देखिए इस तरह हो रहा है निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण

काठमांडू, १२ भाद्र ।
प्रतिनिधिसभा और प्रदेश सभा निर्वाचन के लिए क्षेत्र निर्धारण का काम अंतिम चरण में पहुँचा है । निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण आयोग से प्राप्त सूचना के अनुुसार आज साम अथवा मंजलबार तक प्रतिवेदन सरकार को हस्तान्तरण किया जाएगा । स्रोत के अनुसार आयोग ने प्रतिनिधिसभा के लिए १६५ और प्रदेशसभा के लिए ३३० निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण किया है, जो संवैधानिक मान्यता भी है ।

कहां किस तरह किया गया है क्षेत्र निर्धारण ?

आयोग स्रोत ने कहा है कि प्रतिनिधिसभा निर्वाचन के लिए प्रदेश नं. १ में २८, प्रदेश नं. २ में ३२, प्रदेश नं. ३ में ३३, प्रदेश नं. ४ में १८, प्रदेश नं. ५ में २६, प्रदेश नं. ७ में १६ निर्वाचन क्षेत्र बनाया गया है । इसके अनुसार सबे ज्यादा सांसद ३ नंबर प्रदेश और सबसे कम सांसद प्रदेश नं. ६ से चुने जाएंगे । इसी तरह प्रदेश सभा के लिए ं. प्रदेश नं. १ से ५६, प्रदेश नं. २ से ६४, प्रदेश नं. ३ से ६६, प्रदेश नं. ४ से ३६, प्रदेश नं. ५ से ५२ और प्रदेश नं. ७ से ३२ सांसद प्रत्यक्ष निर्वाचित होंगे ।
संविधान में ही कहा गया है कि हर जिला को कम से कम एक निर्वाचन क्षेत्र बनाना चाहिए । जिसके अनुसार आयोग ने ७७ जिला को एक–एक निर्वाचन क्षेत्र मान कर बांकी जनसंख्या के आधार में निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण किया गया है । काठमांडू जिला राजधानी होने के कारण प्रदेश नं. ३ में अन्य प्रदेशों की तुलना में ज्यादा जनसंख्या है, जिसके चलते इस प्रदेश में सबसे ज्यादा ३३ निर्वाचत क्षेत्र निर्धारण किया गया है । प्रदेश नं. २ में प्रदेश नं. ३ की तुलना में १ लाख कम जनसंख्या है, जहां ३२ निर्वाचन क्षेत्र बनाया गया है । इसीतरह प्रदेश सभा निर्वाचन के लिए प्रतिनिधिसभा निर्वाचन क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर निर्वाचन क्षेत्र बनाया गया है । अर्थात् एक प्रतिनिधिसभा सदस्य बराबर दो प्रदेश सभा सदस्य निर्वाचित होने की व्यवस्था की गई है ।
बताया गया है कि इससे पहले दो–दो निर्वाचन क्षेत्र रहे अधिकांश पहाडी और हिमालिनी जिला में अब एक ही निर्वाचन क्षेत्र कायम किया गया है । तराई में सबसे कम बर्दिया में २ निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण किया गया है । अभी तक पहाडी के जिस जिला में २ निर्वाचन क्षेत्र कायम था, उस में से अछाम और दैलेख बाहेक सभी जिला में एक निर्वाचन क्षेत्र कायम किया गया है । सबसे ज्यादा निर्वाचन क्षेत्र काठमांडू १० और मोरङ में ६ है । लेकिन इस तथ्यांक में प्रतिवेदन हस्तान्तरण करने तक कुछ बदलाव भी आ सकता है ।
इससे पहले ४ निर्वाचन क्षेत्र वाले काभ्रेपलान्चोक, मकवानपुर लगायत जिला में ३ निर्वाचत क्षेत्र कायम किया गया है । और ३ निर्वाचन क्षेत्र वाले सुर्खेत, धादिङ, बागलुङ, नुवाकोट, सिन्धुपाल्चोक, सिन्धुली, उदयपुर लगायत जिला में २ निर्वाचन क्षेत्र निर्धारण किया गया है ।

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