दीपावली में सज्जाः घर की और खुद की

Sarwati Puri

सरस्वती पुरी

सरस्वती पुरी:दीपावली आते ही हमारा मन खुशियों से भर उठता है । रौशनी के इस त्योहार में अपने घर को कैसे सजाएँ कि वो सुन्दर दिखे ।
घर की सजावट शुरु करते हैं बैठक कक्ष से । इस कक्ष में हल्के रंग की पुताई की जा सकती है या वाल पेपर लगाकर भी सजाया जा सकता है । फर्निचर थोड़ा कम ही रखा जाना चाहिये । यह दीपों का त्योहार होने की वजह से विशेष ध्यान किस प्रकार के दीप कहाँ रखें इस पर देना चाहिये । दीप अनेक प्रकार के होते हैं । मिट्टी, ताँबा, पीतल इन सबों को सही ढंग से स्थान अनुसार लगाना चाहिये । इस पर्व में हमें ताजा फूलों से मन्दिर, बैठक, दरवाजे और खिड़कियों को सजाना चाहिये । इस त्योहार की खास विशेषता है रंगोली । घर की मुख्य सजावट का काम रंगोली द्वारा किया जाता है । यह अनेक प्रकार के डिजायन बनाकर किया जा सकता है । रंगोली बनाने के लिये हमें चावल को कुछ पहले से भिगोकर रखना चाहिये । जिसमें अलग–अलग रंगों को मिलाकर सुखा देने से रंगोली बन जाती है । उन्हीं रंगे हुए चावलों से मनपसन्द डिजायनों की रंगोली बनाई जाती है ।
मेकअप
सबसे पहले चेहरे को क्लिन्जिङ्ग, टोनिङ्ग और मॉस्चराइजिङ्ग करें । उसके बाद कन्सिलर का प्रयोग करें । इसका प्रयोग करने से मेकअप लम्बे समय तक बना रहता है । फिर अपने स्किन के अनुसार अच्छे ब्रांड का फाउन्डेसन और कमपैक्ट लगाएँ । आँखों के मेकअप के लिये अपने कपड़ों से मैच करने वाला अच्छे ब्रांड का शैडो लगाएँ । फिर जरुरत अनुसार मस्करा, काजल और आईलाईनर का प्रयोग करें । अन्त में चेहरे पर जँचने वाला लिपस्टिक लगा लें ।
कपड़े
लक्ष्मीपूजा के दिन काम का बोझ बहुत अधिक होता है । इसलिये भारी कपड़े परेशानी कर सकते हैं । इस अवसर पर हल्के डिजायनदार कपड़े जैसे कि हल्की साडि़याँ, लँहगा या कुर्ता के साथ लेगिन्स पहना जा सकता है । इसके तुरन्त बाद भाई दूज भी आता है । इसमें अपनी मनपसन्द का थोड़ा भारी कपड़ा पहना जा सकता है । खुद को आसान लगने वाला लँहगा, लाँङ्ग कुर्ता, सरारा या फिर साड़ी पहना जा सकता है ।
दशहरे से शुरु हुए त्योहारों का सिलसिला छठ तक चलता ही रहता है । इसलिये खाने पीने के मामले में सावधानी आवश्यक है । खासतौर पर तेल मसाले और मिठाई खाते समय सतर्कता जरुरी है । सालभर में सिर्फ एक बार आने वाले इन त्योहारों में घर को सजाएँ । खुद भी श्रृङ्गार करें और भोजन

Loading...