देखिए ऐसे भी विद्यालय हैं, जहां विद्यार्थी से ज्यादा शिक्षक होते हैं

काठमांडू, १५ भाद्र ।
कहा जाता है कि नेपालमें ‘विद्यार्थियों की तुलना में शिक्षकों की संख्या कम’ है और इसके चलते विद्यार्थियों को गुणस्तरीय शिक्षा से बंचित होना पड़ रहा हैं । लेकिन कुछ जगह ऐसा भी है, जहां विद्यार्थी से ज्यादा शिक्षकों की संख्या है । फिर यह बात कोई दुरदराज गांव की भी नहीं है, देश की राजधानी काठमांडू का ही है ।


आज प्रकाशित राजधानी दैनिक के अनुसार श्री केश–चन्द्र विद्यालय में अभी सिर्फ तीन विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, ताकि वहां शिक्षकों की दरबन्दी चार है । वि.सं. २०१४ साल में स्थापित इस विद्यालय में इस वर्ष १२ छात्र–छात्राएं भर्ना हुए हैं । लेकिन विद्यालय के शिक्षिका विमला पौडेल का कहना है कि नियमित विद्यालय आने वालों की संख्या सिर्फ तीन ही है । विद्यालय गुठी भवन में निर्माण हुआ है, जहां सामान्य आवश्यक पूर्वाधार भी नहीं है । यहां तक कि विद्यार्थी के लिए शौचालय भी नहीं है ।
रानी पोखर स्थित दरबार हाई स्कूल और सिनामंगल स्थित बालपीठ प्राथमिक विद्यालय का हांलात भी दयनीय है । दरबार हाईस्कूल में अभी १४८ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, यहां १९ शिक्षकों की दरबन्दी है । दरबार हाईस्कुल ऐसा विद्यालय है, जिसका ऐतिहासिक महत्व हैं । राजा और राजपरिवार के लिए यह विद्यालय वि.सं. १९१० साल में स्थापना हुई थी । भारत के विभिन्न विश्वविद्यालय के साथ भी इस का संबंध जुड़ा हुआ है । विशेषतः राणा प्रधानमन्त्री जंगबहादुर राणा ने अपने संतानों को अंग्रेजी शिक्षा देने के लिए यह विद्यालय प्रयोग में लाया था । बाद में यहां सर्वसधारण को भी सहज पहुँच मिला । लेकिन अभी इसका हांलत कमजोर होता जा रहा है । इधर बालपीठ प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ सात विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जहां एक जमाने में २५० से अधिक विद्यार्थी यहां अध्ययन करते थे ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz
%d bloggers like this: