दाङ के हलवारे आचार्य समाज द्वारा जेष्ठ नागरिकों को सम्मान

नेपालगन्ज (बाके), पवन जायसवाल , पौष २० गते ।
हलवारे आचार्य समाज दाङ एक विशेष कार्यक्रम के बीच में हलवारे आचार्य वंश के ८० बसन्त पार कर चुके जेष्ठ नागरिकों को सम्मान किया गया है ।
दाङ जिला के कौडिण्य गोत्रीय आचार्य वंश के हलवारे आचार्य लोगों की वृहत जमघट में जेष्ठ नागरिकों को सम्मान किया गया ।

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दाङ जिला के हलवार नगरपालिका वार्ड नं.–१७ हलवार गाव में नवनिर्मित कुल देवता की मन्दिर तथा सभा भवन की उद्घाटन और ध्वजारोहण कार्यक्रम में सहभागी हुये हलवारे आचार्य लोगों के जेष्ठ पुजारी शिव कुमार आचार्य की अगुवाई में कुल देवता की नवनिर्मित मन्दिर में वैदिक विधिपूर्वक पूजा आराधना करके कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था ।
वह कार्यक्रम में ८० वर्ष पार करने वाले ४ जेष्ठ नागरिको को सम्मान किया गया था सम्मानित होने वालों में ८० वर्ष पह‘“ुचे जेष्ठ नागरिक पदम विमल आचार्य, श्रीमती धना देवी आचार्य, राम प्रसाद आचार्य और श्रीमती मेनका देवी आचार्य को विश्वविद्यालय सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष समेत रहे समाज के अध्यक्ष प्राध्यापक लेखनाथ आचार्य ने दोसल्ला ओढाकर सम्मान– पत्र प्रदान करके सम्मान किया था ।
दाङ लगायत विभिन्न स्थानों से दो सौ से अधिक हलवारे आचार्य लोगों की सहभागिता में हलवारे आचार्य समाज के अध्यक्ष लेखनाथ आचार्य की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष किशोर आचार्य ने आर्थिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये समाज के सदस्य लोगों से रु.११ लाख ११ हजार ९ सौ ५६ रुपैया संकलन हरआ था जिस में मन्दिर निर्माण में रु. ९ लाख ६० हजार ९ सौ ७२ खर्च हुआ जानकारी दिया ।
इसी तरह मन्दिर परिसर में दिवाल निर्माण करने के लिये समाज के ७६ लोगोेंं से रु. ३ लाख ४४ हजार ७ सौ १ रुपैया संकलन हुआ था जिस मे रु. ३ लाख १९ हजार ६ सौ ९६ खर्च हुआ था कार्यक्रम में जानकारी दिया गया था ।
वो कार्यक्रम में समाज के सदस्य मुरली मनोहर आचार्यद्वारा रु. १ लाख २५ हजार के लागत में निर्मित भवन समाज को हस्तान्तरण किया गया था ।

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नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय दाङ बेलझुण्डी के प्राध्यापक समेत रहें वरिष्ठ विद्वान आचार्य प्राचीन काल से चलते आया परम्परा को तत्काल अन्त्य नही कर मिलेगी कहते हुये, इच्छा न होनेवालों को बली चढाने के लिये वाध्य भी न करें अपनी धारणा रखते हुये कहा था । उन्हों ने मन्दिर की जगाह कोे विधिवत दर्ता कराने की प्रयास करने की और सब राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को सहयोग करने के लिये आग्रह किया था ।
नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय बेलझुण्डी दाङ सेवा आयोग के पूर्व शिक्षाध्यक्ष नारायण कुमार आचार्य के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न हुआ कार्यक्रम में समाज के सचिव श्रवण कुमार आचार्य और समाज की सदस्य श्रीमती लता शर्मा आचार्य लगायत लोगों ने अपनी–अपनी विचार व्यक्त किया था ।
कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्य अतिथि और वक्ता लोग अपनी वंश, कुल, संस्कृति और संस्कार को भूल गयें तो भावी सन्तति विचलित हो जाएगी इस लिये ऐसी सुकर्म की निरन्तरता देनें के लिये अपनी विचार व्यक्त करते हुये कौडिण्य ऋषि की बासस्थान रहीं इस लिये आखिरी में उत्तम स्थल हलवार को ऐतिहासिक महत्व की बारे में विचार रखा था ।
लम्बें समय से बा“के जिला में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक स्वावलम्बन अभियान तथा समाज सेवा में योगदान देते आ रही श्रीमती लता शर्मा आचार्य बि.सं.२०६९ साल मैंहा सम्पन्न दाङ जिला की कौडिण्य गोत्रीय आचार्य वंश की हलवारे आचार्य लोगों की कुल पूजन कार्यक्रम में आधारभूत आवश्यकता और पूर्वाधार न होन के कारण यह मन्दिर की संरक्षण करने में समेत कठिनाई थी उपयुक्त जगाह में कुल देवता की मन्दिर निर्माण, संरक्षण सम्वद्र्धन करने के लिये दीर्घकालीन योजना बनाने की ओर विचार करने की प्रस्ताव रखी थी ।
श्रीमती लता शर्मा आचार्य हलवारे आचार्य वंशावली प्रकाशन करने की कार्य को कोई प्रकार की ढिलाई न करके पूर्णता देने के लिये विचार व्यक्त की ।
निकट भविष्य में हलवारे आचार्य वंशावली प्रकाशन करने की जानकारी भी वह कार्यक्रम में दिया गया था । वह कार्यक्रम की संचालन हलवारे समाज के सचिव श्रवण कुमार आचार्य ने किया था समाज के रमन कुमार शर्मा आचार्य ने जानकारी दी है ।

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