नेपाल की बद्हाली का जिम्मेवार है चीन : योगी आदित्यनाथ

सतेन्द्र कुमार मिश्र ,कपिलबस्तु,२९ नवम्बर
कल्ह गोरखपुर लोकसभा सदस्य महन्थ योगी आदित्यनाथ ने कपिलबस्तु के कृष्णनगर में डा.रुद्र प्रताप शाह के निवास स्थानपर प्रेस कन्फ्रेन्स के दौरान, भारतीय अघोषित नाकाबन्दी को अफवाह बताते हुए नेपाल के आन्तरिक परिस्थितियों के कारण नेपाल में नाकाबन्दी होने की बात कही है ।

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नेपाल के वर्तमान स्थिति के सम्दर्भ में उन्होने कहा कि,“नेपाल के अन्दर राजनैतिक संक्रमण काल का शिकार नेपाल की जनता बन रही है, अपने राजनीतिक स्वार्थ एवं नाकामयाबियों को छुपाने के लिए यहां का राजनैतिक दल नेपाल के ही नागरिकों को बांटने का कार्य कर रहा है । अपने स्वार्थ को छुपाने के लिए वह न केवल मधेश और पहाड को आपस मे लडा रहा है, अपितु नेपाल और भारत के अत्यन्त प्राचीन सौहाद्र्य सम्बन्ध को भी छीन्न भीन्न कर रहा है जो यह प्रदर्शित कर रहा था कि दोनों देश दो शरीर एक आत्मा है । एक स्थानीय सांस्कृतिक बिरासत और यही कारण रहा है कि नेपाल के साथ सांस्कृतिक और सौहार्द सम्बन्धाें को देखते हुए भारत सरकार ने कभी नेपाल के सीमा पर सेना तैनात नही की । नेपाल के हर विपत्ती में भारत नेपाल के साथ रहा है । नेपाल के सरकार के सामने यह एक स्वर्णिम अवसर था जब वह इन सम्बन्धों को और भी प्रगाढ बनाकर नेपाल को एक विकसित और सम्बृद्ध नेपाल बनाकर दुनिया के सामने अपने ताकत का एहसास कराती ।”
DSCN3776नेपाली तथा भारतीय पत्रकारों के सवालों के जवाब के दौरान उन्होने कहा,“नाकाबन्दी भारत ने नही की है अपितु नेपाल के परिस्थितियाें के कारण नेपाल में ही चल रही है नाकाबन्दी । नेपाल भारत के सीमा पर जितने भी लोग नाकाबन्दी कर रहे हैं, क्या वे भारतीय हैं ? या फिर सादी वर्दी में भारतीय सेना हैं ? नेपाल के संबिधान से असंतुष्ट मधेशी समुदाय कर रही है नाकाबन्दी । नेपाल के इस बदहाली का जिम्मेदार भारत नही बल्कि चीन है, जिसने नेपाल का रेशम मार्ग बन्द करके नेपाल को कंगाल बना दिया है । आज ओ चीन अगर नेपाल में घुसेगा तो वो तिब्बत के तर्ज पर नेपाल को भी निगल डालेगा । इसलिए यहां के राजनीतिक नेतृत्व जो नेपाल के हौसले के साथ खिलवाड कर रहे हैं । उससे नेपाली जनता को डटकर मुकाबला करना होगा । नेपाल के उपराष्ट्रपति तथा परराष्ट्रमन्त्री कमल थापा को भारतीय प्रधानमन्त्री, गृहमन्त्री तथा बिदेश मन्त्री ने आश्वस्त किया था कि भारत नेपाल के आपूर्ति में मदद करेगा । पर, उसका केवल एक ही मार्ग है और ओ है सडकमार्ग जो कि अवरुद्ध है । और इसका जिम्मेदार स्वयं नेपाल सरकार है । इसलिए नेपाल सरकार को जल्द से जल्द आन्तरिक मामलों को सुलझाने कोशिश करनी चाहिए ।”
उन्होने नेपाल के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखते हुए कहा कि,“हमे यह विश्वास है कि अगर नेपाल सरकार थोडा सा प्रयास करे तो नेपाल में ओ सारी सम्भावनांए हैं, जो नेपाल को एक सम्बृद्ध नेपाल के रुपमें स्थापित करके स्वीट्जरलैण्ड को कई कोसों दुर छोड सकती हैं । जिसके लिए नेपाल के राजनैतिक नेतृत्व को नेपाल की परम्परा, नेपाल की सांस्कृतिक विरासत और यहां के जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इमान्दारी से प्रयास करना होगा और अपने छुद्र राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं को त्यागना होगा ।
DSCN3777साथ ही भारत सरकार के बारम्बार इस बात के लिए आश्वस्त किए जाने के बावजूद जिस तरीके से भारत को कोसने और अपनी गलतीयो के लिए ही भारत सरकार के उपर आरोप प्रत्यारोप नेपाल के ओर से किए जा रहे हैं तथा जो दोष भारत के उपर मडा जा रहा है वह नेपाल भारत सम्बन्धों को प्रभावित हो सकने की सम्भावना भी उन्होने जाहिर की । संबिधान निर्माण में यहा के जनभावनाओं का अनादर और हिन्दू राष्ट्र के मांग को लेकर पूरे देश में हो रहे आन्दोलन को दबाने के लिए यहां की सरकार खासकर साम्यबादियों और माओबादियों ने मिलकर संबिधान में ऐसे प्रावधान किए जिससे मधेश समुदाय को ही द्वैय दर्जे का नागरिक बना दिए जाने तथा पुरे देश को आपस में लडा दिए जाने का आरोप योगी ने लगाया ।
हिन्दू राष्ट्र के सन्दर्भ में बात करने पर उन्होने कहा,“संबिधान के प्रारुप के सम्बन्ध में जब सरकार ने पूरे देश में सर्वे कराया था, तो ९५ फिसदी लोेग हिन्दू राष्ट्र के सम्बन्ध में अपना मत ब्यक्त किया था । फिर भी नेपाल के पहचान और अस्तित्व को समाप्त करनेपर उतारु यहां के कम्यूनिष्ट और माओबादी चीन और युरोपियन युनियन के दबाव में आकर न केवल यहा के पहचान को समाप्त किए हैं अपितु नेपाल के एकता और अखण्डता के साथ भी खिलवाड कर रहे हैं । जो कि जघन्य अपराध है । मै तो भगवान पशुपतिनाथ और गोरखनाथ से यही कामना करता हुं कि इनको सद्बुद्धि प्रदान करें । जिससे नेपाल भारत के प्राचीन सांस्कृतिक सम्बन्धों को वें और भी सुदृढ और मजबूत करें । जिससे दुनिया के अन्दर एक स्वतन्त्र, शसक्त और अखण्ड नेपाल देखने को मिले ।”
पे्रस कान्फ्रेन्स में चन्दा लाल, सनीउल्लाह, दिनेश मौर्या, आलोक ओझा, रवि शाह लगायत कई नेपाली तथा भारतीय मीडियाकर्मी मौजूद थे ।

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