देखभाल कीजिये बाल अभियान शुरु

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल, २०७२ पुष १७ गते ।
एस.ओ.एस. बालग्राम ने “मेरो हेरविचार गर्नुहोस् बाल केन्द्रित अभियान प्रारम्भ किया है ।
IMG_9922एक कार्यक्रम के बीच में पुष १४ मंगलवार को बाके जिला प्रशासन कार्यालय के प्रमुख जिला अधिकारी वेद प्रकाश लेखक ने अभियान की शुभारम्भ किया था ।
“मेरो हेरविचार गर्नुहोस्” अंकित एक बालिका की चित्र अनावरण करके शुरु किया कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि प्रमुख जिला अधिकारी बेद प्रकाश लेखक ने एस.ओ.एस. बालग्रामद्वारा अभिभावक बिहीन बालबालिकाए“ को संरक्षण, लालनपालन, शिक्षा लगायत उन लोगों की वौद्धिक बिकास के लिये सञ्चालन किया अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुये ऐसी महत्वपूर्ण अभियान को प्रभावकारी रुप में कार्यान्वयन करने के लिये आग्रह किया था ।
एस.ओ.एस. राष्ट्रीय फोकल पर्सन तथा अभियान की अभियन्ता सुषमा पोखरेल ने तयार किया बैकल्पिक हेरचाह में रहे बालबालिकाओं के लिये गुणस्तरीय स्याहार सम्बन्धि प्रस्तुति में बालबालिका पालनपोषण करने में सब से उत्तम स्थान परिवार ही है । लेकिन बालबालिका पारिवारिक स्याहार से बञ्चित होने की अवस्था में वैकल्पिक स्याहार की आवश्यकता पडती है ।
प्राकृतिक तथा मानव सिर्जित कारण से बालबालिकाए“ अभिभावक विहीन रहें तथा जिस के अभिभावक नही रहें है उस अवस्था में बालबालिकाओं की संरक्षण की वैकल्पिक व्यवस्था करना आवश्यक होती है । यैसी अवस्था को देखभाल की अन्तिम विकल्प के रुप में लेना पडता है इस उद्देश्यों के साथ एस.ओ.एस. बालग्राम ने सीमित स्रोत साधन के कारण नेपाल के नमूना के रुप में बँ“के बर्दिया लगायत १० जिलें में यह अभियान शुरु किया गया है जानकारी दी ।
IMG_9911बालबालिकाओं के पारिवार में ही ‘हुर्कन पाउने अधिकार’ बाल अधिकारसम्बन्धी महासन्धि १९८९, बालबालिका ऐन २०४८ और सो सम्बन्धी नियमावली ने कानूनी रुप में सुनिश्चित किया है उल्लेख करते हुये फोकल पर्सन पोखरेल ने सरकार ने सहयोग किरे तो अभिभावक विहीन बालबालिकाओं की संरक्षण के लिये अति महत्वपूर्ण यह अभियान को नेपालभर में निरन्तर रुप में लागू करने की योजना रही है जानकारी दी थी ।
अभियान की औचित्य पर प्रकाश डालते हुयें उन्हों ने कहा बालबालिकाओं को गुणस्तरीय स्याहार में देखभाल करना पाने की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा अभियान को विश्वव्यापी उद्देश्य मध्ये संयुक्त राष्ट्रसंघ ने जारी किया बालबालिकाओं के लिये वैकल्पिक स्याहार सम्बन्धी निर्देशिका सु–सूचित कराकरके इस की साधन राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय नीति निर्माण करने की क्रम में समाहित होने वाली वातावरण की सृजना करना, बालबालिकाओं के लिये गुणस्तरीय स्याहार सम्बन्धी अधिकारों की सुनिश्चितता करने के लिये उन लोगों की रेखदेख करनें की संरचना में सुधार करना, बालबालिकाओं के लिये वैकल्पिक स्याहार में बाल संरक्षण की संरचना सुदृढ करते हुये बालअधिकार की प्रबद्र्घन करना लगायत रही है सुषमा पोखरेल ने जानकारी दी थी ।
सरोकारवाले संघसंस्थाओं के प्रतिनिधि तथा सञ्चारकर्मीयों की सहभागिता में सम्पन्न कार्यक्रम में सहायक जिला शिक्षा अधिकारी गोरख बहादुर थापा, सिविन के प्रमुख सिद्धराज पनेरु, एस.ओ.एस.हर्मन माइनर उच्च माध्यमिक विद्यालय सुर्खेत के प्राचार्य मुकुन्द गिरि ने आफन्तों से ही असुरक्षित होते रही बालबालिकाओं की उचित संरक्षण और उन लोगों की चौतर्फी बिकास के लिये ऐसी अभियान से सहयोगी भूमिका मिलेगी बताया ।
IMG_9980कार्यक्रम में जिला प्रहरी कार्यालय बा“के के प्रहरी प्रमुख प्रहरी उपरीक्षक बसन्त पन्त, वरिष्ठ पत्रकार जनमत अद्र्ध साप्ताहिक के सम्पादक पूर्णलाल चुके, रासस प्रमुख नीरज गौतम, युनिसेफ के प्रतिनिधि राधिका तुम्बाहाम्फे, एस.ओ.एस.के वार्डेन मीना तुलाधर लगायत लोगों की सहभागिता रही थी ।
एस.ओ.एस. युवालय नेपालगन्ज के उप–निर्देशक तुलाराम विश्वास ने कार्यक्रम की उद्देश्य पर प्रकाश डाला था सिनियर काउन्सीलर लक्ष्मण कार्की ने कार्यक्रम सञ्चालन किया था ।

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