नियमों के तहत संजय दत्त की होगी रिहाई : जेल विभाग की रिपोर्ट


हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, १४ जून ।
बाँम्बे हाईकोर्ट में जेल विभाग द्वारा पेश किए जाने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार के मौजूदा नियमों के मुताबिक ही संजय दत्त को जेल की सजा में माफी दी गई है ।

बा‘म्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार से संजय दत्त को जेल से जल्द रिहा करने को लेकर सवाल जवाब किया था । कोर्ट ने पूछा है कि सरकार अपने फैसले की सफाई दे कि आखिर संजय दत्त को आठ महीने पहले जेल से कैसे रिहा कर दिया गया, जबकि वे ज्यादातर वक्त पैरोल पर बाहर ही थी ।

बा‘म्बे उच्च न्यायालय ने यह आदेश प्रदीप भालेकर नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए हैं । प्रदीप ने संजय दत्त की रिहाई को चुनौती देने के साथ ही उनको जेल में रहते हुए जो पैरोल मिलते रहे थे, उन पर भी सवाल उठाए हैं । इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने कहा है कि ‘जेल अधिकारियों ने यह आकलन कर कैसे लिया कि संजय दत्त का व्यवहार अच्छा था? उन्हें यह आकलन करने का समय कब मिला जबकि आधे समय तो संजय दत्त पैरोल पर जेल से बाहर रहते थे ।’ न्यायालय ने यह भी सवाल किया है कि क्या संजय दत्त की रिहाई के लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई, आम कैदियों के लिए भी वही अपनाई जाती है?

संजय दत्त को कभी अपनी बेटी की नाक की सर्जरी के लिए ३० दिनों का पैरोल मिला तो कभी उन्हें पत्नी के खराब स्वास्थ्य के चलते पैरोल पर छोड़ा गया । उन्हें कई बार फर्लो पर भी रिहाई दी गई । इस दौरान वे पार्टियों में झूमते हुए भी पाये गये । मई २०१३ से मई २०१४ के दौरान संजय दत्त कुल ११५ दिन जेल से बाहर रहे और अपनी सजा के शुरुआती दो सालों में उन्होंने पांच महीनों से ज्यादा समय जेल से बाहर ही बिताया ।

संजय दत्त को १९९३ बम धमाकों के मामले में पांच साल की जेल हुई थी । उन्हें एके– ५६ राइफल रखने के लिए आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया था । उन्होंने अपनी सजा महाराष्ट्र के यरवाडा सेंट्रल जेल में काटी । जहां से उन्हें फरवरी २०१६ में अच्छे व्यवहार के कारण जल्द रिहा कर दिया गया था ।एजेन्सी

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