देश में परिर्वतन जरुरी

हेमंतराज काफले

हेमंतराज काफले

हेमन्तराज काफ्ले , नेपालगंज | यह देश बीर बलभद्र का देश, भक्ति थापा का देश अपना न्याय के लियें आहुति देने वाले शहीद जो अपने लियें नहीं बल्की जनता के लियें प्राण त्याग करके गये ऐसे व्यक्ति का  देश आज मजाक बन गया  है । बेरोजगार युवाओं ने अपना देश छोडकर बिदेश पलायन होते जा रहें है । बेरोजगारी की संख्या दिन प्रति दिन बढते जा रहा है । जन मानस दिक्दार हुयें है देश की अवस्था देखकर सच में ऐसी अन्योल में देश कैसे चलेगी ? कोई न कोई माने में जनता भएबित है । रोज आन्दोलन के सिवाय किसी ने और कुछ नही सिखा जनताओं ने राजनीति में फसे है । देश में परिवर्तन तो हुआ है लेकिन राजनैतिक क्रान्ति हुआ । ईसान ने राजनीति क्या है इसके बारे में अच्छा से सम्झकर दिखा दियें । जनता हमारे है कहने वाले सिमित होकर बैठे है अब के अवस्था में क्या है । अब उसी पुरानी शैलीयों में नही जायें तो अच्छा । झुठी अश्वासन देकर अब तो हरेक चीजों को मापन जनता ने करके दिखाया दिया है । अब तो कृषि जैसे शान्ति की बातें आद्यौगिक क्रान्ति की बातें करके कुछ भी नही होगा कुछ नई उद्योगें खोलकर युवाओं स्वरोजगार बनायें तबह होगा कृषि सहुलियत की ब्यवस्था करना जरुरी है । नही तो जितनी बडी पार्टी क्यों न हो या प्रभावशाली नेता दे कुछ फरक नही होगा ,न तूम लोगों ने किया काम का कुछ भी नही है यह हर्स बर्ष वैसे ही बीता फोकट में अरबौ रुपैया खर्र्च हुआ बिना अर्थ की । अब ऐसी नही होना चाहियें । बिभिन्न प्रयोजनें सर्बेक्षण में ही खतम करना नही वोह लोग कैसे सफल बनावें वह बात सोचना एकमद जरुरी है । अब जनता ह“साने की समय आया है । जनता को बेकूफ ना बनायें अब के दिन वसै नही बीते गा । समय के साथ संङ्ग खेलवाड करके इतिहास को खोदोल्ते हुये भबिष्य को आगे बढाना चाहिए । वसै यह देश नही बना है इस में पुर्खो ने ज्यादा मेहनत करके सम्हालकर रखा था ।
हम कही किसी का गुलाम बनना न पडे अभी भी संसार ने नेपाल को बहादुर के देश से पहचाना जा रहे है । पुर्खोे ने बचाकर रखा अस्तित्वों कने हम लोगों ने बचाकर रखना जरुरी है । अब युग के जनमानस की आकांक्षाए“ पुरा करने के लिए एक युग पुरुष की आवश्यकता रही है , जिस ने युग को ही चुनौती देतें हुये देश की अस्तित्व बचा सकते है और परिर्वतन (का“चल बदल) ला सकते है । अब एक युग पुरुष की आवश्कता है । इस लिए अब जनमुखी बने, नई युग की बिगुल बजे, मंहगी भ्रष्टचार और बिभिन्न आपराधिक क्रियाकलापों मे भी कमी आयें तब जनता में राहात की महशूस होगी जनता ने जो अपना जो दिया गया कर की सहुलियत मिलेगी । उस के बाद बिकास ढूढने के लिए कहीं भी जाना नही पडेगा आप से आप देश मे परिवर्तन आएगी । जनमानस यह अवस्था में त्रर्सित है । कल क्या होगा, या नही होगा और देश किस अवस्था में जाएगी ? इस लिए देश को सहज बनायें उस जटिलता में नधकेलें, साच में तुम लोगों अभी न जागें करके उन लोगों ने सुतायेंगे अस्ताओंगे, तुम यह देश से नई सोंच करके एक आयाम की बिगुल बजायें , एक परिवर्तन को तब तुम अपना खूद लगे अनवरत रुप मे कोने कनधर में रहे हरेक व्यक्तियों ने महसूश करें तुम लोग कुछ करके दिखा सके तो वह व्यक्तियों की मुखार में सभी दिन ह“सिला चेहरा हो यैसा निराशा न छाए“ । अभी तो को खुशी है सारा निसाश है एकदम आवेग मे है बैराग्य में है । इस लिए तुम के दुर्दशी होना चाहिए । जनता को ह“साने के लियें एक महा मन्त्र होना चाहिए । तब देश सहज तरीके से मात्र चलगी केवल गफ करके कुछ भी नही होगा अश्वासन देते हुयें दसक बीत गया तुम सहमति संबिधान बना नही पा रहे हो । यह देश ने नया“ संबिधान खोज रहा है । लेकिन तुम लोगों ने अभी भी सहमति मे जुट नही पा रहे हौ । यह गणितीय राजनीति कितना कर रहे है राजनेताओं ने । कैस देश को निकास देंगे नेता लोग खूद सोचें । अभी भी देश को स्विजरल्याण्ड बनाने के लियें सपना नागरिकों को बा“टने के लिये तुम गा“व घर में क्यों दौड रहे हौ । तुम को तो जनता ने संबिधान बनाने के लिये और देश की रुप बदलने के लियें पठाया है । वह तो तुम लोगों ने समझा है ? क्या नेपाली जनता ने काम नही पाया है जो बार बार निर्वाचन में वोट देनें के लियें ।
अब भी तुम लोगों ने नही जागे, देशप्रति चिन्तित नहीं बनेगें तो कब बनेंगें । छोटा सहमति करने के लियें बाहर के नेतृत्व की सहारे नपडे अब । संबिधान की खेतीपाती करते हुयें कितना दिन हो गया एक बार तो सोचें । देश में अमन चयन आने की समय में राजनीतिक अस्थिरता ब्याप्त रहा है, भ्रष्टाचार युक्त है, किसी को कोई मतलब भी नहीं है, देश में बेरोजगार बढ रहे है । इस अवस्था की अन्त्य होने के लियें देश ने (केचल बदलना) परिर्वतन लाना ही पडेगा, नया“ संबिधान बनाना ही पडेगा । संबिधान बनाने के लियें अरबौ रकम खर्च हो रहा है ए सब जनता की खून पसिना की रकम है । हम युवाओं के लिये भी अब आश्वासन देना छोडे दे तो बहुत ही अच्छा होगा । तुम लोगों की आश्वासन ने कुछ भी नही होने वाला है । अब नेतृत्व या तो युवाओं को दिजिए नही तो केवल पद में बैठना कोई औचित्य नही है । आज देश में युवा शक्ति मजबूत रहा है । उन लोगों को भी बिकास करने की मौका देना स्वाभाविक है काम करने वालों को काम करान देना चाहिए केवल कुर्सी रिर्जव करके बैठना उचित नही दिखाई पड रही है । नेपाली जनताओं की भलाई के लियें नया“ काम तर्फ ध्यान दिजिए । उसी कुर्सी की पुरानीे खेल में न दौडे ता ठीक है । काम करने वाले राजनेताओं तो पद की आवश्कता नहीं है क्यों की जिस जगाह से काम कर सकते है । काम करके दिखायें तो जनता ने खुद बिश्वास करेगी और जिताएगी भी, जनता की शक्ति अब मालूम होगी । देश में हुआ जनआन्दोलन की शक्ति क्या है तुम लोग खुद समझें ही होगें । आप लोगों की सपना पुरा नही होगी । इस लियें देश ने (केचुल बदलना) परिर्वतन करना जरुरी है ।
हेमन्तराज काफ्ले
नेपालगन्ज उप–महानगरपालिका–५नेपालगन्ज (बाके)

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