामनाएं पूरी करूंगा।
। इस तरह शनि देव की सारी परेशानी, सरसों के तेल से ही समाप्त हो गयी थी जिसके कारण, उनके भक्तों को भी शनि भगवान पर सरसों का तेल लगाने के लिए, कहा जाता है जिससे भगवान खुश हो सकें ।
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