दिल्ली सीरियल ब्लास्ट केस में कोर्ट ने 2 आरोपियों को बरी किया, 12 साल बाद फैसला

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नई दिल्ली.मधुरेश~भारत की राजधानी नई दिल्ली में वर्ष 2005 में हुए सीरियल ब्लास्ट केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने किसी को भी ब्लास्ट का दोषी नहीं माना। तीन में से दो आरोपियों को बरी कर दिया । तीसरे आरोपी को कोर्ट ने दोषी माना लेकिन गैरकानूनी गतिविधि चलाने के आरोप में। उसे 10 साल सजा सुनाई गई जो वह पहले ही काट चुका है। 12 साल पहले दीपावली के ठीक एक दिन पहले हुई इस घटना में 60 लोगों की मौत हुई थी,जबकि 100 से ज्यादा घायल हुए थे। लश्कर के आतंकियों पर इस सिरियल ब्लास्ट का आरोप था।
कोर्ट ने तारिक अहमद डार को गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने के लिए 10 साल की सजा सुनाई। 11 साल से जेल में होने पर उसकी सजा पूरी मानी गई। दो आरोपी मोहम्मद रफीक शाह और मोहम्मद हुसैन फाजिल को बरी कर दिया। इसके पहले एडिशनल सेशन जज रितेश सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसले की तारीख 16 फरवरी तय की थी। 2008 में कोर्ट ने तारिक अहमद डार, मोहम्मद हुसैन फाजिल और माेहम्मद रफीक शाह डार पर आरोप तय किए थे।
पुलिस ने चार्जशीट में उन पर देश के खिलाफ जंग छेड़ने,साजिश रचने,हथियार जुटाने,हत्या और हत्या की कोशिश के आरोप लगाए थे।
तारिक को हमले का मास्टरमाइंड बताया था।

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