नेपालराष्ट्र बैंक गभर्नर डा चिरञ्जिबी नेपाल वित्तीय अपराध को नियन्त्रण में लाना चाहते हैं

कविता दास

कविता दास

कविता दास,२७, मार्च, काठमानडू । १९ ,मार्च २०१५ को नेपालराष्ट्र बैंक के १६ वाँ गभर्नर के पद पर डा चिरञ्जिबी नेपाल को नियुक्त किया गया है । अर्थमन्त्री डा रामशरण महत, पहला गभर्नर हिमालय शम्शेर जबरा और प्राध्यापक पार्थीवेश्वरतिमल्सिना की  समिति द्वारा डा नेपाल सहित राष्ट्र बैंक के दो डिपुटी गभर्नर गोपाल प्रसाद काफ्ले और महाप्रसाद अधिकारी का भी नाम सिफारिस किया गया था। डॉ नेपाल ने २२ मार्च २०१५ को प्रधानन्यायाधीश व्दारा पद तथा गोपनियता की सपथ लिया । वे एक नरम और मिलनसार स्वभाव के इंसान है । डॉ नेपाल प्रधानमन्त्री के आर्थिक सल्लाहकार, नेपाल धितोपत्र बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष तथा करिब एक दर्जन से भी ज्यादा बाणिज्य बैंक के प्रमुख कार्यकारी अधिकृत रह चुके हैं ।
गभर्नर डॉ. नेपाल के रुप में राष्ट्र बैंक को पहली बार रूल्स एंड रेगुलेसन में रहकर काम करने वाला गभर्नर मिला है , वह एक नियामक निकाय में रहकर आचुके है और कुछ दिक्क़त आने पर वह सयंम से अपना काम बखूबी से करना जानते है ।वे पूर्व गभर्नर युवराज खतिवडा के द्वारा किये गये काम को निरन्तरता देना चाहते है । डा.नेपाल एक निडर होकर वित्तीय अपराध को नियन्त्रण में लाना चाहते हैं ।

गभर्नर डॉ. नेपाल निजी क्षेत्र को पसंद करते है । वे चाहते है निजी क्षेत्र को सहज बनाने में रेगुलेटर ऐन, नियम और कानुन बनाया गया तो यह आगे बढ़ेगा और इसे सेल्फरेगुलेसन में ले जाना पड़ेगा जिसे निजी क्षेत्र को बहुत लाभ होगा ।

नेपाल के सन्दर्भ में देश की लगानी निजी क्षेत्र में ज्यादा है। उनके अनुसार इतना ज्यादा लगानी को वाइपास नहीं किया जा सकता है । वे निजी क्षेत्र को आगे बढ़ने के लिए सहज रूप से नीति ढूढ़ते है । उनके अनुसार बैंकिङ क्षेत्र को एक सहज महत्वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ेगी। इस क्षेत्र को सहज रुप में काम करने का वातावरण बनाने का दायित्व रेगुलेटर का है। समस्या आई तो उद्योग व्यवसाय को ही कठिनाइ सहनी पड़ेगी ।

chirinjivi nepal

chirinjivi nepal

गभर्नर डॉ. नेपाल अपने कार्य काल मे एकदम सौहार्द पूर्ण वातावरण में काम करना चाहते है। वे सब के साथ सल्लाह लेकर काम कारना चाहते है । वे राष्ट्रीय स्वार्थ को पूरा करने की चाह रखते है। अर्थतन्त्र को उॅचाई पे ले जाने के लिए निजी क्षेत्र के साथ सह कार्य करके आगे बढ़ना चाहते हैं।

डॉ नेपाल वित्तीय  क्षेत्र को अर्थ तन्त्र का ब्रेन मानते है। बैंकिङ क्षेत्र अर्थ तन्त्र का बहुत बड़ा अभिन अंग है। वित्तीय क्षेत्र को कभी भी गलत हिसाब से नहीं चलना चाहिए। गुड गभर्ननेस और कर्पोरेट गभर्नेन्स एक महत्वपूर्ण बात होती है।
वह अपने बैंकिङ क्षेत्र के मित्रों से सुशासन में रहने का सलाह देते है जिसे आम जनता विश्वास करे , जनता को विश्वास होगा तभी इससे बचत बढ़ेगा पैसा लगानी हो पायेगी ।

वित्तीय क्षेत्र को पारदर्शी बनाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में हुये विकास की वित्तीय प्रविधि , नयाँ कानुन, सन्धी और अभिसन्धी को आत्मसाथ बढ़ना जरुरी है । नेपाल में वित्तीय क्षेत्र में निश्चित सुधार आएगा।अब कानुन ऐसा बनना चहिये की लगानीकर्ता विश्वस्त होकर लगनी कर सके ।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

Notify of
avatar
wpDiscuz