दो खर्ब का सहयोग दे कर लौट गई सुषमा स्वराज

shushma shwarajकाठमांडू,२५ जून २०१५ | विनाशकारी भूकम्प के बाद ध्वस्त भौतिक संरचना पुनर्निर्माण के लिए काठमांडू में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय दाता सम्मेलन सम्पन्न हुआ है । सम्मेलन में पड़ोस से आए विशिष्ट अतिथि लौटने का क्रम जारी है । इसी क्रम में भारत से आई विदेशमन्त्री सुषमा स्वराज भी नेपाल को दो खर्ब के सहयोग राशि की घोषणा कर के लौट गई हैं । घोषित दो खर्ब राशि में से तत्काल एक खर्ब मिलने वाला है । बाँकी एक खर्ब आगामी पाँच वर्ष के अन्दर मिलेगा । तत्काल मिलने वाले एक खर्ब में से २५ प्रतिशत सहायता राशि है और बाँकी ७५ प्रतिशत सहुलियत ऋण के रुप में नेपाल को मिलेगा ।
स्वदेश लौटते समय विदेशमन्त्री स्वराज ने विदाई मन्तव्य देते हुए कहा है – ‘भारत नेपाल का सबसे करीबी मित्र है और भारत नेपाल से कंधे में कंधा मिला कर आगे बढ़ना चाहता है ।’ उन्होंने आगे कहा है– ‘हम आशा करते हैं हमारी सहयोग राशि नेपाल और नेपाली के पुनरुत्थान और पुनर्निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हो पाएगी ।’ विदेशमन्त्री स्वराज का यह भी कहना है कि पञ्चेश्वर, अरुण–३ तथा अपर कर्णाली जलविद्युत परियोजना, निजगढ विमानस्थल और काठमांडू–निजगढ द्रूत सडक जैसे महत्वपूर्ण परियोजना यथाशीघ्र कार्यान्वयन हो सके और जनता के जीवनस्तर में पुनरुत्थान हो पाए ।
स्मरण रहे– दाता सम्मेलन से नेपाल को कुल ३ खर्ब ३६ अर्ब राशि प्राप्त हुई है । उसमें सबसे ज्यादा सहयोग राशि भारत ने दिया ९दो खर्ब० है ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz