निर्वाचन रोकने के लिए सर्वोच्च फिर मुद्दा

काठमांडू, १३ कार्तिक । निर्धारित चुनाव (मार्गशीर्ष १० और २१) को रोकने के लिए सर्वोच्च में सोमबार फिर और एक मुद्दा पञ्जीकृत की गई है । आज प्रकाशित अन्नपूर्ण दैनिक के अनुसार अधिवक्ता सीताराम अग्रवाल ने यह मुद्दा पंजीकृत किया है । उनका कहना है कि समानुपातिक चुनाव के लिए छप चुके १ करोड ७४ लाख मतपत्र बदर करके पुनः दूसरा मतपत्र छापाना चाहिए । अधिवक्ता अग्र्रवाल ने दावा किया है कि प्रदेशसभा और प्रतिनिधिसभा के लिए एक ही मतपत्र छापना गैरकानुनी है । स्मरणीय है, निर्वाचन और मतपत्र संबंधी अन्य कई मुद्दा सर्वोच्च में विचाराधिन है ।
अग्रवाल द्वारा पंजीकृत रिट में कहा गया है कि गत बुधबार सर्वोच्च अदालत द्वारा की फैसला के भावना विपरित मतपत्र छपाई हो रहा है । इसीतरह उनका यह भी कहना है कि समानुपातिक दलों की संख्या से ज्यादा मतपत्र में चुनाव चिन्ह कायम की गई है, यह भी गैरकानुनी है । उन्होंने अपना रिट निवेदन में कहा है– ‘समानुपातिक चुनाव में सहभागी होने के लिए ४९ राजनीतिक दल निर्वाचन आयोग में पंजीकृत हैं, लेकिन मतपत्र में ८८ चुनाव चिन्ह है, यह मतपत्र गैरकानुनी है, बदर होना चाहिए ।

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