नश्लिय विभेद के शिकार दो मधेशी पुलिस अधिकारियों को सि. के सन्देश

१४ जुलाई ।
नेपाली सुरक्षा निकाय नेपाल प्रहरी भीतर भी नश्लिय विभेद दिखा गया है । वर्षो से नेपाल प्रहरी के रुप मे सुरक्षा देनेवाले दो अीधकारियोंको चरम विभेदपुर्ण व्यवहार होनेपर प्रहरी उपरिक्षक अनुराग द्धवेदी और प्रहरी उपरिक्षक गोविन्द साह अपने अपने पदों से राजिनामा देनेको तैयार है । प्रहरी उपरीक्षक अनुराग द्धवेदीके अनुसार बिना किसी कारण उन्हें हेडक्वाटर बुलाकर दण्डित करनेका प्रयास कियागया है । प्रहरी उपरीक्षक गोविन्द साह पर्सा और प्रहरी उपरीक्षक अनुराग द्धिवेदी सप्तरी मे कार्यरत थे । स्रोत के अनुसार एक हप्ता पहले उन अधिकारियों को जिला से हेडक्वाटर बुलाया गया था लेकिन बुलाने का कोई ठोस कारण नहीं बताया गया है । कारण जान्ने के लिए प्रहरी महानिरिक्षक से मुलाकात करना चाहा पर प्रहरी महानिरिक्षक ने समय देनेके बजाय उन अधिकारीयोंको अचानक काज मे कोई और जिला का कागज थमाया गया है । अपने ही संगठन के इस नश्लिय विभेद के कारण दोनो अफिसरों ने राजिनामा देने की बात बतायी है । उधर स्वतन्त्र मधेश गठबन्धनके संयोजक डा. सिके राउत उन मधेशी पुलिस अफसरोको ये संदेश दिया है कि देख मधेशी तुम कहाँ हो ? सेना पुलिस में मधेशियों को फिरंगी नेपालियों सबसे ज्यादा अपमान भोगना पडता है, सबसे ज्यादा अभद्र और अश्लील गाली सुननी पडती है, सबसे ज्यादा जलील होना पडता है, सबसे ज्यादा विभेद झेलना पडता है…और उसके बाद भी परिणाम यह निकलता है । इसलिए मधेशी पुलिस भाइयों से यही कहना चाहूँगा कि भाई आप तैयार रहो, मधेश देश के लिए और हो सके तो थोडा धक्का लगाओ वहीं से ताकि मधेश जल्द आजाद हो जाये और आप सभी सुकून से, गर्व से, मधेशी पुलिस और सेना बन सके…अपना सीना तानकर चल सकें, सर उठाकर जी सकें, राजा बनकर राज कर सकें…इस तरह जलील होकर घूटघूट कर कब तक जीते रहोगे ?

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