निर्मला सीतारमण विश्व की 16 शक्तिशाली महिला रक्षा मंत्रियों की उस लिस्ट में शुमार

नई दिल्ली । ४ सितम्बर

 

भारत की रक्षा मंत्री बनने के साथ ही निर्मला सीतारमण विश्व की 16 शक्तिशाली महिला रक्षा मंत्रियों की उस लिस्ट में शुमार हो गयी, जो कि पुरुष प्रधान समाज में महिला सशक्तिकरण के उभार को दर्शाता है। सीतारमण को बीते रविवार को विश्व की चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गयी। महिला रक्षा मंत्रियों की लिस्ट में निर्मला सीतारमण ऐसी नेता होंगी, जो 1.4 मिलियन सैनिकों वाली सबसे बड़ी सैन्य शक्ति का नेतृत्व करेंगी।

निर्मला सीतारमण और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली विश्व की अकेली दो ऐसे महिला रक्षा मंत्री हैं, जो परमाणु शक्ति संपन्न देश की सेना का नेतृत्व कर रही हैं। पार्ली फ्रांस की अन्य महिला सिल्वी गोलार्ड की उत्तराधिकारी हैं, जिन्होंने रक्षा मंत्री बनने के दो माह में ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं बाग्लादेश की पीएम शेख हसीना अतिरिक्त कार्यभार के रुप में रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रही हैं।

विश्व के अन्य देश जहाँ महिलाएं रक्षा मंत्री की पदभार संभाल रही हैं, उनमें इटली की रोबर्टा पिनोटी, जर्मनी की उर्सुला वॉन डेर लेयेन, स्पेन की मारिया डोलोरेस डे कोस्पेडल हैं, साउथ अफ्रीका की नासिनविया मापिसा न्क्यूकुला और आस्ट्रेलिया की मेरिस पेन शामिल हैं। केन्या की रेचेल्ला ओमामा भी महिला रक्षा मंत्रियों की लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि उनकी स्थिति संदेहपूर्ण है, क्योंकि केन्या की सुप्रीम कोर्ट ने देश में फ्रेश इलेक्शन कराए जाने का आदेश दिया है।

विश्व के वो देश जहाँ वर्तमान में रक्षा मंत्रालय की कमान महिलाओ की हाथो में है।

भारत
ऑस्ट्रेलिया
जर्मनी
इटली
फ्रांस
स्पेन
बांग्लादेश –
दक्षिण अफ्रीका
नीदरलैंड
केन्या
निकारागुआ
अल्बेनिया
नॉर्वे
मेसिडोनिया
बोस्निआ एंड हर्जिगोविना
स्लोवेनिया

विश्व की सेनाओं की जानकारी रखने वाली ग्लोबल फायर पॉवर के मुताबिक देशों के पास सक्रिय सैनिकों की संख्या
फ्रांस – 20400
इटली – 247,000
जर्मनी – 180,000
स्पेन – 124,000
साउथ अफ्रीका – 78,050
आस्ट्रेलिया – 60,000
बांग्लादेश – 160,000

महिला रक्षा मंत्रियों का इतिहास

विश्व में पहली महिला रक्षामंत्री होने का सम्मान श्रीलंका की सिरिमाओ भंडारनायके को है, 1960 में सिरिमाओ भंडारनायके ने श्रीलंका (तब सीलोन) की प्रधानमंत्री रहते हुए रक्षा मंत्रालय का पद अपने पास रखा था। इसके बाद इंदिरा गाँधी ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए रक्षा मंत्रालय को अपने पास रखा था। वर्ष 1990 में फिनलैंड की मार्था एलिज़ाबेथ पहली फुल टाइम रक्षा मंत्री बनी। एशिया में जापान की यूरीको कोइक पहली महिला रक्षा मत्री हैं, जिन्हें रक्षा मंत्रालय का पूर्ण कार्यभार दिया गया। हालांकि वो वर्ष 2007 में दो वर्ष ही रक्षा मंत्री रह सकी। उनके एक नौसैनिक रिश्तेदार की ओर से राडार सिस्टम की क्लासीफाइड जानकारी लीक करने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। सबसे लम्बे समय तक महिला रक्षा मंत्री रहने कर रिकॉर्ड बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के नाम है। 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय को पास रखा था। अपने पूरे कार्यकाल (5 साल 33 दिन ) के दौरान उन्होंने इस विभाग अपने पास रखा। साल 2009 में दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय को अपने पास रखा है।

इक्वाडोर की गुआडालीउप लारिवा ऐसी महिला रक्षामंत्री है जिनका कार्यकाल सबसे कम रहा। वो केवल 9 दिन के लिए इक्वाडोर की रक्षामंत्री रहीं। उन्होंने 15 जनवरी 2007 को इक्वाडोर की रक्षामंत्री बनी और 24 जनवरी2007 को एक हेलीकाप्टर क्रैश में उनकी मृत्यु हो गयी थी।

सुबाेध सारथी दैनिक जागरण

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