नेपालगंज रिपोर्ट -विद्युत पर बवाल

विनय दीक्षित
नेपालगन्ज में पिछले दो वर्षों से एक नया संकट उत्पन्न हो गया । जहाँ पहले विद्युत कटौती का दिन लोगों को याद नहीं रहता था, वहीं अब लोग विद्युत समस्या को लेकर नारे लगाने लगे है । स्थिति धर पकड़ और शोर सराबा पर ही नहीं रुका, पुलिस से झड़प और धक्का मुक्की भी होने लगी ।
नेपालगन्ज में विद्युत सेवा विस्तार के क्रम से भारतीय विद्युत सप्लाई होता है । भारत नानपारा रुट की १२ मेगावाट विद्युत नेपालगन्ज बासियों को मिलता है । सरकारी सम्झौता के अनुसार सिर्फ ५ मेगावाट विद्युत ही नेपालगन्ज को मिलना चहिए ।
नेपालगन्जका क्रमिक विकास, होटल अस्पताल, उद्योग आदि की बढ़ोत्तरी ने विद्युत का संकट गहरा कर दिया । नेपालगन्ज में पिछले दिनों विद्युत कटौती जब हद पार कर गयी लो लोगों का गुस्सा फूटा और नेपालगन्ज के सैकड़ों लोग विद्युत प्राधिकरण पहुँच कर बवाल करना सुरु किया ।
स्थिति को सम्भालने के लिए विद्युत कार्यालय ने पुलिस परिचालन किया । पुलिस से स्थानीय लोगों की हातापाई भी हुयी । पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया । अन्ततः विद्युत कार्यालय स्थानीय लोगों से बातचीत करने पर बाध्य हुई और करीब २ दर्जन लोगों ने विद्युत प्राधिकरण के अधिकारियों से समस्या के निकास पर बात की ।
वार्ता में सहभागी नेपालगन्ज के बासिन्दा विनोद अग्रहरी ने कहा, विद्युत योजना विहीन कार्यालय है । नेपालगन्ज नानपारा का १९ किलो मीटर तार और ट्रान्सफर्मर जीर्ण अवस्था में है । नेपालगन्ज से अधितम् रकम असूल करने वाला कार्यालय तार नहीं बदल पा रहा है ।
अग्रहरी ने कहा, सड़क की बत्तियाँ दिन भर जलती रहती हैं, उद्योग कारखानों में विद्युत सप्लाई अच्छी दी जाती है । घर की बिजली काटकर कहीं और बेच दिया जाता है । समस्या को हल करने बजाय विद्युत प्राधिकरण समस्या को बढ़ा रहा है ।
स्थानीय समीर श्रेष्ठ ने कहा, लोगों का गर्मी के कारण जीना मुहाल है । गर्मी झेलना भी एक नया संघर्ष बन गया है । रात में लोग सो नहीं पाते जिस कारण जीवनशैली ही तनावयुक्त हो गयी है । उन्होंने कहा, अब सुधार सम्भव नहीं है तो कब सम्भव होगा यह डेट विद्युत कार्यालय को देना पडेÞगा ।
आक्रोसित स्थानीय लोगो ने विद्युत कार्यालय के खिलाफ नारेबाजी किये । विद्युत प्रमुख की राजीनामा माँग की । और समस्या समाधान न होने तक पूर्ण रूप से विद्युुत सप्लाई रोक्ने की बात की । रन्जीता थापा ने, विद्युत पर आरोप लगाया कि वह अनियमित ढंग से विजली देने के बाद भी बिल का रकम पुराने हिसाब से ही आता है ।
स्थिति को सम्भालने के विद्युत के पास खास जबाब नहीं था । विद्युत अधिकार यही सोंच रहे थे कि सुरुवात कहाँ से की जाए । स्थानीय रीतु थापा ने कहा, विद्युत में काफी अनियमितता होता । जहाँ सप्लाई देने का समय होता है, वहाँ भी कटौती होती है । विद्युत आने और जाने का समय निश्चित नहीं है ।
थापा ने बताया कि, कभी लो भोल्टेज तो कभी हाइ भोल्टेज के कारण विद्युत उपकरण खराब होते जा रहे हैैं । उन्होने इन्भर्टर बिक्रेताओं के साथ प्राधिकरण अधिकारियों की मिली भगत बताई । लोग निरन्तर आरोप पर आरोप लगाते रहे, विद्युत अधिकारी शान्त मुद्रा में बैठे थे ।
लोगों ने विद्युत में कालाबजारी तक का आरोप लगाया । कहा, कम्पनी और बडेÞ होटलों को बिजली अवैध ढंग से बिक्री होती है । नेपालगन्ज में अभी बिजली की आवश्यकता २५ मेगावाट है और सप्लाई महज ८ मेगावाट ।
विद्युत प्रमुख उमेश कुमार झा ने स्थिति को सम्भालते हुए कहा, जब हमारे पास आपूर्ति ही नहीं आती तो हम कहाँ से देंगें ? उन्होने कहा, नेपालगन्ज में जहाँ से विद्युत आता है काली गण्डकी विद्युत उत्पादन गृह पिछले दिनों मरम्मत में है । भारतीय क्षेत्र जहाँ से १२ मेगावाट मिलना था, वहाँ से सिर्फ ८ मेगावाट आ रहा है । भारतीय क्षेत्र में रोजा और रमजान के किए विद्युत बढोत्तरी की गई, जिससे नेपालगन्जका भी ४ मेगावाट काट दिया गया ।
नेपालगन्ज को जो सप्लाई होना चहिए वह नहीं मिला तो विद्युत कार्यालय ने अनियति ढंग से बिजली काटना शुरु किया । कटौती का समय २० घण्टे तक पहुँच गया । लेकिन कार्यालय प्रमुख उमेश झा की बात पर किसी को यकीन नहीं हो रहा था ।
झा की बात सुनकर लोग और गुस्से से भर गए, स्थानीय लोगों ने कहा इसका मुख्य व्यक्ति जो है उससे बात किया जाएगा । बात इस पर रुकी कि क्षेत्रीय प्रमुख से बात किया जाएगा और दूसरे ही दिन ११ बजे का समय मिला क्षेत्रीय प्रमुख विनोद उपाध्याय से बातचीत करने का ।
मौसम खराब था । निरन्तर भारी बर्षा हो रही थी । विद्युत कार्यालय को यकीन था कि लोग नहीं आएगें । लेकिन समय से पहले ही लोग क्षेत्रीय कार्यालय पहुँच चुके थे । क्षेत्रीय प्रमुख विनोद उपाध्याय ने कहा, समस्या समाधान के लिए हम निरन्तर प्रयासरत है । उन्होंने आक्रोशित लोगों को सम्झाते हुए कहा, यह राष्ट्रीय समस्या है । नेपालगन्ज से कहीं ज्यादा कटौती काठमाण्डौ में होता है ।
कटौती को लेकर लोगों का गुस्सा जायज बताया । उपाध्याय ने कहा, हम समस्या समाधान के लिए एक वर्ष का समय लेते हैं । जिस में काफी कार्य योजना हैं । नेपालगन्ज नानपारा की १९ किलो मिटर एक और लाइन विस्तार । नेपालगन्ज में हैबी ट्रान्सफर्मर जडान । उन्होने कहा, विद्युत की घरेलु और औद्योगिक लाइनका डाइभर्जन आदि हमारे कार्य योजना में है जो इसी वर्ष कार्यान्वयन होगा ।,
इससे समाधान यह होगा कि, भारत से जो अभी १२ मेगावाट आरहा है, वह दूगुना हो जाएगा । समानान्तर लाइन का मतलब है, उसी प्रकार के क्षमता का दूसरा लाइन विस्तार । तो २४ मेगावाट इस प्रकार भारत से लिया जाएगा और नेपाल से प्राप्त होता है, वह होता ही रहेगा ।
क्षेत्रीय प्रशासक उपाध्याय ने कहा, हम चाहते हैं नेपालगन्ज में कम से कम ३० मेगावाट विद्युत की व्यवस्था हो सके । जिससे कुछ वर्षों तक लोडसेडिंग और लो भोल्टेज की समस्या समाधान हो जाएगा । विद्युत कटौती के कारण नेपालगन्ज से विभिन्न कम्पनियाँ विस्थापन की शिकार हो रही हैं । बडे उद्योगी और व्यवसायी अपना व्यवसाय घटा रहे हैं । कृषि की सिंचाई पूर्ण प्रभावित है । अस्पतालों में मरीज गर्मी से बेहाल है । विद्यार्थियों की भी दशा वही है बाँकी आम लोग हैं, जो गर्मी के कारण रात में सड़क और खुले छत परे सोते हैं ।
विद्युत कार्यालय में हो रही बिजली के खेल पर स्थानीय लोगों ने जाँच माँग की । उन्होने कहा, कितना और कब सप्लाई आता है, कितना कब और कहाँ सप्लाई जाता है, इसकी सूचना जनता को मिलनी चाहिए ।

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