दुर्लभ ऊन की ४६ बोरियों को जब्त

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और जिला पुलिस कार्यालय, गोरखा के एक संयुक्त दलों ने  गोरखा के थूमी गा समिति से कल रात पश्मीना बनाने के लिए इस्तेमाल की जानेवाली तिब्बती (चीरू) मृग की अनमोल ऊन की ४६ बोरियों को जब्त कर लिया है ।
टीम ने  ऊन को छिपा के रखे गये स्थान के दो घरों से ११५० किलो वजन ऊन को जब्त कर लिया है ।
जिला पुलिस कार्यालय गोरखा के अनुसार ऊन की २९ बोरियों  शर्मिला बाराम के घर थूमी से जब्त किए गए, जबकि ऊन की १७ बोरियों मंगल बहादुर गुरुंग के घर थूमी सेती से  जब्त किए गए है।
पुलिस बाराम और गुरुंग को गिरफ्तार कर लिया है । इससे पता चलता है कि मृग ऊन की तस्करी में बड़े पैमाने पर लोग शामिल हैं ।
डीएसपी बसंत बहादुर कुवंर ने कहा कि पुलिस को इसकी सूचना 10 दिन पहले मिली थी कि पश्मीना की एक बड़ी राशि गोरखा तस्करी किया जा रहा है । कुवंर ने कहा कि पुलिस अनमोल ऊन जब्त कर लिया था क्योंकि यह चीरू ऊन व्यापार करने के लिए अवैध माना जाता है । “प्रत्येक बोरी में २५ किलो पश्मीना” रखा गया था ।

सीआईबी ने  ऊन आज जांच के लिए काठमांडू  लाया है जहाँ प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पश्मीना गोरखा की उत्तरी सीमा बिंदु के माध्यम से तिब्बत से 3 देशों को निर्यात के लिए तैयार किया जा रहा था । चीरू ऊन की एक बोरी १०लाख रुपये की होती है ।

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