नेपाल गलैंचा निकासी कर्ता संघ की आठवीं साधारण सभा सम्पन्न।

काठमांडू । गलैंचा निकासीकर्ता संघ की आठवीं वार्षिक साधारणसभा का उद्घाटन रेडिएसन होटल में उद्योगमन्त्री अनिल कुमार झा द्वारा हुआ । निवर्तमान अध्यक्ष तथा तमलोपा के पूर्वसभासद कविन्द्रनाथ ठाकुर ने स्वागत करते हुए संघ कें अतीत एवं वर्तमान अवस्था के बारे में विचार व्यक्त किया । उन्होंने कहा– एक समय था, जब संघ के द्वारा ३३ लाख वर्गमीटर गलैंचा निकासी होता था, नेपाल के अर्थतन्त्र में अहं भूमिका साबित होती थी, जबकि वर्तमान में ६ लाख वर्ग मिटर मात्र निकासी होता है । नेपाली गलैंचा का अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढाने के लिए सरकार को अनेक सुझाव देते आ रहे हैं । ठाकुर इस संघ की अध्यक्षता १५ वर्ष से करते आ रहे थे । निर्विरोध नव निर्वाचित कार्य समिति को ठाकुर द्वारा माला पहनाकर उद्योगमन्त्री द्वारा बैंच प्रदान कर के अधिकार प्रत्यायोजन किया गया ।
सभा के प्रमुख अतिथि उद्योग मन्त्री अनिल कुमार झा ने नवनिर्वाचित कार्य समिति को अपनी मन्त्रालय और सरकार की ओर से बधाई देते हुए कहा कि अर्थमन्त्रालय और उद्योग मन्त्रालय के बीच समन्वयात्मक कार्यशैली न होने के कारण संतोषजनक कार्य नहीं हो रहा है, मै मानता हूँ । अर्थमन्त्रालय राजश्व मन्त्रालय बन कर रह गया है । पूर्ण बजेट न आने से भी कार्यनीति बाधित हो रही है । उद्योगपतियों के बिना कोई भी औद्योगिक आन्दोलन नहीं चल सकता है । तसर्थ उद्योगपतियों को समन्वयात्मक तरीके एवं उचित तरीके से आगे बढ़ना होगा । मैंने उद्योग मन्त्री बनने के बाद अपनी ओर से भरपुर प्रयास करके बन्द परे उद्योगों (जूट, चीनी) को सुचार रुप में चलाने के लिए अहं भूमिका का निर्वाह किया है । नेपाल से पलायन कर रहे युवा श्रमशक्ति को रोककर उसे उपयोगी दिशा में प्रयोग करना होगा । उद्योगपतियों तथा उद्योग मन्त्रालय दोनों को संयुक्त रुप में आगे बढ़ाने की जरुरत है । उद्योगों और उद्योगपतियों की समस्याओं को में अपनी ओर से हरेक सम्बन्धि विभागों में पहुँचाने की कोशिश करुँगा ।
इसी क्रम में निर्विरोध नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनुप मल्ल ने गलैंचा निकासी में विद्यमान त्रुटियों को हटाने तथा औद्योगिक हकहित प्राप्ति के लिए भरपुर प्रयास करने का प्रतिज्ञा किया । साथ ही निर्यात प्रक्रिया में वर्तमान दयनीय अवस्था का जिक्र करते हुए पड़ोसी देश भारत की तरह ही उद्योगों को प्रोत्साहित करने की नीति अवलम्बन करने का आग्रह नेपाल सरकार से किया ।
नेपाल चेम्बर अफ कमर्श के अध्यक्ष सुरेश वैद्य ने कहा– गलैंचा उद्योग संघ देश के अर्थतन्त्र में मेरुदण्ड का काम करता था । जो वर्तमान में श्रमिक समस्या और बैंक द्वारा न्यून ब्याज दर में ऋण उपलब्ध से समस्या जस का तस है । सरकार कुछ कहती है, पर राष्ट्र बैंक मौद्रिक नीति नहीं लाती है, सरकार का व्यवहार बिडम्बनापूर्ण है । सरकारी ईच्छाशक्ति होती तो सुधार अवश्य होता ।
नेपाल उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुरज वैद्य ने कहा, यह सरकार मात्र कर वसूल करनेवाली सरकार है, पार्टियों में सहमति नहीं होती है, ऐसी स्थिति में क्या होगा ? स्पष्ट नीति के अभाव मे युवा शक्तियों का पलायन हो रहा है, घर–घर में जाकर चन्दा वसूली कार्य हो रहा है, जिसे बन्द होना चाहिए । सरकार की ओर से न्यूनतम आर्थिक एजेण्डा आना ही होगा, नेताओं को सही नेतृत्व लेना ही होगा । अन्त में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभा विसर्जित हुई ।

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