नेपलाग्न्ज में उजुरी छानविन प्रक्रिया और सरोकारवालों की भूमिका विषयक छलफल

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल, २०७३ श्रावण ८ गते ।
मानव अधिकार संरक्षण तथा कानूनी सेवा केन्द्र (हरप्लेस) और नागरिक समाज सञ्जाल बर्दिया की संयुक्त आयोजन में आयोजित उजुरी छानविन प्रक्रिया और सरोकारवालों की भूमिका विषयक छलफल के सहभागियों ने सरकार और राजनीतिक दल की काम कारवाही देखने में न्याय पाने में आशंका जताया है ।
बबई नगरपालिका–३ की इन्द्ररानी चौधरी ने तत्कालिन सशस्त्र द्वन्द्व में बिद्रोही पक्ष द्वारा बि.सं २०६० साल में बेपत्ता कियें गये पति की अवस्था पत्ता लगा देने के लिये गत असार महीनें में बेपत्ता तथा छनबीन आयोग को स्थानीय शान्ति समिति मार्फत निबेदन दिया था बतायी । उन्होंने पति की खोजीकार्य होगी की नही होगी बारे आशंका ब्यक्त किया । इन्द्ररानी जैसे बर्दिया के बिभिन्न गाबिस तथा नगरपालिका में ज्यादा राज्य तथा बिद्रोही पक्ष से पीडित हुयें है द्वन्द्वपीडित रहें है ।
अभी तक संकलन किया गया उजुरी पर आयोग ने छनबीन प्रक्रिया आगे बढाने के क्रम में बर्दिया जिला के पीडितों ने सुरक्षा, गोपनियता लगायत की बिषय में हम लोगों को विश्वस्त करने के लिये माग समेत आग्रह किया है ।

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कार्यक्रम में द्धन्दपिडितों की सिकायत तथा जिज्ञासा सुनने के बाद में सत्य निरुपण तथा मेलमिलाप आयोग के सदस्य श्रीकृष्ण सुवेदी ने आयोग के काम, कारवाही तथा छनबीन प्रक्रियाप्रति कोई भी शंका न करने के लिये द्धन्दपिडितों को आग्रह किया था । उन्होंने कहा आयोग को अभी ५५ हजार से अधिक निवेदन प्राप्त हुआ है, हम कोई भी हालत में यह उजुरी छोडकर नही जाएगें, और किसी भी हालत में आयोग इस प्रक्रिया की समाधान करेगी ।
आयोग ने अन्र्तराष्ट्रीय मापदण्ड अनुसार ही काम करने की प्रतिबद्धता करते हुये उजुरी की म्याद बढाने के लिये पिडितो ने अनुरोध किया है उसी कारण उजुरी लेने की म्याद थप किया गया है बताया । स्थानीय शान्ति समिति मार्फत मुलुकभर से द्धन्दपिडितों की उजुरी आयोग में आया है ।
कार्यक्रम में जिला प्रहरी कार्यालय बर्दिया के प्रहरी नायव उपरिक्षक नेत्रमणि गिरी ने पीडितों को में असुरक्षित रहें है महसूश हुआ है प्रक्रिया मार्फत जिला प्रहरी कार्यालय में सुरक्षा पाने के लिये निवेदन आया है हम पूर्ण रुप में सहयोग करेंगे बताया ।
इसी तरह कार्यक्रम में जिला प्रशासन कार्यालय के प्रशासकिय अधिकृत डिल्लीराज आचार्य, विभिन्न राजनितिक दल के प्रतिनिधी, अधिकारकर्मी तथा द्धन्दपिडित लगायत लोगों ने अपनी अपनी सुझाव व्यक्त किया था ।

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