देव साहब का जाना एक युग का अंतः अमिताभ

हिंदी फिल्मों के सदाबहार अभिनेता देवानंद के निधन पर बॉलीवुड के कई अभिनेताओं ने शोक जताया है। अमिताभ बच्चन ने कहा कि देव साहब का जाना एक युग का अंत है। उनकी कमी हमेशा खलेगी। वहीं नामचीन अभिनेता नसीरूद्दीन शाह तो ‌निधन की खबर सुनते ही रो पड़े। शबाना आजमी ने कहा कि देव साहब हमेशा फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे। वहीदा रहमान ने भी देवानंद के निधन पर शोक जताया है।

भारतीय सिनेमा को बड़ा नुकसानः शाहरूख
सुपरस्टार शाहरुख खान ने कहा कि देवानंद के निधन से भारतीय सिनेमा को बड़ा नुकसान हुआ। हेमा मालिनी ने देव साहब के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनके पास कहने के लिए शब्द नहीं है। वहीं ऋषि कपूर का कहना है कि देव साहब दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।

एक किताब है देव साहब की जिंदगी
चर्चित फिल्मकार शेखर कपूर का कहना है कि सदाबहार अभिनेता व उनके मामा, दिवंगत देव आनंद ने जिंदगी अपनी शर्तों पर जी। कपूर ने ट्विटर पर लिखा है, ‘देव आनंद अपनी शर्तों पर जीए और मरे। वह हर मिनट काम करते थे। बैठ जाते और मुस्कराते और आगे बढ़ जाते थे। उनसे सीखने के लिए बहुत कुछ है।’
उन्होंने अपनी जिंदगी दे दी
देव आनंद के एक करीबी सहयोगी, चंद्रशेखर (89) ने कहा कि उसे जब सुबह एक मित्र से यह खबर मिली तो वह हतप्रभ रह गया। चंद्रशेखर ने कहा, ‘मैं केवल यही कामना कर रहा हूं कि यह खबर झूठी हो जाए… देव साहब ने फिल्म जगत को अपनी आत्मा समर्पित की थी और अब उन्होंने अपनी जिंदगी दे दी… मुझे निजीतौर पर लगता है कि शायद वह अपनी हालिया फिल्म के हश्र को बर्दाश्त नहीं कर पाए।’

अपने आप में देवता थे
दुबे ने कहा, ‘मैं ईश्वर से प्रार्थना कर रहा हूं कि उन्होंने देव आनंद के बदले मुझे क्यों नहीं उठा लिया? उन्होंने फिल्म उद्योग को पूरा जीवन दे दिया। वह अपने आप में देवता थे।’
देव आनंद के प्रशंसक विले पार्ले निवासी पूर्व बैंक अधिकारी आर.आर. पंड्या (76) ने से कहा, ‘मैं भौचक रह गया… हम सभी जानते थे कि वह उम्रदराज थे और बीमार थे, लेकिन जीवन के प्रति उनकी अपार जिजीविशा हमें नैतिक ताकत देती थी… अभी भी विश्वास नहीं होता कि वह नहीं रहे।
सेवानिवृत्त कारोबारी डी.जी. शर्मा ने कहा कि 50 वर्ष पहले वह अपनी युवा मंगेतर के साथ छुपकर उस समय की सुपर हिट फिल्म ‘हम दोनों’ देखने गए थे और दोनों ने खूब आनंद उठाया था।
शर्मा ने भरी हुई आवाज में कहा, ‘शायद इस फिल्म ने हमारे लम्बे और खुशहाल वैवाहिक जीवन की बुनियाद रखी और जब यह फिल्म रंगीन होकर रिलीज हुई तो हम दोबारा अपने अनुभव ताजा करने गए थे।’
देव आनंद ‘बाजी’, ‘पेइंग गेस्ट’, ‘गाइड’, ‘ज्यूल थीफ’ और ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ जैसी सदाबहार फिल्मों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

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