नयां नेपाल के नाम में नेताओं ने राष्ट्रीय अखण्डता को कमजोर बना दिया हैः पूर्वराजा शाह

काठमांडू, ११ दिसम्बर । पूर्वराजा ज्ञानेन्द्र शाह ने कहा है कि नयां नेपाल के नाम में नेताओं ने राष्ट्रीय अखण्डता और सामाजिक सद्भाव को कमजोर बना दिया है । १९६वे पृथ्वी जयन्ती के अवसर में भारत के लखनउ से जारी एक सन्देश में पूर्वराजा शाह ने कहा है कि अब नेपाल को संरक्षण करने के लिए काम करने का समय आ गया है ।
पूर्व राजा शाह ने अपने सन्देश में कहा है– ‘नयां नेपाल का सपना देखा कर शुरु की गई राजनीतिक परिवर्तक के पश्चात हमारी सार्वभौमिक स्वतन्त्रता, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्रीय अखण्डता कमजोर बन दिया है । अपने ही भूमि में एक नेपाली दूसरे नेपाली के ऊपर भैरभाव रख रहे हैं, हिमाल, पहाड और तराई में रहनेवाले सभी नेपाली हैं, उन लोगों के बीच भौगोलिक एवं सामाजिक एकता को कायम रखना चाहिए, इस तथ्य को आत्मसाथ करना होगा ।’
पूर्व राजा शाह ने लक्षित किया है कि राजनीतिक दलों के मन में कोई भी ‘दया–भाव’ नहीं है । उन्होंने आगे कहा है– ‘आज नेपाल का अस्तित्व ही खतरा में है, ऐसी त्रास उत्पन्न हो रहा है, इसमें अपने को सम्हाल कर आगे बढ़ने की बाध्यता है ।’ अपने सन्देश में उन्होंने यह भी कहा है कि नेपाली जनता में निहित देश–प्रेम की भावना के कारण आज राष्ट्रीय जागरण भी पैदा हो रहा है । लेकिन उनका यह भी कहना है कि नेपाल के प्रति सम्मानभाव न रखनेवाले और एकता और सद्भाव को कमजोर बनानेवाले भी अपना प्रयास जारी रख रहे हैं ।

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