दूधमती नदी संरक्षण के लिए जनकपुर में की गयी पदयात्रा

दूधमती नदी संरक्षण के लिए जनकपुर में की गयी पदयात्रा
विजेता चौधरी, अषाढ २७dudhmati
जनकपुर की ऐतिहासिक दूधमती नदी के संरक्षण के लिए अभियान के तौर पर पदयात्रा किया गया है ।
दूधमती संरक्षण अभियान के सदस्यों ने जनमानस में लोपोन्मुख हो रहें जनकपुर के पवित्र नदियों व धरोहरों को बचाने के लिए तथा संरक्षण जनस्तर पर कर सकते हैं ऐसी जनचेतना जागृत करने के लिए उक्त पद यात्रा का आयोजन की जाने की बात अभियान के संयोजक रहें भोगेन्द्र कर्ण ने जानकारी दी ।
दूधमत िनदी के उद्गम स्थल महेन्द्रनगर के एभरेष्ट पेपर मिल के किनारे से बहने वाली दूधमती उदगम को छू यात्रा आरम्भ किया गया । उक्त यात्रा मठिहानी पहुँच समाप्त किया गया था ।
दुधमति नदी के विषय में अनेक किंवदन्ती विद्यमान हैं । यद्यपि संस्कृतिविदों का मानना है प्राचीन मिथिला के अवशेष के रुप में दुधमती नदी सदियों से बहती आ रही है । सीता के जीवन के साथ जोडकर भी इस नदी को देखा जाता है । किंवदन्ती को माने तो पहले इस नदी में दूध सा सफेद निर्मल पानी वहता था जिस के कारण उक्त नदी का नाम दुधमति रहा होगा ।
बहरहाल दूधमती मानवजनित प्रदूषणो से मैली हो गई है । जनकपुर के बावन कूटी बहत्तर कुण्ड जैसे लोकोक्ति में दुधमति भी एक प्रमुख कुण्ड है । नदियों के अतिक्रमण जनकपुर में नया नही है । बहुत से कुण्ड व पोखर लोपोन्मुख है जिसका संरक्षण बृहतर के अभियान में भी सामिल है ।
पदयात्रा में स्थानियो के साथ वरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर नेपाली, रंगकर्मी तथा पत्रकार उपेन्द्रभगत नागवंशी लगायत के विशिष्ठ व्यक्तित्वों का सहभागिता थीं ।

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