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नेपाल के बुद्धिजीवि ‘चूहे’ की तरह बदमासी करते हैंः प्रधानमन्त्री ओली

काठमांडू, २३ अप्रिल । नेकपा एमाले के अध्यक्ष तथा प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने नेपाल के बुद्धिजीवि समुदाय के ऊपर गम्भीर आरोप लगाए है । पार्टी कार्यालय धुम्बाराही में सोमबार आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने बुद्धिजीवियों को ‘चूहे’ की चरित्र से तुलना किया ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि उनके द्वारा व्यक्त देश विकास और समृद्धि की बातों को राजा महेन्द्र से तुलना कर बद्धिजिवियों ने गम्भीर गलती की है । प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘मैंने देश विकास और समृद्धि की बात की है, लेकिन उसको राजा महेन्द्र से तुलना की जाती है । मैंने जनता की खुशी के लिए बात किया, लेकिन कहा जाता है यह तो राजा महेन्द्र की कथन है । जब मैं राराताल से सम्बोधन करता हूं, तब राराताल को ही ‘महेन्द्र ताल’ कहा जाता है । ऐसे बुद्धिजिवियों को देखकर मैं अचम्मित हो रहा हूं ।’
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि रेल, पानी जहाज जैसे मुद्दा के ऊपर जो प्रश्न किया जा रहा है, वह बिल्कुल असान्दर्भिक और आपत्तिजनक है । उन्होंने आगे कहा– ‘विकास और समृद्धि को विरोध करनेवालें भी कईं बुद्धिजिवी होते हैं क्या ?’ प्रधानमन्त्री ओली को मानना है कि बुद्धिजीवि ‘चूहा’ की तरह सक्रिय हो रहे हैं, जो देश–विरोधी क्रियाकलाप के लिए भी तैयार होते हैं ।
प्रधानमन्त्री ओली ने आगे कहा– ‘नेपाल के बुद्धिजीवि चूहे की तरह बदमास् हैं । जब बहू मायके जाने के लिए तैयार होती है, चुहा उनके लिए तैयार साड़ी को काट कर अवरोध खड़ा कर देता है । ससुराल जाने के लिए तैयार दामाद को अवरोध करने के लिए कोट को भी काट देता है ।’ सही काम को समर्थन करने के लिए आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व विद्यालय से सर्टिफिकेट लानेवाले सभी को बुद्धिजीवी नहीं कहा जाता ।

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