नेपाल-भारत व्यापार मेला-२०१४

नारद तिवारी:नेपाल तथा र्सार्क राज्यों में उत्पादित वस् तुओं का बाजार पर््रवर्द्धन के उद्देश्य के साथ वीर गंज उद्योग वाणिज्य संघ ने आगामी फागुन के पहले हफ्ते में नेपाल-भारत व्यापार मेला का आयोजन करने का निर्ण्र्ााकिया है। वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के मूल आयोजन में ‘नेपाल-इण्डिया टे्रड एक्स्पो-२०१४’ में उद्योग, व्यवसाय, पर्यटन, प्रविधि तथा कृषिसम्बन्धी बृहत महोत्सव तथा पर््रदर्शनी आयोजित होगी।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, नेपाल सरकार, उद्योग मन्त्रालय, लघु घरेलू तथा साना उद्योग विकास कोष, वीरगंज उपमहानगरपालिका, जिल्ला विकास समिति पर्सर्ााइस कार्यक्रम के आयोजक हैं। इसक व्यवस्थापन माइण्डस् नेपाल प्रा.लि. कर रही है। आठ दिना ंे तक लगातार चलनवे ाल े इस महात्े सव म ंे पडाÞ से ी राष्टा्र ंे क े लगानीकतार्, उत्पादक, वितरक, नियार्त कतार् सबा ंे का े एक ही मञ्च म ंे उत्पादना ंे क े बार े म ंे जानकारी उपलब्ध करार्इ जाएगी। महात्े सव म ंे लगभग दा े सा ै स्टल रहगंे ।े इस मले े म ंे पाचँ लाख र्सवर्स ाधारण तथा व्यापारिया ंे द्वारा अवलाके न हाने े की सम्भावना ह ै तो बीस करोडÞ से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ ने की है।

विद्यालय निर्माणमें भारतीय सहयोग

वीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूत अञ्जु रंजन ने एक समारोह में नेपाल और भारत के बीच प्रगाढÞ सुमधुर सम्बन्ध होने की बात बताई है। महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित एक समार ोह में हाल ही में कार्यभार संभालनेवाली महावाणिज्यदूत अञ्जु रंजन ने मकवानपुर जिला दामन गाविस स्थित जनकल्याण माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण के लिए पहली किस्त का चेक विद्यालय को हस् तान्तरण किया। भारत के सहयोग में चार करोडÞ बाइस लाख सत्र हजार की लागत में वहाँ माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण हो रहा है।

बालविवाहविरुद्ध संयुक्त अभियान

नारायण अञ्चल प्रहरी और परिवर्तन युवा क्लब के संयुक्त अभियान में बाल विवाह के विरुद्ध में पर्सर्ााजला में अनेक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। तर्राई में भी पहाडÞ की तर ह छोटी उमर में ही शादी कर देने की कुर ीति परम्परा से विद्यमान है। छोटी उमर में जो शादी होती है, वह एक सामाजिक कुरीति है। और इसका अन्त्य होना चाहिए। इसके साथ ही शादी में दहेज देने की जो प्रथा है और इस प्रथा से सम्बन्धित जो महिला हिंसा होती है, इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए बालविवाह को रोकना बहुत जरूरी है।

इस बात को यहाँ के कलाकार नाटक दिखा कर ग्रामिणों को सचेत कर रहे हैं। हांलाकि यह देशव्यापी समस्या है और पर्सर्ााजला बालविवाह के मामले में चौथे स्थान पर है। यहां खास कर दस से चौध वर्षके किशोर-किशोरि यों का विवाह अभिभावकों की स्वीकृति से होते रहते हैं। पर्सर्ााे प्रहरी प्रमुख प्रहरी उपर ीक्षक धीरजप्रताप सिंह का कहना है- इस कुरीति को बन्द तो करना चाहिए, लेकिन अभिभावकों की स्वीकृति से जब कोई विवाह होता है तो उसे रोकने में कुछ कठिनाई तो होती ही है।

तरार्इ म ंे पच्र लित दहजे , बालविवाह आरै महिला हिसं ा इन सबा ंे का े राके न े क े लिए काननू विद्यमान ह।ंै फिर भी हम लागे उसका कायार्न् वयन बहतु कम ही कर पा रह े ह।ंै जिसक े चलत े एसे े रिवाज अभी तक पच्र लित ह।ंै इसक े लिए शिक्षा आरै सचते ना दाने ा ंे की जरूरत ह।ै इस सिलसिल े म ंे ‘पश्चात्ताप’ नाटक क े कलाकार बखबू ी गा्र मीण क्षत्रे ा ंे म ंे जनता का े सचते कर रह े ह।ंै उनका पय्र ास सराहनीय ह,ंै -एसे ा वरिष्ठ उपरीक्षक र्सवर्न्े द ्र खनाल न े बताया।

Loading...

Leave a Reply

Be the First to Comment!

avatar
  Subscribe  
Notify of
%d bloggers like this: