देश में बाढ से बाढ पीडितों की अवस्था चिंताजनक


सन्दिप कुमार बैश्य,भाद्र २१ गते, काठमाण्डौ | पिछले महिने मे आये बाढ से पुर्व मेची से पश्चिम महाकाली तक के तराई क्षेत्रो की अधिकांस जिला प्रभावित होने से वहाँ के आमलोगो  की अवस्था बिगडती जा रही है । बाढ ग्रस्त अधिकांस जिलो मे बाढ पीडितो को गाँस,बास और कपास की ब्यवस्था अभीतक राज्य ने पूरी व्यवस्था नही की है | अधिकांस जिलो के बाढ पीडित अभीतक अस्थायी शिविर मे ही गुजारा कर रहे है । वो लोग दातृ निकाय ने उपलब्ध कराया हुआ दालमोठ, चिउरा, बिस्कुट, चाउचाउ जैसे खानेवाला चिज खा कर आपना दिन काट रहे है । बाढ के कारण तराई का अधिकांस जिल्लो मे बाढीपीडितो के घर , लत्ता कपडा और अन्न वाली के साथ साथ पशुचौपाया भी बह जाने से वहाँ के लोगों की अवस्था चिन्ताजनक है । देशभर के विभिन्न जिलो मे आये बाढ के कारण विद्यालय के १९ बालबालिकाओ की मृत्यु हो गई है ।
अधिकांस जिलो मे मानवीय क्षति भी हुई है । मानवीय क्षति होने के कारण कुछ जिलो के बाढपीडित बाल बालबालिकाओ ने आपने माता पिता को खो दिया है | जिससे अभी वो लोग बहुत समास्या मे है । पहा डके जिलो मे आये पहिरो और तराई के जिलो मे आये बाढ के कारण सिन्धुली, डोटी, सुर्खेत, बारा, दाङ, कैलाली, सर्लाही, बाँके, सिरहा, सप्तरी, धनुषा, मकवानपुर और चितवन के विद्यार्थीयो की जान गइ है शिक्षा मन्त्रालय की सूचना अधिकारी सरस्वती पोखरेल ने यह बात  बताई । बाढ प्रभावित जिलो के अधिकांस विद्यालायओ में भौतिक संरचना मे भी क्षति पहुँची है शिक्षा मन्त्रालय ने बताया ।
बाढ प्रभावित जिला मध्ये कुछ जिला के बाढी पीडित अभी भी विद्यालय मे अश्रम लेने के कारण विद्यालय सञ्चालन नही हो पा रहा है । बाढ प्रभावित क्षेत्रो मे सरकारी तथा गैरसरकारी निकाय ने बाढ पीडितो को राहत वितरण करने से उनलोगो की अवस्था मे कुछ सुधार जरुर आया है मगर सरकारी तथा गैरसरकारी निकायने उपलब्ध कराया हुआ राहत बिचौलिया के कारण से वास्तविक बाढ पीडित तक नही पहुचने से वे लोग समास्या मे पडे है ।

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