नेपाली सेना मधेशीयों का प्रवेश मुसकिल, भर्ना प्रकृया अव्यवहारीक : उपेन्द्र महतो

upendra mahtoउपेन्द्र महतो, काठमांडू, मई २ |
कुल माग २ हजार २ सय १४ दरबन्दी मध्य २८१ दरबन्दी मधेशीयों के लिये आरक्षित किया गया है ।
आरक्षित कुल २८१ दरबन्दी मध्य १०८ दरबन्दी ऐसी जगह में दी गई है जहा मधेशीयों का बसोवास ही नही है व पहुँच से बाहर है ।
सम्वैधानिक हिसावसे देश संघीय लोकतान्त्रीक गणतन्त्र में आगे बढ रहा अवस्था है एवम् राज्यके सभी अङ्ग मे समानुपातिक समावेशी प्रतिनिधित्व के माग चौतर्र्फी होरहा है । अभी मधेश लगायत देश के विभिन्न भाग मे हो रहें आन्दोलन के एक प्रमुख माग राज्य के सम्पूर्ण अङ्ग, तह, निकाय व सेवा आयोगों में समानुपातिक समावेशी प्रतिनिधित्व प्रत्याभूति होने चाहिये ।
समानुपातिक समावेशी प्रतिनिधित्व का बात उठ्ते वक्त सब से पहले नेपाली सेना के उपर ही प्रश्न उठ्ता है । नेपाली सेना में सभी वर्ग और समुदाय आपना भी प्रतिनिधित्व खोजता हैे । कुछ दिन पहले मधेश आन्दोलन मे सरकार द्वारा सेना परिचालन करन पर मधेश में ब्यापक विरोध होने का मुख्य कारण सेना मे अपने जैसा चेहरा न दिखना भी था । लगभग एक लाख की जनशक्ती रहे नेपाली सेना मे मधेशी का उपस्थिती नगण्य है । कुछ है भी तो निचले दर्जा में रहे है ।
हाल ही में नेपाली सेना मे विभिन्न दर्जा के लिये २ हजार २ सय १४ दरबन्दी का भर्ना खुला है । जिस मे माग किया गया पदों में हरुमा लेखा, अमलदार कर्मचारी, सैन्य, सैन्य ड्राइभर, बन्दोबस्ती कार्य सिपाही, सुचिकार, कुचिकार, लोहार, धोबी, केशकर्तक, वैटर, टहलुवा, चर्मकर्मी, सिकर्र्मी, सयस जैसा रहें हैं । देश भर १७ स्थान मे रहे जंगी अड्डा, पृतना, गुल्म, गणसव से नेपाली सेना के विभिन्न पद में आवेदन माग किया गया है । सेना ने सैन्य जवान पद मे सर्वाधिक १हजार५सय७५ जनों का माग किया है ।
विभिन्न पदों में समावेशी तथा खुला प्रतिस्पर्धा से पूर्ति करने के लिए महिला, आदिवासी व जनजाती, मधेशी, दलीत, पिछड़ा क्षेत्र, खुला जैसा कला्स्टर में आवेदन आह्वान किया गया है ।
कार्यरथी बिभाग जंगी अड्डा में विभिन्न दर्जा के ४ सय ४२ पद जिस में ५४ मधेशी,
ईटहरी में विभिन्न दर्जा के १ सय ६८ पद जिस मे २१ मधेशी,
सिरहा में विभिन्न दर्जा के १ सय १० पद जिस में १५ मधेशी,
संखुवासभा में विभिन्न दर्जा के ७८ पद जिस में ९ मधेशी,
हेटौडा में विभिन्न दर्जा के १ सय २० पद जिस में १५ मधेशी,
जलेश्वर में विभिन्न दर्जा के १ सय १० पद जिस में १५ मधेशी,
भरतपुर में विभिन्न दर्जा के १ सय १० पद जिस में १४ मधेशी,
नवलपरासी में विभिन्न दर्जा के १ सय ६१ पद जिस में २१ मधेशी,
जोमसोम में विभिन्न दर्जा के ४० पद जिस में ५ मधेशी,
दमौली में विभिन्न दर्जा के २ सय ५ पद जिस में २६ मधेशी,
सुर्खेत में विभिन्न दर्जा के १ सय १४ पद जिस में १५ मधेशी,
जुमला में विभिन्न दर्जा के ८४ पद जिस में ११ मधेशी
सलयान में विभिन्न दर्जा के ७९ पद जिस में १० मधेशी,
धनगढी में विभिन्न दर्जा के १ सय ३६ पद जिस में १८ मधेशी,
आछाम में विभिन्न दर्जा के ८० पद जिस में १० मधेशी,
डडेलधुरा विभिन्न दर्जा के ९३ पद जिस में ११ मधेशी एवम् सिन्धुपाल्चोक में विभिन्न दर्जा के ८४ पद जिस में ११ मधेशी का आवेदन आह्वान किया गयाहै ।
कुल माग किया गया २ हजार २ सय १४ दरबन्दी मध्य २८१ दरबन्दी मधेशी के लिये आरक्षित किया गया है ।
नेपाली सेना ने समावेशी और खुला प्रतिस्पर्धा से पद पूर्ति करने के लिये आवेदन आह्वान किया है लेकिन जब तक समानुपातीक समावेशी प्रतिनिधित्व का ब्यवस्था नही होगा तब तक नेपाली सेना में सभी वर्ग और समुदाय द्वारा खोजे गए प्रतिनिधित्व नही हो सकता । किसी भी देश में आरक्षण का ब्यवस्था उस समुदाय के लिये किए जाते हैं, जिस का पहुँच राज्य का अङ्ग, तह, निकाय और सेवा में न्यून रहता है । हाल ही में नेपाली सेना द्वारा समावेशी और खुला प्रतिस्पर्धा से पद पूर्ति करने के लिए किए गऐ आवेदन आह्वान कुछ हद तक स्वागत योग्य होते हुए भी मधेशी के लिये आरक्षित आरक्षण कोटा के स्थानों में अव्यवहारीक है । मधेशी आरक्षण कोटा के उक्त स्थान में देना चाहिये जहा मधेशी समुदाय का बाहुल्यता है, जहा मधेशी आसानी से आवेदन भरने के लिये आ जा सकें । पर मधेशी क लिये आरक्षित कुल २८१ दरबन्दी मध्य १०८ दरबन्दी उसी जगह दिगई है जहा मधेशी का बसोवास नही है व पहुँच से बाहर है ।
आवेदन माग किया गया १७ स्थान मध्य ९ स्थान में ९ संखुवासभा, जोमसोम, दमौली, सुर्खेत, जुमला, सलयान, आछाम, डडेल्ऽधुरा, सिन्धुपालचोक में मधेशी का बसोवास नही है । आवेदन भरने के लिए आने जाने में भी आसान नही है । अभी मधेशी का नेपाली सेना में कम उपस्थिती होने के कारण मधेशी सेना में भर्ना होना नही चाहतें कह कर दल््््ील देरहं है । उस पर मधेशी के बसोवास और पहुँच से बाहर के स्थानो में मधेशी आरक्षण कोटा देना कितना व्यवहारीक है ?
आरक्षण कोटा में दरबन्दी निकाल्ना और कोई भी उतिर्ण नही हूवा है कह कर खुला के तरफ से पद पुर्र्ती कर रहें देखे जाने के कारण मधेशीयों के बसोवास और पहुँच से बाहर कें स्थानों में मधेशी आरक्षण कोटा देना अव्यवहारीक और सड्यन्त्रपूर्ण है । यदी नेपाली सेना सच में मधेशी को भी सेना में समावेश करना चाहा हो व भुलवस ऐसा होगया हो तो तुरून्त ठीक कर मधेशी को बसोवास और पहुँच के स्थानों में मधेशी आरक्षण कोटा का व्यवस्था करना चाहिये न की मधेशी को बसोवास व पहुँच के स्थान से बाहर के स्थान में । मधेशी भी राज्य सत्ता द्वारा हों रहें विभेद, जालझेल समाप्त करने के लिये सभी जगहों में जाकर आवेदन देना चाहिये और अतिरिक्त अधिकार के लिऐ लड्ते रहना चाहिये ।
लेखक सद्भावना पार्र्टी के केन्द्रीय सदस्य हैं ।

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