नेपाल–भारत का सम्बन्ध रोटी बेटी के साथ रक्त का भी– पासवान

वीरगंज ३०, फागुन
नेपाल–भारत अन्तर सम्बन्ध एवम् मधेस विषयक विचार गोष्ठी को संवोधन करते हुए कार्यक्रम के प्रमुख वक्त एवँ भारत सरकार के पूर्व केन्दीय मन्त्री तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. डा. संजय पासवान ने नेपाल और भारत के सम्बन्ध रोटी–बेटी के साथ साथ खून के रिश्ते होने की बात बतायी । उन्होंने नेपाल में जारी मधेसियों के आन्दोलन सफल होने के साथ साथ शहीदों की शहादत यूँही नहीं जाएगी कहते हुए पहचान और अधिकार के आन्दोलन को जायज होने की बात बतायी ।
birganj
बुद्ध–जानकी स्टडी सेन्टर वीरगंज द्वारा आयोजित उक्त विचार गोष्ठी को संबोधन करते हुए कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि फोरम गणतान्त्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम् पूर्व सूचना तथा संचार मन्त्री राजकिशोर यादव ने कहा– सरकार मधेस आन्दोलन आन्दोलन को बदनाम करना चाहती है । उन्होने सरकार आन्दोल निश्तेज करने की खेल में लगे होने की बात बतायी । यादव ने आन्दोलन सफल ना होने तक जारी रखने की बात भी बतायी ।
दुसरे वक्ता सदभावना पार्टी के सह अध्यक्ष एवम् मन्त्री लक्षमणलाल कर्ण ने कहा– सरकार ने मधेसी जनता के साथ वार्ता के नाम से नौटंकी मात्र कर रही है और मधेसी जनता के भावना अनुरुप आन्दोलन के स्वरुपमे परिवर्तन कर रही है वताया ।
कार्यक्रम मे नेपाल सदभावना पार्टी के महासचिव शिव पटेल, नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के केन्द्रिय सदस्य विजय सरावगी, मधेस चिन्तन प्रतिष्ठान के अध्यक्ष अधिवक्त सुरेन्द्र कुर्मी लगायत के वक्ताओं ने नेपाल–भारत के सम्बन्ध को और भी मजबूती प्रदान करने की बात कही । 
 
शांत,समृद्ध, समुन्नत नेपाल हेतु मधेश समस्या का हल जरूरी-पूर्व मंत्री संजय पासवान
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रक्सौल/भारत और नेपाल का सम्बन्ध बेटी रोटी के साथ ही खून सम्बन्ध है .यह जन- जन का सम्बन्ध है इस सम्बन्ध को और प्रगाढ़ बनाने की जरूरत है.इसके लिए काठमांडू और दिल्ली की बजाये  सीमा के दोनों ओर संगोष्ठी,मैत्री अभियान को बढ़ावा देने की जरूरत है.मधेश की जनता ने अपने अधिकार और पहचान के लिए जो आन्दोलन खड़ा किया है,जो बलिदान दिया है,वह व्यर्थ नही जाएगा. उक्त  बातें पूर्व  केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता संजय पासवान ने बीरगंज में बुद्ध जानकी स्टडी सेंटर के तत्वाधान में शनिवार को ‘बृहद नेपाल भारत अंतर  सम्बन्ध एवं मधेश विषयक विचार गोष्ठी ‘ को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए कही.उन्होंने कहा-भारत हमेशा से नेपाल को शांत,समृद्द और सुखी देखना चाहता है.मधेश की समस्या समाधान ही नेपाल शांति-समुन्नति की राह पर बढ़ सकेगा.जबकि,नेपाल के पूर्व संचार मंत्री और फोरम गणतान्त्रिक के अध्यक्ष राजकिशोर यादव  ने कहा कि नेपाल की सरकार हमेशा से मधेश विरोधी रही है.इस बार भी दमन का षड्यंत्र में  है.पर मधेश हार नही मानेगा.जब तक अधिकार नही मिलजाता,आन्दोलन नही थमेगा.चाहे जितनी भी क़ुरबानी देनी पड़े. वही,,इंडो नेपाल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि रक्सौल की जनता ने सदैव नेपाल के लोकतंत्र की बहाली और मजबूती के लिए सहयोग दिया है.हम सब कुछ बदल सकते है.पड़ोसी नही .पड़ोसी अगर दुःख में रहेगा,तो,हम भी चैन से नही रहेंगे.इसी लिए मधेश की समस्या का हल और नेपाल में शांति-प्रगति भारत के लिए भी उतना ही महत्व रखता है ,जितना पड़ोसी नेपाल के लिए.गोष्टी में नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के केन्द्रिय सदस्य बिजय सरावगी, मधेस चिन्तन प्रतिष्ठानका अध्यक्ष अधिवक्ता सुरेन्द्र कुर्मी, प्रोफेसर डा. दिपक शाक्य,फोरम लोकतान्त्रिक पर्सा के अध्यक्ष शशिकपुर मियाँ, तराई मधेस महिला संघ की केन्द्रिय सदस्य पिंकी यादव,बनारस के बरिष्ठ पत्रकार रुपेश पाण्डे,बिहार बिश्व बिद्यालय के प्रध्यापक डा. अनिल पासवान ,नेपाल पत्रकार महासंघ पर्सा के अध्यक्ष श्याम बन्जारा, ईण्डो नेपाल चेम्बर अफ कामर्स के सचिव कृष्णा प्रसाद,समेत अन्य ने सम्बोधन किया. 
यह कार्यक्रम मुल आयोजक समिती के बरिष्ठ सदस्य बिजय महासेठ के सभापतित्व में  सम्पन्न हुआ. मधेसी पत्रकार समाज पर्सा के अध्यक्ष संतोष पटेल ने सहजीकरण तथा स्वागत मन्तव्य युवा नेता ईश्वर यादव व धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक ओम प्रकास सर्राफ ने किया .गोपाल मण्डलीमा आयोजित गोष्टी में सभासद लालबाबु राउत,पुर्व राज्यमन्त्री करिमा वेगम,वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रकिसोर झा,नेपाल पत्रकार महासंघ के केन्द्रिय सदस्य शितल महतो,वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघका पुर्व अध्यक्षद्वव गणेशलाठ व ओमप्रकास सिकारीया ,पुर्व सभासद आत्माराम साह,नेपाल सदभावना पार्टी के सह अध्यक्ष लक्ष्मण लाल कर्ण,केन्द्रीय नेता देवेन्द्र मिश्रा,निजामुद्दीन समानी,तराई मधेस महिला संघ की केन्द्रिय सदस्य रेखा कर्ण,समेत पत्रकार संजय सिंह ,धर्मेन्द्र गुप्ता आदि उपस्थित थे.
 
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