नाै महीने के बदले पाँच महीने में ही अाया दुनिया में अजूबा निर्वाण

२५ सितम्बर

 

मुंबई में भारत का सबसे छोटा बच्‍चा पैदा हुआ। इस नवजात का नाम न‍िर्वाण है। आजकल न‍िर्वाण काफी चर्चा में है क्‍योंक‍ि यह सामान्‍य बच्‍चों से थोड़ा हटकर है। मुंबई के सूर्य अस्पताल में न‍िर्वाण का जन्‍म 5 महीने में ही हो गया। यह मां के गर्भ में आने के 22 सप्ताह  बाद ही 12 मई, 2017 को पैदा हो गया था। जन्‍म के समय न‍िर्वाण का वजन 610 ग्राम था। इसके अलावा उसका स‍िर 22 सेंटीमीटर और लंबाई 32 सेंटीमीटर थी। ऐसे में 5 महीने में जन्‍में इस बच्‍चे को लेकर पर‍िजन काफी च‍िंत‍ित हो गए क्‍योंक‍ि उसके अभी बहुत से अंगों का न‍िर्माण भी नहीं हुआ। हालांक‍ि इस दौरान डॉक्‍टरों ने उन्‍हें भरोसा द‍िलाया और उसे निओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में रखा। इसके बाद 14 डॉक्टरों और 50 नर्सिंग कर्मचारियों की टीम इस बच्‍चे के इलाज में लग गई। डॉक्‍टरों ने श्वसन समर्थन, फेफड़ों का विस्तार आद‍ि करने के ल‍िए बीच-बीच में वेंटीलेटर पर भी रखा।

हालांक‍ि छह हफ्तों के बाद निर्वाण को वेंटिलेटर हटाकर उसे दूध दिया गया। ज‍िससे उसका करीब 1 किलोग्राम वजन भी बढ़ा। डॉक्‍टर अब उसे अभी करीब छह हफ्तों तक नॉन-इनवेसिव रेस्पिरेटरी सपोर्ट पर रेखेंगे। वहीं सूर्य अस्पताल के बाल व‍िभाग के निदेशक डॉक्‍टर भूपेंद्र अवस्‍थी का कहना है क‍ि अभी इस बच्‍चे को बहुत से और भी मेड‍िकल ट्रीटमेंट की जरूरत है। मेड‍िकल साइंस के मुताबि‍क गर्भावस्‍था के समय से पहले पैदा हुए जीव‍ित शिशुओं में गंभीर बीमारि‍यां होने की संभावना होती है। जि‍नमें मस्तिष्क पक्षाघात, सुनने की द‍ि‍क्‍क्‍त, मानसिक समस्‍या, आंखो से जुड़ी परेशानी, और मिर्गी आद‍ि शाम‍िल है। इसके अलावा उनका कहना है क‍ि इससे पहले भी इस अस्पताल में 24 सप्ताह में नवजात शिशु का मामला भी हो चुका है। वह श‍िशु भी जीवि‍त‍ हुआ था। उनके मुताब‍िक गर्भावस्था के समय से पहले दुन‍िया में करीब 40-50 फीसदी श‍िशु पैदा होते हैं लेकि‍न करीब 5 फीसदी ही जीव‍ित रह पाते हैं। नि‍र्वाण भी उन बच्‍चों में से एक है। ऐसे में न‍िर्वाण को पूरे हॉस्‍प‍िटल में लोग म‍िरेकल बेबी के नाम से पुकार रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है क‍ि 132 दिनों से अपनी जिंदगी से लगातार लड़ने वाला यह बच्‍चा कुदरत का एक बड़ा कर‍िश्‍मा है।

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