नेपाल के लिए रोलमोडल है बिहारः प्रधानमन्त्री

बरुणमाला मिश्रा
विराटनगर -पटना से लौटकर) । बिहार और नेपाल के बीच सामाजिक सांस्कृतिक और आर्थिक सम्बधो को आज एक नयाँ मुकाम मिला। १७ सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल के साथ पटना पहुँचे नेपाल के प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टर्राई ने चौबीस देशों के करीब एक हजार प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ‘ग्लोबल बिहार समिट’ का उद्घाटन करते हुए दक्षिण एशियाई देशों के बीच कमजोर आर्थिक एकीकरण पर चिन्ता जताई। उन्होंने कहा कि इसी कारण इन देशों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। नेपाल पहल कर रहा है और सीमा से सटा बिहार इस मोर्चे पर अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा- नेपाल बिहार के साथ मजबूत आर्थिक रिस्ता बनाएगा। पनबिजुली और पर्यटन के क्षेत्र में उन्होंने काम करने के लिए बिहार को न्योतादिया ।
भट्टर्राई ने कहा हिमाल का पानी बिहार की अनेक नदियों में जाता है। ये नदियाँ कोहराम भी मचाती हैं। बिहार और नेपाल आपस में मिलकर इस समस्या से निजात पा सकते हैं। नेपाल में पर्यटन के लिए पशुपतिनाथ एवं लुम्बिनी जैसे महत्वपर्ूण्ा स्थान हैं। बिहार पनबिजली के साथ पर्यटन के क्षेत्र से भी नेपाल के साथ बखूबी सहयोग कर सकता है। इन के अनुसार बिहार और नेपाल दोनों का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमन्त्री नीतिश कुमार के नेतृत्व में बिहार सबसे तेज विकास दरवाले राज्यों में शामिल हो गया है। बिहार को अभी मीलो आगे जाना है, लेकिन अबतक के विकास से ही हमर्ेर् इष्र्या होती है। हम बिहार के तेज विकास का गुर सीखेंगे। नेपाल अभी राजनीतिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, परन्तु लोकतान्त्रिक ताकत की मजबूती ही सबसे बेहतर समाधान है। लोकतन्त्र में केबल अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता और समानता ही नहीं, भागीदारी पर भी ध्यान देना होगा। हम वंचित, कमजोर एवं दलित की अधिक भागदारी के लिए कानून भी ला रहे हैं। सोसल एक्वीलीटी के बिना विकास का लक्ष्य पाना मुश्किल है। इसके साथ सामाजिक टकराव भी होगा। हमे गरीबी से सम्पन्नता की ओर छलांग लगानी होगी।
इसके लिए कृषि, भूमि सुधार, संसाधनों का उचित उपयोग आदि को प्राथमिकता देनी होगी। भ्रष्टाचार विकास की राह में सबसे बडÞा बाधक है। गलत राजनीतिक फाइनेसिंग भ्रष्टाचार की जननी है। इस पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सडÞक, सहित अनेक क्षेत्रों में सुधार के लिए नेपाल में हो रहे प्रयासो की भी चर्चा की। उन्होंने काठमांडू और पटना के गौरवशाली अतीत की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार तथा नेपाल आज भी पिछडेÞ हैं, इसका सबसे बडÞा कारण यह रहा है कि नव पूँजिवाद या औद्योगिक युग में हमने बदलाव नहीं लाया।
प्रधानमन्त्री भट्टर्राई ने कहा कि बिहार के साथ ना सिर्फनेपाल की सीमाएं मिलती है बल्कि हम अपनी अनेक जरुरतों के लिए बिहार पर निर्भर हैं। हमारा व्यापार और परिवहन व्यवस्था बिहार से जुडÞी है। बिहार के माहौल से अभिभूत प्रधानमन्त्री बाबुराम भट्टर्राई ने कहा कि बिहार का विकास होकर रहेगा। कम ही समय में समाज के हर क्षेत्र में इतना अधिक चमत्कारिक परिर्वतन होना इस बात का सबूत है कि बिहार ना सिर्फअन्य प्रदेशों बल्कि नेपाल के लिए भी समावेशी विकास का रोल मोडल बन सकता है। तीब्र विकास की तकनीक भी हम बिहार से सीख रहे हैं।
पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित ग्लोबल बिहार समिट के उद्घाटन समारोह का सञ्चालन कर रहे उद्योग विभाग के प्रधान सचिव सीके मिश्रा ने कहा कि यह मात्र सम्मेलन नहीं है, बल्कि बिहार की उन सफलताओं को प्रतिबिंबित कर रहा है, जिसकी र्सवत्र चर्चा हो रही है।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमन्त्री नीतिश कुमार, उपमुख्यमन्त्री सुशील कुमार मोदी के अलावा मारीशस के कला संस्कृति मन्त्री मुकेश्वर चून्नी, नेपाल के श्रम, पर्यटन एवं परिवहन मन्त्री सरिता गिरी, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोटेक सिंह अहलुवालिया, नेपाल के योजना आयोग के उपाध्यक्ष दीपेन्द्रबहादुर खत्री, नेपाल में भारत के राजदूत जयंत प्रसाद, सांसद एन के सिंह, मशहूर अर्थशास्त्री निकालेस र्स्र्टन, आइएचडी के अध्यक्ष अलख नारायण शर्मा, आद्री के सदस्य सचिव शैबाल गुप्ता, बिहार राज्य सरकार के सभी मन्त्री एवं विशिष्ट अधिकारी मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन मुख्य सचिव नवीन कुमार ने किया।
बाबूराम का स्वागत
ग्लोबल समिट याने चेंजिंग बिहार का उद्घाटन करने बिहार आए नेपाल के प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टर्राई का पटना हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। उनकी अगवानी के लिए मुख्यमन्त्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमन्त्री सुशील कुमार मोदी सहित बिहार सरकार की पूरी कैबिनेट मौजदू थी। विधान परिषद के सभापति और विधान सभाध्यक्ष भी उन का अभिवादन करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। मुख्यमन्त्री नीतिश कुमार ने भट्टर्राई को लाल गुलाब का गुलदस्ता भेट कर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
नीतिश को धन्यवाद
बदलते बिहार में वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करने आए नेपाल के प्रधानमन्त्री बाबुराम भट्टर्राई ने आमन्त्रित करने के लिए मुख्यमन्त्री नीतिश कुमार को धन्यवाद दिया। नेपाल लौटते वक्त मुख्यमन्त्री उन्हें विदा करने जयप्रकाश नारायण बहाई अड्डे पहुँचे तो प्रधानमन्त्री ने उनका हाथ थाम लिया और बोल पडेÞ नीतिश बाबु बिहार आकर अपार प्रसन्नता हर्ुइ। आप के नेतृत्व में बिहार में सचमुच विकास हो रहा है। बिहार तरक्की कर रहा है। आपने मुझे आमन्त्रित किया। इसके लिए में आप का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ। मुख्यमन्त्री कुमार ने भी समीट के उद्घाटन का आमन्त्रण स्वीकार करने और बिहार आने के लिए प्रधानमन्त्री भट्टर्राई का धन्यवाद किया। खासवात यह रही कि भट्टर्राई नेपाल के पिछले ऐसे प्रधानमन्त्री हैं, जो बिहार दौरे पर आए थे। इसके पहले नेपाल के राष्ट्राध्यक्ष के रुप में वर्ष१९६४ में नेपाल के महाराजा बिहार आए थे।
“जीडीपी का दर बढÞना विकास नहीं”
बिहार ग्लोबल समिट में मुख्यमन्त्री नीतिश कुमार ने कहा कि जीडीपी की दर बढÞना ही विकास नहीं है। विकास तब तक बेमानी है, जब तक समाज के अन्तिम आदमी का जीवन शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक रुप से विकसित नहीं हो जाता। इसलिए बिहार ने विकास का रास्ता चुना है। ‘न्याय के साथ विकास’ का मानव विकास हमारा मिशन है। अब हमे विशेष राज्य का दर्जा मिल जाए तो बिहार अपने आप विकसित बन जाएगा। मुख्यमन्त्री कुमार ने कहा बिहार और नेपाल भले ही पडÞोसी हैं लेकिन हमारे सम्बन्ध नैर्सर्गिक हैं। बिहार और नेपाल की अनेक समस्याएँ भी एक जैसी हैं। हमारी कई समस्याओं का समाधान नेपाल की मदद से हो सकता है। नेपाल के प्रधानमन्त्री ने बिहार आकर जता दिया है कि नेपाल हमारे सुख-दुःख में हमेशा साथ निभाएगा।

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