देखिए यह महिला, जो उम्मीदवारी पंजीकृत न होने से रो रही है

काठमांडू, १७ आश्वीन । स्थानः राष्ट्रीय सभागृह काठमांडू, जहां प्रतिनिधिसभा और राष्ट्रीय सभा निर्वाचन के लिए बिहीबार उम्मीदवारी पंजीकरण के लिए नेताओं की भीड़ लगी थी । उसी भीड में थी– काठमांडू, बौद्ध निवासी ज्ञानु लामा । वह अपने को माता भी कहती है । लामा भी उम्मीदवार बनना चाहती थी । लेकिन निर्वाचन आयोग ने उनकी उम्मीदवारी पञ्जीकृत नहीं किया । उसके बात वह सभागृह परिसर में ही रोने लगी । लामा का यह रिपोर्ट रातोपाटी डटकम ने भीडियो सहित बनाया है । (जो आप भी देख सकते हैं)


लामा ने उम्मीदवारी पञ्जीकरण के लिए ५ हजार रुपया भी जमा किया । उम्मीदवारी देने के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में रहनेवाले एक प्रस्तावक और एक समर्थक मतदाता आवश्यक पड़ता है । लेकिन उनके पास एक प्रस्तावक महिला तो थी, समर्थक नहीं थे । प्रस्तावक महिला भी अन्य निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधित्व करती थी । इसीलिए उन का मनोनयन पञ्जीकृत नहीं हो सका । इसीलिए आयोग कर्मचारी ने कहा कि ५ बजे तक प्रस्तावक और समर्थक लेकर आइए, उम्मीदवारी पञ्जीकृत हो सकता है । लेकिन ३ बज चुका था, दो घण्टा के अन्दर प्रस्तावक और समर्थक लाने में वह असमर्थ थी । इसीलिए लामा वहीं रोने लगी ।
लामा का कहना है कि वह समाजसेवी भी हैं । उम्मीदवारी पञ्जीकरण के लिए उन को पुलिस ने भी सहयोग नहीं किया है, बाहर ही रख दिया । स्मरणीय है, लामा ने स्थानीय चुनाव में भी काठमांडू महानगरपालिका से स्वतन्त्र उम्मीदवारी दी थी ।

देखिए भीडियो

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