दिल ले गया डाँन तो तकलीफ सहे कौन !!!

काठमाण्डू के सबसे भीडभाड वाले टूरिष्ट एरिया में एक सामान्य होटल में काम करने वाली एक खुबसूरत और जवान लडकी का जीवन बहुत ही सामान्य तरीके से गुजर रहा था। जिस होटल में सिन्धुपालचोक की सरिता खत्री काम करती थी उसी होटल में एक आकर्ष रौबदार और रसूख वाला आदमी अक्सर आकर ठहरता था। जाहिर सी बात है कि उसके पास पैसों की भी कमी नहीं थी। होटल में सामान्य ओहदे पर काम करने वाली सरिता की ओर धीरे धीरे वह आकषिर्त होता गया।
निर्मल र्राई नाम के इस व्यक्ति की चमक दमक और रहन सहन देख कर सरिता भी धीरे धीरे उसकी ओर खींचती चली गई। अचानक एक दिन निर्मल र्राई ने सरिता खत्री के समक्ष प्रेम और विवाह का प्रस्ताव रखा। अत्यन्त ही सामान्य परिवार की सरिता के जीवन में यह एक असामान्य घटना थी। बडे पैसे वाले युवक की तरफ से प्रेम प्रस्ताव और विवाह का प्रस्ताव आना उसके लिए काफी अस्वाभाविक लग रहा था। इस प्रस्ताव को सरिता मना नहीं कर पाई। सरिता को काफी चाहता था। उसके लिए वो काफी महंगी महंगी गिफ्ट लेकर आता था। उस पर मानो पैसों की बरसात करता था। महंगी गाडिÞयों में बैठक सिर्फउससे मिलने के लिए आता था।
धीरे धीरे दोनों में प्यार इस कदर गहरा हुआ कि एक दूसरे के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। और दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। एक सामान्य पिता जो कि भारी ढोने का काम करते और एक भाई जो कि एक स्कूल में पियन का काम करता था उससे सरिता की जिन्दगी कैसी रही होगी इसकी सहज कल्पना कर सकते हैं। लेकिन निर्मल से प्यार होने के बाद उसकी जीवन शैली ही बदल गई थी। बडÞे बडÞे पांच सितारा होटलों में खाना हवाई जहाज से घूमने जाना महंगे होटलों में रुकना, पजेरो गाडÞी पर चढना अब उसका दिनचर्या बन गया था। शायद यही सब वजह थी कि सरिता ने बिना कोई देरी किए ही निर्मल से शादी के लिए हामी भर दी।
निर्मल के द्वारा दिए गए शादी के प्रस्ताव पर सरिता ने अपने परिवार वालों को बताया सभी खुशी खुशी राजी हो गए। पशुपति क्षेत्र में पडÞने वाली गुहेश्वरी मन्दिर में दोनों की शादी संपन्न हर्ुइ। शादी के बाद निर्मल ने काठमाण्डू के ही हयात होटल में एक लक्जरी सूट बुक किया और करीब एक हफ्ते रहकर दोनों ने वहां हनीमून मनाया था। अपने हनीमून पर ही निर्मल ने ५० लाख रूपये से अधिक खर्च किया था। शादी के बाद निर्मल ने सरिता को वो सारे सुख और ऐशो आराम की जिन्दगी दी जो कि एक अरबपति के व्यक्ति की पत्नी को मिलनी चाहिए थी।
निर्मल्क ने अपनी जान से भी अधिक चाहने वाली बीबी सरिता के लिए जोरपाटी में एक शानदार बंगला उपहार दिया। तीन करोडÞ रूपये में खरीदी गई इस बंगले में दुनियां भर के ऐशो आराम की वस्तुएं मौजूद थी। हर साल एक नई गाडÞी खरीद कर निर्मल अपनी बीबी को घुमाता था। चार सालों में निर्मल ने अपनी बीबी के लिए चार लग्जरी गाडÞी खरीदी जिसमें एक गाडÞी की कीमत करोडÞों में है। कोई प्राडो, कोई पजेरो, कोई लैण्ड क्रूजर तो एक लैण्ड रोवर।
ठमेल के होटल में महज ५-७ हजार रूपये कमानी वाली युवती को जब करोडÞों के बंगले और गाडÞी की सुख सुविधा मिल जाए तो फिर क्या कहना। इधर सरिता ठाठ बाठ से रहती और गांव में उसके पिता आज भी अपने सर पर भारी ढÞोकर अपनी गुजर बसर कर रहे हैं। भाई आज भी स्कूल में पियन का काम करता है। मगर सरिता की खुशी का ठिकाना नहीं था। और हो भी क्यों नहीं। उसके लिए तो जिन्दगी के मायने ही बदल गए थे। आलीशान बंगलों में रहना, आलीशान गाडिÞयों में सफर करना, नौकर चाकर कीकमी नहीं थी, कोई काम भी नहीं करना पडता था। और पति भी इतना अच्छा मिला कि उसे बेहद प्यार करता था। दिलोजान से चाहता था उसकी हर फरमाइश कहने से पहले ही पूरी हो जाती थी।
काफी खुश रहने लगी थी सरिता। शादी को चार बरस कैसे बीत गए मालूम ही नहीं चला। लेकिन सरिता की यह खुशी अधिक दिनों तक नहीं टिक पाई। एक दिन अचानक उसके खाते में दो लाख अमेरिकी डाँलर सिंगापुर से आने की खबर ने हडकम्प मचा दी। मीडिया में जैसे ही सरिता के नाम का खुलासा हुआ उसके तो पैरों तले जमीन ही खिसक गई। क्योंकि यह रकम आतंकवादी गतिविधि पर खर्च करने के लिए भेजे जाने का समाचार छपा था।
दरअसल सरिता को कभी भी इस बात का अन्दाजा नहीं था कि उसने जिस व्यक्ति से शादी की है उसकी असलियत क्या है- अखबार पढना भी शायद उसके दिनचर्या में नहीं था। उसे तो किसी और ने बताया कि उस की बारे में ऐसी खबर छपी है। उसके तो पति ने सिर्फयह बताया था कि उसके बैंक खाते में उसने कुछ पैसे भेजे हैं और उस पैसे को निकाल कर किसी व्यक्ति को दे देना है। अपने पति के कहने पर वह बैंक भी पहुंच गई लेकिन वहां पहले से तैनात पुलिस वालों ने दो लाख अमेरिकी डाँलर सहित सरिता खत्री को अपने नियंत्रण में ले लिया।
जब पुलिस उसे अपने साथ ले गई तो मालूम चला कि जिस व्यक्ति को वह इतना प्यार करती थी और जिसे अपना हमसफर बनाया था वह दरअसल भारतीय सुरक्षाकर्मी के मोष्ट वाण्टेड की सूची में था। उसे यह बात जानकर और भी हैरानी हर्ुइ कि जिस आदमी से उसने शादी की थी वह तो भारत में एक सशस्त्र संगठन चलाकर अलगाववादी आन्दोलन कर रहा था। जिस आदमी को वह धरान का निर्मल र्राई समझ रही थी वह तो भारतीय पर्ूवाेत्तर राज्यों में आतंकवादी घोषित हो चुका निरंजन होजाई था। अपने एक वर्षके मासूम बच्चे को गोद में लिए वह पुलिस हिरासत में अपने बीते दिनों को याद कर रही है।
निरंजन होजाई भारत के पर्ूवाेत्तर राज्यों में से कुछ क्षेत्रों को अलग देश बनाने की मांग करते हुए सशस्त्र व्रि्रोह कर रहा है। भारत सरकार द्वारा आतंकवादी की सूची में रखे जाने के बाद से वह फरार हो चुका था और नेपाल में नाम बदल कर रहता था और यहीं से आतंकवादी गतिविधि चला रहा था। निरंजन ने सुनसरी जिला प्रशासन से नेपाली नागरिक होने का प्रमाण पत्र भी हासिल कर चुका था। नेपाल में वह निर्मल र्राई के नाम से लोगों से मिलता था इसलिए इसी नाम से उसने नागरिकता का प्रमाण पत्र भी ले रखा था। एक बार वह भारतीय खुफिया विभाग की सूचना के आधार पर काठमाण्डू के त्रिभुवन विमानस्थल से गिरफ्तार भी हो चुका था और गिरफ्तारी के तुरन्त बाद ही निरंजन होजाई को भारतीय सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया गया था। उसी समय से वह जेल में बन्द है।
इस बार उसका राज खुला जब काठमाण्डू के नयां बानेश्वर स्थित एवरेष्ट बैंक की शाखा के एक खाते में सिंगापुर से एक साथ ही दो लाख अमेरिकी डाँलर ट्रान्सफर किए गए। इस बात की जानकारी बैंक वालों ने भारतीय दूतावास को कर दी। चूंकि एवरेष्ट बैंक भारत के ही पंजाब नेशनल बैंक का संयुक्त उद्यम है इस वजह से इस बात की जानकारी तत्काल ही भारतीय दूतावास को कर दी गई। दूतावास के अधिकारियों ने जब पता लगाया तो उनके भी होश उड गए। उन्हें मालूम चला कि इतनी भारी मात्रा में जो रकम सिंगापुर से आया है वह नेपाल के रास्ते भारत में ही जाएगा जहां इसका इस्तेमाल भारत के ही खिलाफ चलाए जा रहे आतंकवादी गतिविधि के लिए किया जाना है।
इस सूचना के इकठ्ठा होते ही भारतीय दूतावास ने नेपाल पुलिस को इस बात की इत्तला दी और उन्हें सारा माजरा समझाया। पुलिस ने तत्काल अपना जाल बिछाया और जिस बैंक खाते में यह पैसा आया था उसे निकालने के लिए आई सरिता खत्री र्राई को बैंक से ही गिरफ्तार कर लिया। सरिता के बयान के आधार पर पुलिस ने निरंजन के कुछ अन्य सहयोगियों को भी यहां से गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है।
नेपाल पुलिस की केन्द्रीय अनुसंधान ब्यूरो ने सरिता खत्री और निर्मल र्राई उर्फनिरंजन होजाई के नाम पर रहे सभी बैंक खातों को सील कर कर दिया है। होजाई के बारे में भारतीय समाचार माध्यमों का कहना है कि वह ब्लैक विडो नाम से परिचित डिमा हाओलाम डाओगा -डिएचडी जिवेल समूह) का कमाण्डर है।
±±±

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz
%d bloggers like this: