नेपालगन्ज भन्सार -देश बेच देने की मुहीम

देश के मुख्य भन्सार कार्यालय में सूचीकृत नेपालगन्ज भन्सार पश्चिम नेपाल का मुख्य निकासी पैठारी केन्द्र और नाका है । पुलिस चेक जाँच में सामान्य रूप से साइकल या मोटरसाइकल पर भारतीय क्षेत्र रुपईडिहा से अवैध ढंग सामग्री तस्करी करने वाले लोग ही गिरफ्त में आते थे । हाल ही में, भन्सार कार्यालय नेपालगन्ज की मिली भगत में जब भन्सार कार्यालय होते हुए ३० लाख की मेशिनरी सहित एक ट्रक नेपालगन्ज में पुलिस ने पकडा तो भन्सार कार्यालय और कर्मचारियों की सिलसिलेवार तरीके से करोड़ो घोटाले की खबर बाहर आने लगी ।
नेपालगन्ज भन्सार नाका से होते हुये प्रवेश हुआ के ट्रक जब पुलिस ने नेपालगन्ज भन्सार से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पकड़ा तो सामने आया कर्मचारी की सेटिंग, यह सेटिंग हजारों या फिर लाखों नहीं करोड़ो में सामने आया । नेपालगन्ज चौलिक्का चौक से संघीय प्रहरी इकाई कार्यालय नेपालगन्ज ने बिना भन्सार प्रवेश किए ट्रक को ११ः३० बजे रात में बरामद कर कारवाही के लिए राजश्व अनुसन्धान कार्यालय कोहलपुर में भेजा ।
युपी ३६ टी ७३०७ नं. के भारतीय ट्रक में ३० लाख बराबर की मशीनरी, खराद मशीन और अन्य उपकरण लोड थे । ट्रक चालक ने बताया कि भन्सार कर्मचारी से मेरी कोई बात नहीं हुई । मशीन जिसने मँगाया था उसने ही सभी प्रकार के बातचीत की थी । कानपुर से नेपालगन्ज १३ निवासी पप्पु शाह के लिए भन्सार एजेन्ट जगदीश प्रसाद बनिया ने कर्मचारियों से मिलीभगत कर ट्रक को पास किया था । पुलिस ने बताया कि कर्मचारी मात्र लोडेड ट्रक को चेकजाँच करते हैं, पुलिस का काम मात्र इन्ट्री करना होता है ।
दुर्गेश्वरी ईलेक्ट्रीकल्स नेपालगन्ज के नाम से कानपुर से पहुँचे सामग्री में पुलिस ने और अनुसन्धान बढ़ाया तो पता चला बरामद सामग्री पहला विषय नहीं है । पुलिस ने ट्रक सहित ट्रक चालक भारत उन्नाव ग्राम मोहीभान थाना निवासी बिरेन्द्र कुमार पाल और सहचालक नरेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर कारवाही चलाया । भन्सार कर्मचारियों से चूक हुई है लेकिन मिली भगत नहीं है, नेपालगन्ज भन्सार कार्यालय के प्रमुख जनार्दन आचार्य ने कहा, घटना की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठन किया गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा मामला क्या था । ७ दिन के भीतर रिपार्ट देने वाली समिति २० दिन बीतने के बाद भी सामने नहीं आई ।
विवादित समिति के भरोसे जा“च
जो कर्मचारी ट्रक निकासी प्रकरण में सम्मिलित होने की आशंका में थे, भन्सार कार्यालय नेपालगन्ज ने उन्हे ही जाँच समिति में रख दिया । भन्सार कर्मचारी सुभाष प्रसाद श्रेष्ठ के संयोजकत्व में तीन सदस्यीय छानबीन समिति गठन कर भन्सार ने दूध और पानी साफ करने की बात की ।
समय सात दिन का लिया, और समय बीतता गया समिति गायब हो गई । ३० लाख की सामग्री सहित पुलिस नियन्त्रण में पहुँचे ट्रक प्रकरण में जाँच के लिए भन्सार तथ्याँक अधिकृत अनिल प्रसाद साउद और नायब सुब्बा कमल सिंह खड्का सदस्य थे । नेपालगन्ज में भारत से किसी प्रकार की सामग्री लाने के लिए ७ प्रकार के चेकजाँच से गुजरना पड़ता है । भन्सार कार्यालय के अनुसार, जमुनाहा, पुराना भन्सार, जयसपुर, चौलिक्का चोक में विधिवत चेकजाँच की व्यवस्था है ।
मानवीय त्रुटि होने पर उसे पकड़ने के लिए भन्सार ने सड़क पर सिसिटिभी कैमरा भी जड़ान कर रखा है । लेकिन जहाँ से सेटिंग और तस्करी होती है वहाँ कैमरा पहले से ही खराब पाया गया । भन्सार विभाग ने घटना में संज्ञान लेते हुए ३ कर्मचारियों को जाँच के लिए काठमाण्डौ बुलाया है । जाँच प्रतिवेदन सार्वजनिक न होने के कारण घटना की वास्तविक तथ्य अभी तक बाहर नहीं आ सका है ।
यह है तस्करी का सिलसिला
भन्सार कार्यालय नेपालगन्ज की योजना और मिलीभगत में ३० लाख की सामग्री सहित पकड़ा गया ट्रक कोई नया मामला नहीं है । जिला पुलिस कार्यालय बाँके की रिपोर्ट को आधार मानें तो पिछले २ वर्षो में सात माल बाहक ट्रक पुलिस नियन्त्रण में पहुँचे जो भन्सार कर चुहावट कर माल सहित नेपाल प्रवेश कर चुके थे ।
२०७२ चैत्र २४ गते नेपालगन्ज १५ से ना.४ ख.६२१५ और ना.३ ख.८२४३ नं.के दो ट्रक को पुलिस ने बरामद कर कारवाही किया जो बिना भन्सार नेपालगन्ज प्रवेश कर किए थे । दोनों ट्रक में ३४ हजार २०० केजी दाल लोड था २०७३ कार्तिक १० गते नेपालगन्ज १३ से युपी ७६ के ११५० नं.के ट्रक को पुलिस ने नियन्त्रण में लिया जिसमें ४१ हजार ५३५ केजी आलु लोड था । २०७३ माघ ४ गते नेपालगन्ज २१ से युपी २२ सी ९८०४ नं.के ट्रक को पुलिस ने जयसपुर से बरामद किया । दुर्भाग्य से ट्रक पलट गया, जब पुलिस ने चेकजाँच किया तो पता चला ३९० बोरी चावल र ३८० बोरी कनिका बिना भन्सार पास हो रहा था । सभी बोरियों का तौल ३० केजी के दर से था । २०७३ चैत्र २७ गते यु.पी.४० टी.४९२ नं.का नेपालगन्ज १६ से बरामद हुआ जिसमें १ हजार ५ सौ २७ केजी मछली बरामद किया गया । २०७३ चैत्र २२ गते चेकजाँच में ६९ बैल सहित दो ट्रक गनापुर में बरामद हुआ । बरामद सभी ट्रक कारवाही के राजश्व अनुसन्धान कार्यालय कोहलपुर भेजा गया । जिला पुलिस कार्यालय बाँके के डीएसपी सुधीर शाही ने हिमालिनी को बताया कि ट्रक के अलावा २ वर्ष में एक करोड़ ९५ लाख २८ हजार ४३ रुपैये की सामग्री खुद्रा रूप में बरामद कर कारवाही किया ।
कहां हैं ६१३ ट्रक ?
भारतीय क्षेत्र से नेपालगन्ज प्रवेश करने से पहले माल बाहक ट्रक, टैंकर, ग्यास बुलेट या मालबाहक कोई भी गाडी भारतीय कस्टम्स, और भारतीय एसएसबी में इन्ट्री होता है ।
नेपाल प्रवेश करने से पहले अन्तिम चेकजाँच रुपईडिहा स्थित सीमा सुरक्षा बल(एसएसबी) करती है । नेपाल प्रवेश करने के बाद नेपालगन्ज भन्सार और सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल राजश्व तथा भन्सार सुरक्षा गुल्म पूरा विवरण रखता है । एसएसबी और सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल राजश्व तथा भन्सार सुरक्षा गुल्म का २०७४ भाद्र १ गते से १० गते तक के विवरणको अध्ययन के क्रम में ६१३ माल बाहक ट्रक की स्थिति गायब मिली है ।
नेपाल प्रवेश होने वाले सभी सवारी साधन, ब्यक्ति का विवरण उचित तरीके से संकलन किया जाता है एसएसबी रुपईडिहा के प्रमुख सुकुमार देव बर्मा ने कहा, विवरण में किसी प्रकार की कमी कमजोरी नहीं है ।
भन्सार कार्यालय से जो माल बाहक ट्रक गुजरते हैं उनका पूरा विवरण संकलन होता है, गुल्म का प्रमुख डीएसपी सन्तोष विक्रम शाह ने कहा, भन्सार कर लिया गया या नहीं यह चेक जाँँच सिर्फ भन्सार कर्मचारी के अधिकार क्षेत्र का विषय है ।

 

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