नेपालगञ्ज में बहुुभाषिक कवि गोष्ठी

नेपालगन्ज,(बाके) पवन जायसवाल, २०७४असोज २९ गते ।
नेपालगञ्ज में सामाजिक सद्भाव फैलाने के लिये और सास्कृतिक सङ्गग्रालय की स्थापना करने के लिये सहभागियों ने वह कार्यक्रम में जोड दिया ।
यूएनडिपी की आर्थिक सहयोग में सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र की आयोजन में विश्व अहिंसा दिवस की अवसर पर नेपालगन्ज में बहुुभाषिक कवि गोष्ठी सम्पन्न किया गया है ।
कार्यक्रम के प्रमुुख अतिथि उच्च अदालत के माननीय न्यायाधीश डा.सलाउद्धिन अख्तर सिद्दिकी ने सम्पूर्ण धर्म ग्रन्थों की महत्व बराबर रही है गहन अध्ययन करना जरुरी है और सभी समुुदाय की भाषा और संस्कृतियों की ज्ञान को आत्मसात् करने के लिये जोड दिया था ।
इस के साथ साथ उन्होंने नेपालगञ्ज में एक सास्कृतिक सङ्गग्रालय स्थापना करने के लिये जोड दिया था । सामाजिक सद्भाव कायम करने के लिये साहित्य की अहम भुुमिका होगी नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व प्राज्ञ सनत रेग्मी ने बताया साथ साथ उन्हों ने कहा नेपालगञ्ज विविध भाषा भाषियों की शहर होने की नाते यह पर बहुुभाषिक कवि गोष्ठी की महत्व रही है और इस्से एक आपस में भातृत्व बिकास, सामाजिक सद्भाव फैलाने में महत्वपूर्ण भुुमिका निभा रही है बताया ।
इसी तरह जंगार साहित्यिक बखेरी के अध्यक्ष सोम डेमनडौरा ने थारु भाषा में अपनी कविता प्रस्तुत किये थे । ोहम्मद गुुल्फान खान ने अपनी अवधी गीत प्रस्तुुत किये थे । उसी अवसर पर सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र के अध्यक्ष विश्वजीत तिवारी ने उच्च अदालत के माननीय न्यायाधीश डा.सलाउद्दीन अख्तर सिद्दिकी और नेपालगन्ज महेन्द्र पुुस्तकालय के अध्यक्ष कन्हैयालाल टण्डन को उसी अवसर पर दोसल्ला ओढाकर सम्मान भी किया गया था ।
वह बहुुभाषिक कवि गोष्ठी में अवधी सास्कृतिक विकास परिषद के अध्यक्ष सच्चिदानन्द चौबै, बी.विकास साहित्यिक गुुठी नेपालगञ्ज के अध्यक्ष पंकज श्रेष्ठ, नेपालगन्ज उद्योग बाणिज्य संघ के अध्यक्ष नन्दलाल वैश्य, क्षेत्रीय निर्वाचन कार्यालय नेपालगञ्ज के प्रमुुख बसन्तराज अधिकारी, थर्ड एलाइन्स क्षेत्रीय संयोजक आलम खान, फतिमा फाउण्डेशन नेपाल की साहिदा बानो शाह, श्रदा केसी, मैमुुना सिद्दिकी, साहिल अन्सारी, कल्पना खरेल, श्यामानन्द सिंह, शिव प्रसाद पाठक, लगायत २ दर्जन साहित्यकारों ने सामाजिक सद्भाव सम्बन्धि कविता प्रस्तुुत किये थे । वह कार्यक्रम में सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र के अध्यक्ष विश्वजीत तिवारी ने नेपालगञ्ज विविधता में एकता की शहर होने की नाते भाषा और संस्कृति संरक्षण में जोड दिया और एक विविध सा“स्कृतिक सङ्गग्रालय स्थापना करने पर जोड दिया था । ऐसी बहुुभाषिक कवि गोष्ठी कार्यक्रम ने एकदूसरों की भाषा की बारे जानकारी होगी और सामाजिक सद्भाव कायम करने में मद्दत पहु“चेगी सूचना और मानव अधिकार अनुुसन्धान केन्द्र की कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मी तिवारी ने बतायी सो बहुुभाषिक कार्यक्रम की सञ्चालन सपना भट्टराई ने की थी ।

 

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